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30 वर्ष पुराने नीलगिरी के हरे-भरे वृक्षों का वन माफियाआें ने किया कत्लेआम

30 वर्ष पुराने नीलगिरी के हरे-भरे वृक्षों का वन माफियाआें ने किया कत्लेआम

भमोड़ी जलाशय अध्यक्ष ने कलेक्टर, एसपी, कान्हीवाड़ा थाना में दी शिकायत 

बेचने और काटने वाले ने क्या लाभ कमाया और पर्यावरण को कितना नुकसान पहुंचाया होगा

कान्हीवाड़ा पुलिस थाना व तहसीलदार को दी गई है सूचना-श्रीराम बघेल एसडीओ

सिवनी। गोंडवाना समय। 

पूरे देश में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने पर मां के नाम एक पेड़ अभियान चलाये जाने की तैयारी बीते मई माह से ही सरकार, शासन, प्रशासन द्वारा की जा रही है।
            


 वहीं दूसरी ओर जल संसाधन विभाग सिवनी और ग्राम पंचायत मुण्डरई में भमोड़ी जलाशय के पास लगभग 5 एकड़ में लगे लगभग 50 से अधिक नीलगिरी के वृक्ष की अवैध कटाई की जांच कराकर दोषियों पर एफआईआर दर्ज कराकर कानूनी कार्यवाही व विभागीय कार्यवाही कराये जाने की मांग भमोड़ी जलाशय के अध्यक्ष गनाराम चंद्रवंशी सहित क्षेत्रिय ग्रामीणों ने किया है। 

30 वर्ष पूर्व लगाये गये थे नीलगिरी के वृक्ष 


जल संसाधन विभाग सिवनी अंतर्गत ग्राम पंचायत मुण्डरई में स्थित भमोड़ी जलाशय के पास लगभग 4 से 5 एकड़ भूमि में नीलगिरी के लगभग 200 वृक्ष जो कि 30 वर्ष पूर्व लगाये गये थे। वर्तमान स्थिति में आज भी जो नीलगिरी के वृक्ष है उसकी उंचाई, मोटाई देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि काटे गये वृक्षों की बाजारू कीमत क्या होगी। बेचने वाले और काटने वाले ने क्या लाभ कमाया होगा और पर्यावरण को कितना नुकसान पहुंचाया होगा। 

वृक्ष को काटकर ट्रक व टेक्टर में भरकर ले जाया गया 


भमोड़ी जलाशय के अध्यक्ष ने जानकारी देते हुये बताया कि इसमें लगभग 50 से अधिक नीलगिरी के वृक्षों को इलेक्ट्रानिक आरा मशीन से काटकर, ट्रक व टैज्क्टर में भरकर 25 मई 2026 को ले लाया गया है। इसकी जानकारी पूर्व चौकीदार दुलम मरकाम और क्षेत्रिय ग्रामीणों ने दिया था कि नीलगिरी के वृक्ष को काटकर गाड़ी में भरकर ले जाया गया है। 

एसडीओ और उपयंत्री को फोन के माध्यम से दी थी सूचना 


वहीं भमोड़ी जलाशय अध्यक्ष जब मौका स्थल पर गया तो वहां देखा कि नीलगिरी के लगभग 50 से अधिक वृक्ष काटकर ले जा लिया गया है। इस संबंध उनके द्वारा एसडीओ श्रीराम बघेल को भी फोन के माध्यम से जानकारी दी गई थी। इसके साथ ही उपयंत्री को भी फोन के माध्यम से सूचना दी गई थी। वहीं उन्हें नीलगिरी पेड़ काटने वाले स्थल पर आने के लिये कहा गया था लेकिन वे आज दिनांक तक नहीं आये और टालमटोल करते रहे। 

वृक्ष को डेढ़ लाख रुपए में बेचा गया 


लगभग 30 वर्ष पुराने नीलगिरी के वृक्षों को काटकर, ट्रक व टैÑक्टर में भरकर लेकर जाने के विषय में किसी भी तरह की कोई कार्यवाही नहीं होने से ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है। वहीं जल संसाधन विभाग के एसडीओ साहब और उपयंत्री, प्रभुदयाल ऐड़े भी कोई संज्ञान नहीं ले रहे है। पर्यावरण को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। वहीं चौकीदार का कहना है कि उक्त वृक्ष को डेढ़ लाख रुपए में बेचा गया है। अब इन वृक्षों को किसने बेचा और किसने काटा है, इसकी जांच कराकर संबंधित व्यक्तियों पर एफआईआर दर्ज कराकर, कानूनी  कार्यवाही के साथ साथ विभागीय कार्यवाही की मांग की गई है। 

पुलिस थाना में दी गई लिखित सूचना 

वहीं जब इस संबंध में एसडीओ श्रीराम बघेल से चर्चा की गई तो उन्होंने बताया कि उक्त पेड़ कटाई की जानकारी हमें मिली है। वहीं इस संबंध में हमारे द्वारा कुछ दिनों पहले ही कान्हीवाड़ा पुलिस थाना व तहसील कार्यालय में सूचना दे दी गई है। इसके साथ ही उक्त पेड़ जहां लगे है उक्त भूमि जल संसाधन विभाग की नहीं है। इसके बाद भी मुझे सूचना मिली तो मेरे द्वारा संबंधित विभाग को सूचित लिखित रूप से की गई है। 

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