कस्तुबरा गांधी बालिका छात्रावास गोरखपुर वार्डन प्रभारी अंजना शर्मा है या संजू गोयल ?
छात्रावास की लड़कियों को लेकर अनैतिक व अमर्यादित चर्चा संजू गोयल ने क्यों किया ?
छात्रावास की मेडम की चापलूसी करने के बदले में मिलने वाला खर्चा की हुई चर्चा
चावल, गेंहू के बदले में 90 हजार रूपये की डिमांड सहित अन्य चर्चाओं की जांच और कार्यवाही जरूरी
भूख हड़ताल 7 दिनों से जारी, वार्डन प्रभारी बचाव में लगा रही दाव पेंच से प्रभावित हो रहे अधिकारी
गोरखपुर/छपारा। गोंडवाना समय।
आदिवासी विकासखंड छपारा के अंतर्गत कस्तुरबा गांधी बालिका छात्रावास गोरखपुर की जांच पड़ताल में संभवतय: आज तक ईमानदार अधिकारियों के हाथों तक नहीं पहुंची है नहीं तो कई वर्षों पहले ही आर्थिक अनियमितता के साथ साथ पूरी वास्तविकता सामने आ सकती थी।
हमाम में सब ........... है कि तर्ज पर और साथ में गांधी छाप चश्मा पहनकर व्यवस्था को पुराने ढर्रे में चलाना चाहते है।
लड़कियों को लेकर अनैतिक चर्चा की होना चाहिये जांच
छपारा के आज का मुद्दा वाट्एशप सोशल मीडिया ग्रुप मे चली चर्चा और की गई पोस्ट की जांच यदि ईमानदार अधिकारी से जांच करा ली जाये तो अधिकारी यह सोचने पर मजबूर हो जायेंगे कि कस्तुरबा गांधी बालिका छात्रावास गोरखपुर की वार्डन प्रभारी अंजना शर्मा है या संजू गोयल है ?
जिस तरह से सोशल मीडिया में छात्रावास की कार्यप्रणाली को लेकर संजू गोयल के द्वारा पोस्ट डाली गई है उसमें छात्रावास की लड़कियों की डिमांड से लेकर, रूपये की डिमांड, पानी, गेंहू चावल देने और 90 हजार रूपये लेंगे से लेकर छात्रावास की मेडम की चापलूसी करने के बदले में मिलने वाला खर्चा, अनैतिक मांग,
छात्रावास का कमीशनबाजी पानी से लेकर पाई पाई का लेखा जोखा का हिसाब और छात्रावास की लड़कियों चाहिये रात बिताने के लिये इस तरह की अमर्यादित अनैतिक भरी चर्चा सोशल मीडिया गु्रप में संजू गोयल के द्वार की गई है।
अब सवाल यह उठता है कि आखिर कस्तुरबा गांधी बालिका छात्रावास गोरखपुर की वार्डन प्रभारी अंजना शर्मा है या संजू गोयल है यह डीपीसी कार्यालय और ए सी कार्यालय के अधिकारियों को और गांधी छाप चश्माधारियों को छोड़कर अन्य कोई ईमानदार अधिकारी ही बता सकता है।
सिवनी जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन को छपारा के सोशल मीडिया ग्रुप आज का मुद्दा में लड़कियों को लेकर अनैतिक चर्चा की गई है वह गंभीर विषय है इस पर संज्ञान लेकर इसकी वास्तविकता की पड़ताल करना चाहिये अन्यथा कानूनी कार्यवाही की जाना चाहिये।
चौपहिया वाहन से लेकर भोजन तक की सुविधा
कस्तुरबा गांधी बालिका छात्रावास की प्रभारी वार्डन की अच्छी एवं कर्तव्यनिष्ठ कार्यप्रणाली से प्रभावित होकर कुछ पालक जिस दिन से भूख हड़ताल प्रारंभ हुई है उस दिन चौपहिया वाहन में गांव-गांव का दौरा कर रहे है। डीजल की महंगाई का असर भी नहीं हो रहा है, यहां तक जनसुनवाई में सिवनी छोड़कर कुरई तक फोरव्हीलर वाहन में सम्मानीय पालक पहुंच गये थे।
सूत्र बताते है कि कुरई पहुंचे पालक में कुछ गांव के ग्रामीण भी थे जो पालक नहीं थे अब सच क्या है यह तो वे ही जानते है लेकिन इस संबंध में प्रकाशित हुये समाचार व वीडियों की जांच होना चाहिये। वहीं सूत्र तो यह भी बताते है कि जो पालक कुरई तक पहुंचे थे उन्हें वापसी में कस्तुरबा गांधी बालिका छात्रावास में भोजन पार्टी की सुविधा भी प्रदान की गई थी जबकि छात्रावास में ऐसी गतिविधियों पर प्रतिबंध है।
पालको को भोजन पानी की सुविधा की सत्यता वहां पर लगे सीसीटीव्ही कैमरा से सामने आ सकता है और कितने उसमें पालक थे और कितने अन्य लोग शामिल थे यह भी खुलासा हो सकता है। इसकी सत्यता जांच के बाद सामने आ सकती है। भूख हड़ताल प्रारंभ होने के दिन से चौपहिया वाहन की सैर सपाटका का खर्च आखिर कौन उठा रहा है यह जांच का विषय है क्यों कि सावन के अंधो को सब हरा हरा ही नजर आ रहा है उनसे उम्मीद करना भी न्यायोचित नहीं है।
ए सी ने कहा गोंडवाना वालो अपनी छवी सुधारों ?
भूख हड़ताल स्थल पर पहुंचे सहायक आयुक्त ने गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के पदाधिकारियों से चर्चा के दौरान यह कह दिया कि गोंडवाना वालों तुम अपनी छवी सुधारों यहां तक कि पाकिस्तानी जैसे शब्दों का भी उपयोग किया। यह धरना स्थल पर मौजूद गोंगपा के पदाधिकारियों का कहना है।
सहायक आयुक्त धरना स्थल पर यह कहते जरूर नजर आये कि छात्रावास वार्डन प्रभारी को नहीं हटा पायेंगे और जिसका अच्छा कार्यकाल रहता है तो उसे 3 साल से भी ज्यादा रखा जा सकता है। ऐसा कुछ नहीं है इस तरह की बातें करके ए सी साहब आश्रम की ओर रवाना हो गये। सूत्रों की माने तो आश्रम पर पहुंचे ए सी साहब ने पालक को यह सलाह दे दिया कि वो नहीं मान रहे है तो तुम भी धरना में बैठ जाओं।
भूख हड़ताल का 7 वां दिन भी जारी रहा
कस्तुरबा गांधी बालिका छात्रावास गोरखपुर की प्रभारी वार्डन को हटाकर नई नियुक्ति की जाने की मांग को लेकर बिरसा मुण्डा जी की प्रतिमा स्थल पर बीते 7 दिनों से भूख हड़ताल देवी सिंह अरबे सिवनी ब्लॉक अध्यक्ष एवं जिला महामंत्री द्वारा की जा रही है। उक्त धरना स्थल पर प्रथम दिवस से ही प्रशासन द्वारा मेडिकल जांच आदि की कार्यवाही की जा रही है। वहीं जिला प्रशासन से भी अधिकारी कर्मचार भी भूख हड़ताल की मांगों के संबंध में जानकारी लेने पहुंचे है। इस दौरान कुछ अधिकारियों से धरना स्थल पर गोंगपा पदाधिकारियों से सकारात्मक चर्चा भी हुई है। गुरूवार 18 जून को भूख हड़ताल का 7 वां दिन भी जारी रहा।
छात्रावास के गेट के सामने लगे पंडाल को लेकर हो रही चर्चा
सहायक आयुक्त सिवनी के द्वारा पालकों को भूख हड़ताल धरना देने की सलाह देने के बाद बीते लगभग दो दिनों से कस्तुरबा गांधी बालिका छात्रावास गोरखपुर के गेट के सामने एक पंडाल गड़ा हुआ है। जहां पर अभी तक कोई नजर नहीं आ रहा है, अब पंडाल स्वागत सत्कार के लिये गड़ाया गया है या वार्डन प्रभारी के समर्थन में धरना के लिये गड़ाया गया है, इसको लेकर असमंजस है लेकिन चौपहिया वाहन के खर्च की तरह और भोजन पानी की सुविधा की तरह पंडाल का खर्चा बीते दो तीन से बिना कारण ही टेंट वालों के जेब में जा रहा है।
छपारा जनपद अध्यक्ष पर टीका टिप्पणी
आज का मुद्दा सोशल मीडिया ग्रुप में जनपद पंचायत छपारा के अध्यक्ष सदम सिंह बरकड़े को लेकर भी टीका टिप्पणी की गई है। जनपद पंचायत अध्यक्ष छपारा सदम सिंह बरकड़े अपनी एक विशेष छवी को लेकर जिला प्रशासन में अपनी पहचान रखते है। इसके बाद भी उनकी कार्यप्रणाली को लेकर भी टीका टिप्पणी करते हुये सवाल उठाये गये है।







