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गोंडवाना समय ई पेपर 12 अक्टूबर 2018

आदिवासी के देव, बिरसा मुण्डा व अंबेडकर के चित्र पर आचार संहिता की पुताई


घंसौर। गोंडवाना समय। विधानसभा चुनाव आचार संहिता का पालन कराने के लिये निर्वाचन अधिकारियों के निर्देश पर ऐसे कार्य-प्रचार-प्रसार जो राजनैतिक गतिविधि से जुड़े हुये है जिनमें कि राजनैतिक दलों के झंडे, बैनर, पोस्टर सहित दीवारों में लिखे हुये स्लोगन को हटाया व मिटाया जा रहा है ताकि मतदाता प्रभावित न हो सके और निर्वाचन आयोग का नियम नीति का पालन कड़कता से करवाया जा सके । आचार संहिता का पालन कराये जाने एवं निर्वाचन नियमों का पालन करवाये जाने को लेकर को की जा रही पुताई पर सिवनी जिले के घ्ांसौर ब्लॉक के ग्राम छीतापार में सभामंच में बने प्रकृति शक्ति फड़ापेन सल्ला घांघरा के प्रतीक चिह्न, क्रांतिसूर्य महामानव बिरसा मुण्डा, संविधान निर्माता डॉ भीमराव अंबेडकर जी के चित्र पर रंग पोतकर मिटा दिया गया है। हालांकि इस मामले में घंसौर ब्लॉक के कोयतोड़ महासभा ने आपत्ति जताते हुये इसे अपमानित कृत्य बताते हुये लिखित में गुरूवार को घंसौर एसडीएम को आवेदन सौंपकर न्यायोचित कार्यवाही की मांग भी किया है एवं पूर्व की तरह चित्रों को यथावत रखने की मांग की गई है। आचार संहिता का पालन कराये जाने को लेकर जिस तरह से देश की शान और आदिवासी के धार्मिक प्रतीक चिह्न पर पुताई किये जाने पर क्षेत्र में नाराजगी व आक्रोश भी व्याप्त है । क्षेत्रिय ग्रामीणों व कोयतोड़ महासभा के पदाधिकारियों का कहना है कि आचार संहिता का पालन सबको करना चाहिये इसका समर्थन हम भी करते है सभा मंच में क्षेत्रिय विधायक योगेन्द्र सिंह बाबा का नाम लिखा था तो उसे यदि मिटाना था उसमें हमें कोई आपत्ति नहीं थी और नाम भी ऊपरी हिस्से में लिखा हुआ था या जो राजनैतिक गतिविधि है या कार्य उन पर इस प्रकार के हटाने व मिटाने का कार्य किया जाना चाहिये लेकिन ग्राम छीतापार जो घंसौर मुख्यालय में स्थित वरिष्ठ प्रशासनिक कार्यालयों से कुछ ही दूरी पर है वहां पर सभा मंच में बने धार्मिक, महापुरूषों के प्रतीक चित्रों को हटाना निदंनीय कृत्य है । इसकी जांच होनी चाहिये व कार्यवाही करते हुये वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों व निर्वाचन आयोग से हम अपेक्षा करते है कि आचार संहिता के दौरान की जा रही कार्यवाही में किसी की भावना पर कुठाराघात न किया जाये या धार्मिक, महान व्यक्तिवों के सम्मान का पूरा ध्यान रखा जाये । कोयतोड़ महासभा के पदाधिकारियों का यह भी कहना है कि घंसौर क्षेत्र में लगे पीले झण्डे जिनमें प्रकृति शक्ति फड़ापेन का प्रतीक चिह्न अंकित है वह किसी पार्टी का झंडा नहीं है वह गोंडी धर्म के अनुयायियों की आस्था से जुड़ा हुआ परंतु पीले झण्डे को राजनैतिक दल का झण्डा समझकर निकाला जा रहा है इसमें भी संज्ञान लेने कीआवश्यकता उन्होंने बताया है । 


इनका कहना है 

कांग्रेस पार्टी यह मांग करती है कि धार्मिक चित्रों, महापुरूषों के चित्रों को ससम्मान की नजरों से देखा जाये उन्हें आचार संहिता की नजरों या नियमों के दायरे में लाना कतई उचित नहीं है और घंसौर के छीतापार में आदिवासी के देव, बिरसा मुण्डा, अंबेडकर जी के चित्रों को यथावत ससम्मान किया जाये एवं भविष्य में ध्यान रखा जाये  रखा जाये । 
राजकुमार खुराना जिला अध्यक्ष कांग्रेस सिवनी


इस मामले में बहुजन समाज पार्टी के जिला अध्यक्ष उमाशंकर बंदेवार का कहना है कि आचार संहिता का उल्लंघन की श्रेणी में न तो बिरसा मुण्डा आते है, न अंबेडकर जी आते है और आदिवासियों का धार्मिक चिह्न आता है लेकिन घंसौर ब्लॉक के ग्राम छीतापार में ऐसा किया गया है तो बसपा उसकी निंदा करती है एवं संबंधितों पर कार्यवाही की मांग करती है । 
उमाशंकर बंदेवार जिला अध्यक्ष बसपा

आचार संहिता का पालन कराने के लिये जिस तरह निर्वाचन कार्य में लगे हुये जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों के द्वारा फड़ापेन शक्ति, बिरसा मुण्डा, अंबेडकर जी के चित्र को पोतकर मिटाया गया है इसकी गोंगपा निंदा करती है एवं यथावत करवाने की मांग किया है । 
मनीराम काकोड़िया ब्लॉक अध्यक्ष घंसौर

मुझे जानकारी मिली है और यह कार्य नसमझी के चलते किया गया होगा ऐसे कोई निर्देश हमारे द्वारा नहीं दिया गया है कि बिरसा मुण्डा, आदिवासी के देव चित्र या अंबेडकर जी के चित्रों को मिटाया जाये इस संबंध जांच की जा रही है नियमानुसार कार्यवाही की जायेगी । 
रजनी वर्मा एसडीएम घंसौर 

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