Sunday, February 10, 2019

कुरई में जनहित व संवैधानिक मांगो को लेकर अनिश्चितकालीन धरना प्रारंभ

कुरई में जनहित व संवैधानिक मांगो को लेकर अनिश्चितकालीन धरना प्रारंभ

6 फरवरी से बैठे है धरने पर

सिवनी। गोंडवाना समय। 
भारतीय संविधान कि रक्षा और उसके परिपालन को लेकर कुछ संविधान प्रेमी के द्वारा बीते 6 फरवरी 2019 से कुरई मुख्यालय में अनिश्चितकालिन धरना आन्दोलन किया गया । जहां पर पारम्पारिक ग्राम सभाओ तहसील कुरई के प्रतिनिधि व जीजीपी कार्यकर्ता शामिल है। जो लगभग पिछले 2 वर्षों से कुरई जैसे संवैधानिक क्षैत्र मे  माननीय सुप्रीम कोर्ट और पिछली सरकारो के द्वारा दिये गये फैसले और विधेयक व परियोजनाओं सहित अपनी को लेकर संघर्ष कर रहे है । जनजातिय बाहुल्य ब्लॉक कुरई में अनिश्चित कालीन धरना प्रदर्शन में उन्होंने अपनी मांगों में विशेष रूप से संकुल स्तर पर आधारकार्ड बनाने वाली मशीन उपलब्ध कराने की मांग किया है ताकि आम आदमी को समस्या का सामना करना न पडे, वन विभाग व्दारा वन प्रबंधन समितिया कुरई ब्लॉक में बनाई जाये जो कि नहीं बनाई गई है व समिति मे वन अधिकार अधिनियम से संबंधित पुस्तक को नि:शुल्क वितरित किया जाये, जल, जंगल व जमीनो पर मूल मालकियत दिया जाये, जिसे पट्टा कहा जाता है। वहीं विभिन्न तहसील व जिला मुख्यालय के कार्यलयो मे आदिवासियों से अभद्र व्यवहार न किया जाये उन्हें सम्मान दिया जाये क्योकि वह इस देश का मालिक है । शासन-प्रशासन व जनजातिय बाहुल्य ब्लॉकों में 5 वी अनुसूचि में क्या-क्या संवैधानिक प्रावधान है इसके साथ ही पेसा कानून 1996 में क्या नियमावाली है उसकी जानकारी सार्वजनिक रूप से दी जाये। इसके साथ कुरई ब्लॉक के पीपरवानी मे स्थित चंदरपुर सोसाइटी के सेल्समेन द्वारा भ्रष्टाचार किये जाने व आदिवासियों को दिये ऋणों के संबंध में जांच कर कानूनी कार्यवाही की जावे और सोसायटी मे आदिवासी पदाधिकारी का पुन: चयन किया जाये एवं तहसील कुरई की समस्त सोसाइटियो मे अध्यक्ष व विभिन्न पदो पर आदिवासी युवाओ को अवसर दिया जाये क्योकि तहसील कुरई भारतीय संविधान के अनुच्छेद 244(1) मे आता है । कुरई तहसील भर मे किसी भी सोसाइटी मे हम्मालो की भी व्यवस्था नही है अत: समिति व प्रशासन द्वारा व्यवस्था कराया जाये । भारतीय संविधान व केन्द्र सरकारों के द्वारा और माननीय सुप्रीम कोर्ट के फैसलो को ध्यान मे रखते हुये रेत का पट्टा व विक्रय किये जाने का ठेका आदिवासियों को हीदिया जाये ताकि उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो सके। शासकीय महाविद्यालय कुरई का नाम शहीद जंगल सत्याग्रह के हीरो शहीद बिरजू भोई के नाम पर रखा जाये आदि अनय जनहित की मांग को लेकर अनिश्चित कालीन धरना दिया जा रहा है ।

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