Friday, May 3, 2019

जन हानि रोकने, भोजन, पेयजल और दवाइयों सहित आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति हेतु रहे तैयार

जन हानि रोकने, भोजन, पेयजल और दवाइयों सहित आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति हेतु रहे तैयार  

चक्रवाती तूफान फोनी से निपटने आयोजित हुई बैठक

नई दिल्ली। गोंडवाना समय। 
चक्रवाती तूफान फोनी के कारण पैदा हुई स्थिति से निपटने के लिए किए गए उपायों का जायजा लेने के लिए एनसीएमसी ने दोबारा बैठक आयोजित की कैबिनेट सचिव श्री पी.के. सिन्हा की अध्यक्षता में राष्ट्रीय संकट प्रबंधन समिति (एनसीएमसी) की दो दिनों में दूसरी बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का आयोजन चक्रवाती तूफान फोनी के कारण उत्पन्न हुई स्थिति से निपटने के लिए राज्यों और भारत सरकार के संबंधित विभागों द्वारा की गई तैयारियों की समीक्षा करने के लिए किया गया।
भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने सूचित किया है कि ओड़िशा में पुरी से लगभग 800 किलोमीटर दक्षिण में एक तेज चक्रवाती तूफान फोनी केन्द्रित हो गया है। इस तूफान के अगले 24 घंटो के दौरान बहुत अधिक गंभीर चक्रवाती तूफान में बदलने की संभावना है। यह तूफान 1 मई की शाम तक उत्तर-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ेगा और तत्पश्चात 3 मई की दोपहर तक ओड़िशा के तटवर्ती क्षेत्र में पहुंच जाएगा। ओड़िशा के गंजम, गजपति, खुरदा, पुरी और जगतसिंहपुर, पश्चिम बंगाल के पूर्वी और पश्चिमी मेदिनीपुर, दक्षिण और उत्तर 24 परगना, हावड़ा, हुबली और कोलकाता जिलों तथा आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम और विजयनगरम जिलों के इस तूफान से प्रभावित होने की संभावना है।

1086 करोड़ रूपये की अग्रिम वित्तीय राशि जारी

एनसीएमसी की पहली बैठक के निर्णय के आधार पर केन्द्र सरकार ने तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, ओड़िशा और पश्चिम बंगाल को निवारक और राहत कार्यों में मदद करने के लिए 1086 करोड़ रुपये की अग्रिम वित्तीय सहायता जारी कर दी है। राज्यों और केन्द्रीय एजेंसियों की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कैबिनेट
सचिव ने यह निर्देश दिया कि किसी भी तरह की जन हानि रोकने और भोजन, पेयजल और दवाइयों सहित आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति पूरी तरह तैयार रहे। उन्होंने सभी संबंधित विभागों से कहा कि विद्युत, दूरसंचार जैसी आवश्यक सेवाओं का रख-रखाव सुनिश्चित करने की पूरी तैयारी की जाए। बैठक के दौरान सभी संबंधित राज्यो के अधिकारियों ने इस तूफान के कारण पैदा होने वाली किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने की तैयारी की पुष्टि की।

तीनों राज्यों में सेना और वायुसेना भी रहे तैयार

भारतीय तटरक्षक और नौसेना ने राहत और बचाव कार्यों के लिए जहाज और हेलिकॉप्टर तैनात किए हैं। इन तीनों राज्यों में सेना और वायुसेना की इकाइयों को भी तैयार रहने के लिए कहा गया है। एनडीआरएफ ने आंध्र प्रदेश में 8, ओड़िशा में 28 और पश्चिम बंगाल में 5, इस प्रकार कुल मिलाकर 41 टीमें तैनात की हैं। एनडीआरएफ ने पश्चिम बंगाल में 13 और आंध्र प्रदेश में अपनी 10 टीमों को तैयार रहने के लिए कहा है। राज्यों ने एडवाइजरी जारी की है और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि मछुवारे मछली पकड़ने के लिए समुद्र में न जाएं। मौसम विभाग संबंधित राज्यों के लिए नवीनतम पूवार्नुमान हर तीसरे घंटे जारी कर रहा है। गृह मंत्रालय भी राज्य सरकारों और केन्द्रीय एजेंसियों के साथ लगातार संपर्क में है। एनसीएमसी तूफान के कारण उभरती हुई स्थिति का जायजा लेने के लिए कल फिर बैठक करेगा।

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