Sunday, June 23, 2019

भारत भर के गांवों में जल संरक्षण पर प्रधानमंत्री के पत्र पर की गई चर्चा

भारत भर के गांवों में जल संरक्षण पर प्रधानमंत्री के पत्र पर की गई चर्चा 

केंद्रीय जल शक्ति मंत्री ने जोधपुर में विशेष संघटन का नेतृत्व किया

नई दिल्ली। गोंडवाना समय। 
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने मानसून के मौसम से पहले देश भर में जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए हाल ही में सभी सरपंचों को पत्र लिखे और उनसे ग्रामीण भारत में वर्षा जल संचयन और जल संरक्षण गतिविधियों को शुरू करने का अनुरोध किया। देश भर में ग्राम सभाएँ बुलाई गईं और गाँव के सभी निवासियों के समक्ष प्रधानमंत्री के पत्र को सार्वजनिक रूप से पढ़ा गया।
ग्राम सभाओं की बैठकों के बाद जल संरक्षण के लिए श्रमदान किया गया जिसका प्रधानमंत्री के पत्र में उल्लेख किया गया था। गतिविधियों में वर्षा जल भंडारण के लिए छोटे तालाबों का निर्माण और सफाई करना, वृक्षारोपण अभियान, वर्षा जल के संचयन के लिए भंडारण टैंक का निर्माण / स्थापित करना और वनीकरण के लिए शामिल था।

सभी घरों में पेयजल उपलब्ध कराने की केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता दोहरायी

केंद्रीय जल मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने रविवार को राजस्थान के जोधपुर में जल संरक्षण श्रमदान का शुभारंभ किया और ग्रामीणों और स्वच्छ भारत ग्रीष्म प्रशिक्षुओं, जो स्वच्छता के लिए काम करने वाले युवा हैं, के साथ एक जन संवाद का आयोजन भी किया। उन्होंने नरवा गाँव में एक वर्षा जल संचयन इकाई का भी उद्घाटन किया  और जिले में शौचालयों के निर्माण और कम्पोस्ट गड्ढों के निर्माण के लिए श्रमदान किया। आसपास के पंचायतों के सरपंचों और ग्रामीणों की एक बड़ी सभा को संबोधित करते हुए श्री शेखावत ने प्रधानमंत्री के पत्र के संदेश को दोहराते हुए जल संरक्षण की आवश्यकता पर जोर दिया।  उन्होंने देश के सभी घरों में पेयजल उपलब्ध कराने की केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता दोहरायी।

युवाओं द्वारा 10 जून से 31 जुलाई 2019 तक 50 घंटे की स्वछता प्रतिबद्धता- की पहल

मंत्री ने राज्य में स्वच्छ भारत ग्रीष्मकालीन इंटर्नशिप (एसबीएसआई) 2019 का भी शुभारंभ किया। जल शक्ति मंत्रालय ने युवा मामले एवं खेल मंत्रालय और एनसीसी के सहयोग से स्वच्छ भारत समर इंटर्नशिप 2019 शुरू
किया है- युवाओं द्वारा 10 जून से 31 जुलाई 2019 तक 50 घंटे की स्वछता प्रतिबद्धता- की पहल है। यह पहल राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस), नेहरू युवा केंद्र संगठन (एनवाईकेएस) और राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी)
के युवाओं को स्वच्छता से संबंधित कार्यों के लिए अपने कौशल और अभिविन्यास को विकसित करने और स्वच्छ भारत आंदोलन का हिस्सा बनने का अवसर प्रदान करेगी। एसबीएसआई को लगातार दूसरे वर्ष स्वच्छ भारत मिशन का हिस्सा बनाया गया है। मंत्री ने युवाओं से देश को स्वच्छ और हरियाली युक्त बनाने के लिए ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और गांव की स्वच्छता पर इस इंटर्नशिप के माध्यम से अपनी ऊर्जा को केंद्रित करने का आग्रह किया। मंत्री ने सभी को स्वच्छ भारत मिशन का हिस्सा बनने के लिए धन्यवाद दिया, जिसके परिणामस्वरूप ग्रामीण स्वच्छता 39% से बढ़कर 99% हो गई है और 9.6 करोड़ से अधिक शौचालय बनाए गए हैं। 5.6 लाख गांवों, 619 जिलों और 30 राज्यों / केंद्रशासित प्रदेशों ने खुद को खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) घोषित किया है।

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