Friday, June 21, 2019

पांच आदिवासियों की मृत्यू पर मुख्यमंत्री कमल नाथ के पास नहीं संवेदना के दो शब्द

पांच आदिवासियों की मृत्यू पर मुख्यमंत्री कमल नाथ के पास नहीं संवेदना के दो शब्द

सिवनी। गोंडवाना समय। 
सिवनी व मण्डला जिले के सीमा क्षेत्र में मां नर्मदा नदी के बखारी घाट से नाव में जाते समय गुरूवार की सुबह पानी में डूबने से चार आदिवासी महिलाओं व एक आदिवासी बालक की मृत्यू हो गई जिनके शव को रेसक्यू टीम ने भारी मशक्कत के बाद ढूढृ निकाला ।
हम आपकों बता दे कि पांच आदिवासी की मृत्यू पर कांग्रेस विधायक अशोक मर्सकोले ने मृतकों के परिजनों से मिलकर उन्हें सांत्वना दिया वहीं केंद्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते ने भी मीडिया के माध्यम से शोक संवेदना प्रकट किया है ।
वहीं यदि हम बात करें लखनादौन विधायक योगेन्द्र सिंह बाबा की तो उनके द्वारा मीडिया के माध्यम से कोई ऐसा संदेश नहीं भेजा गया है ।

इसके बाद हम बात करें आदिवासी बाहुल्य मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमल नाथ की तो उन्होंने भी जनसंपर्क के माध्यम से अपनी ओर से संवदेना समाचार लिखे जाने तक प्रकट नहीं किया है या ऐसा भी हो सकता है कि शायद उन तक यह दु:खद घटना की जानकारी नहीं पहुंचाई गई वह इस दु:खद घटना से अंजान हो इसलिये संवदेना के दो शब्द प्रकट नहीं कर पाये है लेकिन शासन प्रशासन या कांग्रेस संगठन उनके अपने विधायक चाहते तो उन तक इस दु:खद घटना की जानकारी पहुंचा सकते थे लेकिन शायद उन्होंने भी मुख्यमंत्री कमल नाथ तक उक्त दु:खद घटना की जानकारी पहुंचाना मुनासिब नहीं समझा ।

जबकि पांच आदिवासियों के नाव पलटने से नदी में डूब जाने की खबर प्रिंट व इलेक्ट्रानिक मीडिया ने भी दिखाया था इसके बाद भी कांग्रेस के लिये मीडिया का काम करने वाले भी उक्त घटना का संदेश अपने मुख्यमंत्री तक पहुंचा पाये । बहरहाल जो भी हो परंतु पांच आदिवासियों के मृत्यू के मामले में मुख्यमंत्री कमल नाथ के द्वारा संवेदना के दो शब्द नहीं प्रकट किया जाना बुद्धिजीवियों के साथ साथ आदिवासियों के मन व विचार में खटक रहा है आखिर ऐसा क्यों ?

मुख्यमंत्री बनने के बाद जनसंपर्क के माध्यम से इनके लिये किया शोक व्यक्त 

मुख्यमंत्री बनने के बाद कमल नाथ ने प्रदेश ही नहीं देश के अनेक राजनेताओं, समाजसेवक, पत्रकार, अनेक गणमान्य नागरिकों की मृत्यू पर उन्होंने संवदेना व्यक्त किया जो कि उनकी संवेदनशील का प्रमाण प्रस्तुत करता है कि वहीं जनसंपर्क कार्यालय भोपाल द्वारा जारी 15 जनवरी 2019 को मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने नरसिंहपुर जिले के निकट ग्राम समनापुर में हुई ट्रेक्टर ट्राली दुर्घटना के पीड़ितो के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त किया था । मुख्यमंत्री ने दुर्घटना में मृतकों के परिजनों और घायलों को आश्वस्त किया था कि विपदा की इस घड़ी में हर पल वे उनके साथ हैं । श्री नाथ ने दिवगंत आत्माओं की शांति और परिजनों को गहन दु:ख सहन करने की शक्ति देने की ईश्वर से प्रार्थना किया था ।
               इसके साथ ही जनसंपर्क कार्यालय भोपाल द्वारा 29 जनवरी 2019 को जारी हुये समाचार में मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने उज्जैन सड़क हादसे में 12 लोगों की मृत्यु पर गहरा दु:ख व्यक्त किया था । मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बेहद दर्दनाक हादसा बताया था । उन्होंने दुर्घटना में मृत हुए परिजनों को दो-दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिये थे वहीं मुख्यमंत्री ने दुर्घटना में घायलों का समुचित उपचार करने को कहा था ।
              इसके साथ ही जनसंपर्क कार्यालय भोपाल से जारी 7 फरवरी 2019 को मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने भोपाल में राष्ट्रीय तीरंदाजी चैम्पियनशिप में भाग लेने आ रहे झारखंड के तीरंदाज श्री जसपाल सिंह एवं श्री शरद सोरेन की सड़क दुर्घटना में मृत्यु पर गहन दु:ख व्यक्त किया था उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्माओं को शांति देने तथा शोक- संतप्त परिवार को यह दु:ख सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना किया था ।

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