Sunday, August 11, 2019

आदिवासी महाकुंभ के लिये निर्णय लेकर प्रधानमंत्री जारी करें 4 हजार करोड़- मनमोहन शाह बट्टी

आदिवासी महाकुंभ के लिये निर्णय लेकर प्रधानमंत्री जारी करें 4 हजार करोड़- मनमोहन शाह बट्टी 

हर्रई में उमंगता के साथ मनाया गया विश्व आदिवासी दिवस समारोह 

संवाददाता अनिल उईके 
हर्रई। गोंडवाना समय। 
विश्व आदिवासी दिवस समारोह हर्र‌ई में बहुत ही धूमधाम से मनाया गया । समारोह के मुख्य अतिथि पूर्व विधायक मनमोहन शाह बट्टी मौजूद रहे उन्होंने उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित करते हुये कहा कि कहा कि आज हमारे आंदोलन की वजह से सरकार-शासन-प्रशासन को भी झुकना पड़ा और आज सरकार खुद विश्व आदिवासी दिवस का कार्यक्रम शासकीय तौर पर मना रही है । इसके साथ ही पूर्व विधायक मनमोहन शाह बट्टी जी ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी से आदिवासी महाकुम्भ के लिए 4 हजार करोड़ रुपए की मांग करते हुए कहा कि सरकार हर बार कुम्भ मेले में 10 से 15 हजार करोड़ रुपए खर्च करती है। इसलिये आदिवासियों के लिये कुंभ सरकार को आयोजित कराये जाने के लिये बजट का आबंटन करने का निर्णय लेकर इसे क्रियान्वयन कराया जाना चाहिये । जो हमारा विरोध करते थे वो भी आज जय सेवा के नारे लगा रहे है ।

समाजिक समस्या के समाधान के लिये युवा सदैव रहे तत्पर  

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे गोंडवाना युवा नेतृत्वकर्ता अरविंद शाह धुर्वे ने युवाओं को आदिवासी समाज के लिये संविधान में प्रदत्त अधिकारों को लेकर एवं आदिवासी समाज के साथ होने वाले अन्याय के मामले सामने आने पर सदैव तत्पर होकर आगे आने के लिए कहा तथा सभी युवाओं को नेतृत्व छमता का विकास करने ओर समाज के लिए समर्पित होकर कार्य करने के लिए कहा ।
विश्व आदिवासी दिवस के दिन समारोह में उपस्थित समस्त सगा समाज ने उमंगता के साथ डीजे की धुन के संग सांस्कृतिक नृत्यों करते मंत्रमुग्ध कर दिया वहीं ।

5 व 6 वीं अनुसूची लागू एवं गोंडी भाषा को 8 अनुसूची में शामिल कराने सौंपा ज्ञापन 

विश्व आदिवासी दिवस समारोह कार्यक्रम में संदेशयुक्त संबोधन के बाद समारोह स्थल से रैली निकाल कर तहसील कार्यालय में पहुंचकर श्रीमान तहसीलदार को महामहिम राज्यपाल जी के नाम आदिवासियों को संवैधानिक अधिकार दिलाने के लिए ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में विशेष रूप से जनजाति के संवैधानिक प्रावधान अनुसार अनुसूचित क्षेत्रो में 5 वीं 6 वीं अनुसूची लागु करने, गोंडी भाषा को 8 वीं अनुसूची में लागू करने, हर्रई  में आदिवासी भवन हेतु भूमि आरक्षित कराने हेतु ज्ञापन सौपा गया। इसके साथ ही पूर्व विधायक मनमोहन शाह बट्टी जी ने प्रधानमंत्री से आदिवासी महाकुम्भ के लिए 4 हजार करोड़ रुपए की मांग करते हुए कहा कि सरकार हर बार कुम्भ मेले में 10 से 15 हजार करोड़ रुपए खर्च करती है। इसलिये आदिवासियों के लिये कुंभ सरकार को आयोजित कराये जाने के लिये बजट का आबंटन करने का निर्णय लेकर इसे क्रियान्वयन कराया जाना चाहिये । 

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