Tuesday, September 24, 2019

प्रकृति का सम्‍मान, संरक्षण यह हमारी परंपरा और वर्तमान प्रयासों का रहा है हिस्‍सा

प्रकृति का सम्‍मान, संरक्षण यह हमारी परंपरा और वर्तमान प्रयासों का रहा है हिस्‍सा 

जलवायु कार्रवाई शिखर सम्मेलन 2019 में प्रधानमंत्री का वक्‍तव्‍य

नई दिल्ली। गोंडवाना समय। 
नमस्‍ते।
Excellencies,
मैं, Global Climate Summit के आयोजन के लिए UN Secretary General को हृदय से बहुत-बहुत धन्‍यवाद देता हूं।
पिछले वर्ष Champion of the Earth award मिलने के बाद UN में मेरा यह पहला सम्‍बोधन है और यह भी सुखद सहयोग है कि न्‍यूयॉर्क दौरे में मेरी पहली सभा Climate विषय पर हो रही है।
Excellencies,
Climate Change को लेकर दुनियाभर में अनेक प्रयास हो रहे हैं। लेकिन हमें यह बात स्‍वीकारनी होगी कि इस गंभीर चुनौती का मुकाबला करने के लिए उतना नहीं किया जा रहा है, जितना कि होना बहुत अनिवार्य है।
आज जरूरत है एक comprehensive approach की जिसमें Education, values और lifestyle से लेकर developmental philosophy भी शामिल हो। आज जरूरत है behavioral change के लिए एक विश्‍वव्‍यापी जन-आन्‍दोलन खड़ा करने की है। प्रकृति का सम्‍मान और natural resources का संरक्षण यह हमारी परंपरा और वर्तमान प्रयासों का हिस्‍सा रहा है। Need not Greed has been our guiding principle. और इसलिए आज भारत इस विषय पर सिर्फ बात करने नहीं बल्कि एक व्‍यावहारिक सोच और roadmap के साथ आया है। We believe that an ounce of practice is worth more than a ton of preaching.
हम भारत में fuel mix में non fossil fuel की हिस्‍सेदारी बढ़ा रहे हैं। हम 2022 तक renewable energy में अपनी capacity को 175 गीगावाट तक ले जा रहे हैं और आगे हम इसे 450 गीगावाट तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है। हम अपने परिवर्तन क्षेत्र में e-mobility को प्रोत्‍साहन दे रहे हैं। हम पेट्रोल और डीजल में biofuel की mixing की बड़ी मात्रा में बढ़ोतरी कर रहे हैं। हमने 150 मिलियन परिवारों को clean cooking gas connection दिये हैं। हमने water conservation, rainwater harvesting और water resources development के लिए मिशन जल जीवन शुरू किया है। और अगले कुछ वर्षों में इस पर लगभग 50 बिलियन डॉलर का खर्च करने की हमारी योजना है।
Excellencies,
अंतर्राष्‍ट्रीय मंच की बात करें तो लगभग 80 देश हमारी International Solar Alliance की पहल के साथ जुड़ चुके हैं। मुझे प्रसन्‍नता है कि भारत और स्‍वीडन अन्‍य partners के साथ मिलकर Industry transition track के Leadership group का launch कर रहे हैं। यह पहल सरकारों और निजी क्षेत्र को साथ लेकर Industries के लिए low carbon pathways बनाने में अहम भूमिका अदा करेगी।
वैश्विक Infrastructure natural disaster का सामना कर सके, इसके लिए भारत Coalition for Disaster Resilient Infrastructure की शुरूआत कर रहा है। मैं सभी member states को इससे जुड़ने के लिए आमंत्रित करता हूं। इस साल भारत के स्‍वतंत्रता दिवस 15 अगस्‍त को हमने single use plastic से मुक्ति के लिए जन-आन्‍दोलन का आह्वान किया है। मैं आशा करता हूं कि इससे वैश्विक स्‍तर पर single use plastic के खिलाफ जागरूकता और बढ़ेगी।
Excellencies,
मुझे आपको बताते हुए प्रसन्‍नता है कि UN की इस इमारत में कल हम भारत द्वारा लगाए गए Solar Panels का उद्घाटन करेंगे। The time for talking is over; the world needs to act now.
Thank you, Thank you very much.

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