Friday, October 11, 2019

5 वी अनुसूचित क्षेत्र में ग्राम पंचायत को समाप्त कर नगर पंचायत बनाना नियमानुसार नहीं

5 वी अनुसूचित क्षेत्र में ग्राम पंचायत को समाप्त कर नगर पंचायत बनाना नियमानुसार नहीं

राज्यपालों की बैठक में छत्तीसगढ़ की राज्यपाल सुश्री अनुसुईया ने दिये प्रमुख सुझाव 

नई दिल्ली। गोंडवाना समय। 
नई दिल्ली में प्रवासी भारतीय केन्द्र में गर्वनर कॉन्फ्रेंस के लिये गठित उप समिति की बैठक झारखंड की राज्यपाल द्रोपती मुर्मू की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई । जिसमें छत्तीसगढ़ की राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके के अतिरिक्त मेघालय, असम, मिजोरम, उड़ीसा के राज्यपालों के अतिरिक्त जनजाति कार्य मंत्री श्री अर्जुन मुंडा, सचिव दीपक खांडेकर एवं मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारिगण उपस्थित हुए। इस बैठक में जनजातियों के लिये संचालित योजनाओं व विभिन्न संवेधानिक प्रावधानों में सुधार पर चर्चा हुई।
जिसमें सुश्री अनुसुईया उइके ने जो प्रमुख रूप से सुझाव दिये जिनमें प्रमुख रूप से आंध्रप्रदेश, तेलांगाना एवं महाराष्ट्र की तर्ज पर 5 वीं अनुसूची के क्षेत्रों में स्थानीय व्यक्तियों को शासकीय सेवा के तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के पदो पर नौकरी देने का प्रावधान किया गया है। इसी प्रकार से सभी प्रदेशों के अनुसूचित क्षेत्रों में नियम बनाया जाए ताकि वहां के स्थानिय जनजाति व्यक्तियों को नौकरी/रोजगार मिल सके, वनाधिकार अधिनियम 2006 के अंतर्गत जो भूमि के पट्टे दिये गये है, ऐसे जनजाति वर्ग के किसानों को प्रधानमंत्री किसान कल्याण योजना के अतंर्गत 10 एकड़ तक के कृृषि धारक किसानों को 6000/- के स्थान पर 12000/- रुपए का अनुदान दिया जाए,
अनुसूचित जनजाति वर्ग के पोस्ट मैट्रीक छात्रों को छात्रव्ृत्ति के लिये निर्धारित आय की सीमा 250000/- रूपय है को अन्य वर्गो के छात्रों के सामान बढ़ाया जाए, नक्सल प्रभावित व्यक्तियों एवं आत्म समर्पण किये नक्सलवादियों का सम्पूर्ण पूनर्वास की व्यवस्था की जाए जिसके अर्न्तगत उनके रोजगार, आवास, शिक्षा एवं अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाए वहीं राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उईके ने 5 वीं अनुसूची के क्षेत्रों में ग्राम पंचायतों को समाप्त कर नगर पंचायत बनाया गया है जो कि नियमानुसार नहीं है। इस संबंध में चर्चा कर सुझाव दिये गये।

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