Friday, October 11, 2019

मुख्यमंत्री ने सहायक आयुक्त, मण्डी सचिव, पटवारी, प्रबंधक को किया निलंबित

मुख्यमंत्री ने सहायक आयुक्त, मण्डी सचिव, पटवारी, प्रबंधक को किया निलंबित

भोपाल। गोंडवाना समय। 
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा है कि आपकी सरकार-आपके द्वार कार्यक्रम की राज्य स्तर पर निगरानी हो। इसमें समाधान किए जाने वाले प्रकरणों की समीक्षा भी की जाए, जिससे यह पता चल सके कि जनता को इसका लाभ मिल रहा है या नहीं। मंत्रालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये जन-अधिकार कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की मंशा है कि लोगों की समस्याओं का समाधान मौके पर ही हो ताकि उन्हें भटकना नहीं पड़े। इसमें कोई भी कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमल नाथ ने जन-अधिकार कार्यक्रम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में विभिन्न प्रकरणों की समीक्षा करते हुए ग्वालियर में श्री प्रदीप कुमार को समय पर छात्रवृत्ति न स्वीकृत करने पर सहायक आयुक्त आदिवासी और सीहोर में कृषक श्री बलवान दांगी को भावांतर योजना में भुगतान नहीं होने पर मण्डी सचिव और वरिष्ठ उद्यानिकी अधिकारी को निलंबित करने के निर्देश दिए।

रोजगार सहायक की सेवा समाप्त तो पटवारी को किया निलंबित

गुना जिले में श्री कमलू अहिरवार की वृद्धावस्था पेंशन स्वीकृत न करने के मामले में ग्राम रोजगार सहायक को दोषी पाए जाने पर उनकी सेवाएँ समाप्त कर दी गई। श्योपुर के श्री मांगी शिवहरे के एम.ए. प्रथम सेमिस्टर का रिजल्ट घोषित नहीं करने पर संबंधित कर्मचारियों के दो इंक्रीमेंट रोके गए। छतरपुर में कृषक श्री भरत कुमार के नामांतरण प्रकरण का समय पर निराकरण नहीं करने पर पटवारियों को निलंबित किया गया।

सहकारी संस्था के प्रबंधक निलंबित तो प्रशासक व पदाधिकारी एफआई के निर्देश 

मुख्यमंत्री कमल नाथ ने इसी तरह रीवा में श्री विनायक प्रसाद पटेल द्वारा लिए गए ऋण में गफलत करने के लिए प्राथमिक सहकारी संस्था के प्रबंधक को निलंबित किया गया। जबलपुर में कृषक श्री वीरेंद्र राजपूत को चने विक्रय करने का भुगतान समय पर नहीं करने पर प्रमुख सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति को दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। नरसिंहपुर के कृषक श्री हेमराज सेन को डेढ़ साल से भावांतर राशि नहीं मिलने पर और किसानों के भुगतान की राशि गबन करने पर समिति के प्रशासक और पदाधिकारी पर एफआईआर कर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले में अदालत से लिए गए स्टे आर्डर को वेकेट कराए जाने के लिए तत्काल कदम उठाए जाएँ।

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