Sunday, October 20, 2019

पांच घंटे की तेज बारिश ने फिर किसानों के अनाज पर फेरा पानी, मौसम में ठंडक

पांच घंटे की तेज बारिश ने फिर किसानों के अनाज पर फेरा पानी, मौसम में ठंडक

सुबह पांच बजे से नौ बजे तक होती रही झमाझम बारिश

सिवनी। गोंडवाना समय। 
सिंतबर-अक्टूबर माह की दिन रात हुई बारिश से मची तबाही से किसान और आमजन अभी उभरे भी नहीं थे कि शनिवार की रात से रविवार की सुबह तक लगातार एक सी रफ्तार में हुई बारिश ने किसानों के काटकर रखे हुए अनाज पर पानी फेर दिया है। सुखाने के लिए रखा हुआ सैकड़ों क्विंटल मक्का पानी में न केवल गीला हो गया है बल्कि पानी में बह भी गया है। वहीं मौसम में ठंडक घुल गई है। बारिश बंद होने के बाद सर्द हवाऐं चलती नजर आई।

सैकड़ों क्विंटल मक्का बारिश में भींगा-

जिले में शुक्रवार की सुबह से खराब चल रहे मौसम के बाद शनिवार की देर रात हल्की-फुल्की बूंदा-बांदी के बाद पांच बजे से लगातार रविवार की सुबह तक तेज बारिश हुई। मोटी-मोटी बूंद का पानी एक सी रफ्तार में गिरते रहा। सुबह पांच से नौ बजे तक पानी गिरते रहा। बारिश की वजह से पलारी चिरचिरा गांव के किसान सतेन्द्र 
सिंह ठाकुर के यहां गहाई गई आठ एकड़ की मक्के की फसल से निकला हुआ मक्का खेत पर रखा हुआ 150 क्विंटल से ज्यादा मक्का गीला हो गया और बारिश में बह भी गया। सुबह खेत पहुंचकर जब किसान ने देखा तो वे मक्का की हालत देखकर दंग रह गए। इसी तरह जुरतरा के भवानी ठाकुर के यहां भी तकरीब 100 से 125
िक्वंटल मक्का गहाकर तिरपाल में ढंककर रखा गया था लेकिन तेज और लगातार बारिश होने से तिरपाल रहने के बावजूद मक्का भींग गया है। इसके अलावा सहजपुरी गांव  में भी किसानों का सैकड़ों क्विंटल मक्का गीला होने की शिकायत सामने आई है।

मौसम में ठंडक-

रविवार की सुबह जिले भर में हुई झमाझम बारिश से पूरे मौसम में ठंडक घुल गई। घर से बाहर निकलते ही लोगों को सर्द हवाओं के साथ शरीर में कपकपी नजर आई। वहीं बांधों से फिर पानी छलका। शहर की सड़कें भी ताल-तलैया बन गई थी लेकिन 10 बजे के बाद पानी बहकर कहा चला गया समझ नहीं आया।

रंग-रोगन पर फेर दिया पानी-

सितंबर-अक्टूबर में अतिवर्षा से जर्जर हुए कच्चे-पक्के मकान की दशहरा समाप्त होते ही दीपावली की तैयारी के तौर पर मरम्मत और रंग-रोगन में लोग जुट गए हैं लेकिन शनिवार-रविवार की सुबह पांच बजे तक तेज बारिश से घर के बाहर की रंग-रोगन जैसी की वैसी हो गई है। लोगों की मेहनत पर बारिश के पानी ने पानी फेर दिया है।

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