Friday, October 4, 2019

आदिवासी अधिकार हुंकार रैली में समाजिक चिंतकों ने कहा संवैधानिक संकटों से गुजर रहा आदिवासी क्षेत्र

आदिवासी अधिकार हुंकार रैली में समाजिक चिंतकों ने कहा संवैधानिक संकटों से गुजर रहा आदिवासी क्षेत्र

17 नवम्बर को भोपाल में आदिवासी अधिकार हुंकार रैली को लेकर मंडला में रणनीतिक बैठक सम्पन्न

मंडला। गोंडवाना समय।
विगत 3 अक्तूबर को महाकोशल अंचल के बालाघाट, डिंडोरी, मंडला, सिवनी, नरसिंहपुर तथा जबलपुर जिले में कार्यरत समाजिक एवं सांस्कृतिक संगठन, जनसंगठन एवं समाजिक चिंतक लोग गोंडी पब्लिक ट्रस्ट, रपटा घाट, मंडला में आदिवासी अधिकार हुंकार यात्रा की तैयारी बैठक में शामिल हुए । आदिवासी अधिकार हुंकार यात्रा के उद्देश्य को रखते हुए गोंडवाना समग्र क्रान्ति के गुलजार सिंह मरकाम ने कहा कि आज आदिवासी क्षेत्र संवैधानिक संकटों से गुजर रहा है। संविधान में पांचवीं अनुसूची, पेसा कानून, वन अधिकार कानून, आदिवासी मंत्रणा परिषद तथा प्राकृतिक संसाधनों का नियंत्रण व प्रबंधन जैसे प्रावधानों के बाद भी उसका सही परिपालन नहीं करते हुए बेदखली एवं जबरन विस्थापन जैसी कार्यवाही जारी है। इस संकट को खत्म करने के लिए समाजिक संगठनों को एकजुट करना एवं समुदाय में जागृति लाना इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य है।

दोहरे विस्थापन से बचाने हेतु समाज से सहयोग की अपील

डिंडोरी से आये वरिष्ठ समाजिक कार्यकर्ता हरि सिंह मरावी एवं श्याम कुमारी धुर्वे ने अपने जिले में यात्रा को कार्यान्वित करने की योजना साझा करते हुए कहा कि दलगत राजनीति से उपर उठकर समाजिक चिंतन के साथ कार्यक्रम को सफल बनाने हेतू सभी को एक साथ आना चाहिए। बालाघाट के द्रोप सिंह मरावी ने विकास खंड स्तर पर समिति बना कर यात्रा के उद्देश्यों को गांव गांव पहुंचाने पर जोर दिया। मंडला के तुलसी मरावी ने इस संकट के समाधान हेतु आदिवासी जनप्रतिनिधियों को भी इस कार्यक्रम में शामिल करने का सुझाव दिया। चुटका परमाणु विरोधी संघर्ष समिति के अध्यक्ष दादु लाल कुङापे ने बरगी विस्थापन के दर्द को रखते हुए दोहरे विस्थापन से बचाने हेतु समाज से सहयोग की अपील किया।

अब कोई भी विस्थापन मंजूर नहीं

आदिवासी महापंचायत एवं आजाद 55 के भूपेन्द्र बरकङेÞ ने प्रस्तावित राजा दलपत शाह अभयारण्य का विरोध करते हुए कहा कि अब कोई भी विस्थापन मंजूर नहीं है। संतु लाल मरावी ने वर्तमान संकट के लिए राजनैतिक वयवस्था को जिम्मेदार ठहराया । बुजुर्ग समाजिक चिंतक गुलाब सिंह मरदरिया ने संघर्ष के साथ रचनात्मक निर्माण कार्य को शामिल करने की बात कही । िववेक पवार ने आदिवासी एकता को कमजोर करने सोशल मीडिया पर तथ्यहीन मेसेज से सावधान रहने को कहा। भोपाल के राहुल श्रीवास्तव एवं समाधान पाटिल ने रााज्य के अलग अलग अंचलों यात्रा सबंधि तैयारी की विस्तृत जानकारी दिया।

विधायक ने दिया समर्थन तो कार्यक्रम हेतु बनेगी जिलावार समिति 

बैठक में उपस्थित निवास विधायक डाक्टर अशोक मर्सकोले ने इस यात्रा कार्यक्रम को पूर्ण समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि रचनात्मक सोच के साथ व्यवस्था से संवाद लोकतंत्र के लिए आवश्यक है तथा समाज को आगे ले जाने हेतु हर स्तर पर प्रयास करने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया। कार्यक्रम के अंत मेंं मंडला, डिंडोरी एवं बालाघाट जिले में कार्यक्रम को सफल बनाने हेतू जिलावार समन्वय समिति का गठन किया गया ।

बैठक में ये संगठन प्रमुख रूप से रहे मौजूद

बैठक में आदिवासी महापंचायत, आदिवासी विकास परिषद, जयस, आकाश, आजाद 55, रूढ़ि प्रथा (पांचवीं अनुसूची ),गोंडी धर्म संस्कृति संरक्षण समिति, जनसंघर्ष मोर्चा, चुटका परमाणु विरोधी संघर्ष समिति, बरगी बांध विस्थापित एवं प्रभावित संघ, राजा दलपत शाह अभयारण्य विरोधी मोर्चा, गोंडवाना स्टूडेंट्स युनियन, बरगी बांध मत्सय उत्पादन संघ,भूअधिकार मोर्चा के प्रतिनिधि शामिल थे। कार्यक्रम का संचालन राज कुमार सिन्हा ने किया ।

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