Tuesday, November 19, 2019

बाढ़ के पानी में बहने से 1 आरक्षक व 2 की मृत्यू थी या हत्या बना है अभी तक राज ?

बाढ़ के पानी में बहने से 1 आरक्षक व 2 की मृत्यू थी या हत्या बना है अभी तक राज ?

किंदरई थाना अंतर्गत 27 सितंबर 2019 को बाढ़ के पानी में बहने से आरक्षक सहित 2 अन्य की मृत्यृ होने के बाद मिले शव व वाहन ने पुलिस ही नहीं प्रत्यक्षदर्शियों के समक्ष कई सवाल खड़े किये थे लेकिन त्वरित व आनन-फानन में किये गये शव पोस्टमार्टम व अन्य कार्यवाही के चलते बाढ़ के पानी में बहकर मृत्यू होने की बात बताई जा रही थी लेकिन प्रत्यक्षदर्शियों के द्वारा आरक्षक के साथ साथ दो अन्य के शव को देखने के बाद उठ रहे सवालों के चलते इसे कई लोगों ने मृत्यू नहीं हत्या किये जाने का संदेह जताया था। सूत्रों की माने तो पुलिस इस मामले में जांच पड़ताल पर जुटी हुई है आखिर यह बाढ़ के पानी से हुई मृत्यू है या हत्या इस पर अभी भी राज बना हुआ है।  

सिवनी। गोंडवाना समय।
जिला मुख्यालय से लगभग 100 किमी दूरी पर स्थित किंदरई थाना अंतर्गत घंसौर-केदारपुर सड़क पर गोकला गांव के पास में स्थित मीलजोड़ नाला में 27 सितंबर 2019 दिन शुक्रवार की रात्रि में बारिश के कारण नाले के ऊपर से जाते हुये बाढ़ के पानी से दुपहिया वाहन पर सवार 1 आरक्षक व 2 लोगों की बहने से मृत्यू हो गई थी और तीनों मृतकों के शव को पुलिस ने दूसरे दिन शनिवार की सुबह घटनास्थल से लगभग 1 किलोमीटर की दूरी पर मिले थे।

कैसे उतरे थे कपड़े और सिर पर कैसे आये थे चोट के निशान 

हम आपको बता दे कि बाढ़ के पानी में बहे हुये मृतकों की फोटो देखकर एवं प्रत्यक्षदर्शियों के बीच में चर्चा में यह बात सामने आई थी कि मृतक के कपड़े पूरे कैसे उतरे हुये थे वहीं एक मृतक के सिर पर चोट के निशान थे वहीं आरक्षक का भी एक पैर टूटे हुये होने की आशंका जता रहे थे। वहीं वाहन मिलने की स्थिति भी लोगों के मन में
अनेकों सवाल खड़े कर रहे थे।

मृत्यू के बाद इन बातों से उठ रहे थे सवाल 

वहीं इस मामले में सूत्रों की माने तो तीनों मृतकों का शव का पी एम महिला चिकित्सक द्वारा करवाया गया था जबकि जानकारों की माने तो पुरूष वर्ग के पी एम के लिये पुरूष वर्ग के डॉक्टर से कराया जाना था वहीं शव के पीएम के समय भी मौजूद परिजनों को शरीर पर चोट के निशान देखने को मिले थे लेकिन आनन-फानन में शव का पी एम कराये जाने के कारण संभवतय: हत्या का संदेश पुलिस को नहीं हुआ हो परंतु नाला व बाढ़ स्थल पर मिले शव की स्थिति को देखने के बाद प्रत्यक्षदर्शियों की चर्चा के बाद और मृतकोें में से एक को कुछ दिनों पहले ही जान से मारने की मिली धमकी के बाद और यह मामला वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में आने के बाद पुलिस इसकी जांच कर रही है लेकिन अभी यह मृत्यू है या हत्या इस पर राज बना हुआ है।

इनकी हुई थी मृत्यू 

किंदरई थाना अंतर्गत गोकला नाले के बाढ़ के पानी में हुई घटना में बालाघाट के लालबर्रा निवासी आरक्षक क्र. 686 निहाल पिता धनराज सहारे उम्र 23 वर्ष के अलावा किंदरई थाना अंतर्गत मवई गांव निवासी सुमत पिता क्रेस भगदिया उम्र 32 वर्ष व श्यामलाल पिता जोधलाल धुर्वे 24 वर्ष की मौत हो गई थी। मृतक आरक्षक निहाल किंदरई थाने में पदस्थ था। पुलिस के मुताबिक 27 सितंबर को आरक्षक निहाल सहारे किसी केस की डायरी जमा करने के लिये जबलपुर उच्च न्यायालय गया था।

क्या था मृत्यू का मामला 

हम आपको बता दे कि घटना के समय मिली जानकारी के अनुसार यह बात सामने आई थी कि जबलपुर हाईकोर्ट में केस डायरी जमा करने के बाद आरक्षक दुपहिया वाहन से घंसौर लौटकर आया था। घंसौर में अन्य दो स्थानीय व्यक्तियों के मिलने पर आरक्षक उन्हें साथ लेकर किंदरई जा रहा था। 27 सितंबर शुक्रवार की रात्री में लगभग 10.30 बजे दुपहिया वाहन में सवार होकर तीनों घंसौर केदारपुर मार्ग से किंदरई जा रहे थे। 27 सितंबर की रात में हुई तेज बारिश के कारण पहाड़ी इलाके में स्थित गोकला गांव के नजदीक मीलजोड़ नाला ऊफान पर था और नाले के ऊपर 3 से 4 फिट ऊंचाई तक बाढ़ का पानी बह रहा था। जिसे पार करते वक्त दुपहिया वाहन में सवार तीनों नाले में बह गए थे।

घटना की जांच में पुलिस को करनी पड़ रही है मशक्कत

सूत्रों की माने तो इस मामले में पुलिस जांच कर रही है और घटना से संबंधितों के बयान भी लिये जा रहे है। जिसमें पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है वहीं बीते दिनों ही जांच में बयान के दौरान जांच के अधिकारी के कार्यालय में पहुंचे एक स्थानीय भाजपा नेता के वाहन में आने और भाजपा नेता के साथ में आने पर जांच अधिकारी ने फटकार भी लगाया था। हालांकि पुलिस मृत्यू के राज का पर्दाफाश करने का प्रयास करते हुये तह तक जाने का प्रयास कर रही है और इसमें आखिर क्या राज है इसका खुलासा भी जल्द हो सकता है कि यह बाढ़ के पानी में बहने से मृत्यू हुई थी या हत्या है।

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