Friday, November 15, 2019

बालदिवस पर विद्यार्थियों को शिक्षकों ने स्मार्ट टीवी और डेस्क-बैंच किया भेंट

बालदिवस पर विद्यार्थियों को शिक्षकों ने स्मार्ट टीवी और डेस्क-बैंच किया भेंट

प्राथमिक शाला बखारी के शिक्षक बने प्रेरणा स्त्रोत

सिवनी जिले में शासकीय स्कूल के शिक्षक स्कूल में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को शैक्षणिक गतिविधियों के साथ साथ उनके शारीरिक सुरक्षा के साथ उनके बौद्धिक विकास के लिये भी अपने स्तर पर स्वयं के व्यय से प्रयास कर रहे है बीते दिनों ही दो स्कूलों की शिक्षिकाओं ने बच्चों को ठंड से बचने के लिये स्वयं के व्यय से स्वेटर भेंट किया था वहीं अब बाल दिवस के दिन प्राथमिक शाला बखारी के शिक्षकों ने बच्चों को स्मार्ट टी वी और डेस्क बैंच भेंट किया है। 

सिवनी। गोंडवाना समय। 
एक शिक्षक का विद्यार्थियों के जीवन को संवारने में महत्वपूर्ण योगदान होता है। एक अच्छा शिक्षक अपने विद्यार्थियों को बेहतर भविष्य देने के साथ सही मायने में राष्ट्र का निमार्ता होता है। शिक्षक एवं छात्र का यह रिश्ता ओर भी गहरा तब हो जाता है, जब शिक्षक अपने विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा देने के साथ बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए कार्य करता हैं। 

स्मार्ट लर्निंग की मिलेगी सुविधा

ऐसा ही प्रमाण सिवनी जिले के ग्राम बखारी की प्राथमिक शाला में बालदिवस के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में देखने को मिला। जब शाला के शिक्षकों ने स्वप्रेरणा से बच्चों की शैक्षणिक गतिविधियों की सुविधा एवं उनके शैक्षणिक उन्नयन के लिए स्वयं के व्यय से 32 इंच की स्मार्ट टीवी और डेस्क बेंच का उपहार दिया । जिसे पाकर बच्चों के चहरे खिल गए। प्राथमिक शाला बखारी के प्रधानपाठक श्री लेखराम डेहरिया ने अपनी तरफ से स्मार्ट टीवी और अन्य शिक्षकों ने बच्चों को बैठने के लिए डेस्क और बेंच के 10 सेट उपहार में दिए। जिससे निश्चित रूप से बच्चों को स्मार्ट लर्निंग का लाभ मिलेगा साथ ही बेहतर सुविधा मिलेगी। 

बच्चों को चित्रकारी सिखा रहे शिक्षक सी एल परते

अध्यापन से बचे हुए समय में शाला भवन की दीवारों पर बच्चों के शैक्षणिक विषयवस्तु के चार्ट और चित्र भी बना रहे हैं। जिसके कारण बच्चों को अपने विषय का अध्ययन करने में बहुत मदद मिल रही है। निश्चित रूप से प्राथमिक शाला बखारी के शिक्षकों के शिक्षा के प्रति स्वप्रेरणा से किये जा रहे प्रयास सराहनीय है। जिसका लाभ 

निश्चित रूप से अध्ययनरत बच्चो को मिलेगा। शिक्षक जिले के साथ ही प्रदेश के शिक्षकों के लिए प्रेरणा स्रोत बनें हैं।

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