Friday, November 15, 2019

राष्ट्रीय त्यौहार के रूप में मनाया जाएगा शौर्य का सम्मान

राष्ट्रीय त्यौहार के रूप में मनाया जाएगा शौर्य का सम्मान

12 वां वर्ष के शौर्य का सम्मान कार्यक्रम की तैयारियां प्रारंभ 

सिवनी। गोंडवाना समय।
अनेक बलिदानियों के त्याग और बलिदान से आजाद हुआ हमारा भारत देश जैसे-जैसे, नए-नए आयामों को छूता चला गया वैसे-वैसे मातृभूमि के प्रति हम अपने कर्तव्यों से दूर होते चले गए। देश प्रेम तो सिर्फ समय-समय पर ही याद आता है, अब 15 अगस्त हो या 26 जनवरी या फिर भारत पाकिस्तान का आमने-सामने क्रिकेट मैच का मुकाबला हो, बस इतने समय के लिए ही देश के प्रति स्नेह प्रेम सिमट कर रह गया है। वर्तमान समय में जिस तरह से युवाओं में देश के प्रति भारतीय सेना के प्रति हमदर्दी में जो कमी महसूस होती है। वह अपने आप में अत्यंत विचारणीय है यहाँ तक हमारे देश की सेना जब अपनी जान हथेली में रख कर आतंकियों से मुठभेड़ कर उन्हें मौत के घाट उतारती है तो सेना पर ही सवाल खड़े किए जाते हैं, उनसे सबूत मांगे जाते हैं और दूसरे तरफ वर्तमान की स्तिथियों में देखा जा रहा है कि अपने घर परिवार के साथ-साथ समाज में आमजनमानस में देश की सेना के प्रति अलख जगाने का कार्य कई वर्षों से मातृशक्ति संगठन द्वारा किया जा रहा है।

अनेक क्षेत्रों में भी सामाजिक जागरूकता के नए अभियान मातृशक्तियों द्वारा निरंतर चलाये जाते हैं। इसी तारतम्य में मातृशक्ति संगठन की यूथ विंग समर्पण युवा संगठन के अध्यक्ष आशीष माना ठाकुर ने बताया कि सिवनी नगर में मातृशक्ति संगठन द्वारा किये जाने वाले शौर्य का सम्मान कार्यक्रम का यह सफलतम, 12 वां वर्ष है, जो कि सिवनी जिले के युवाओं के लिए प्रेरणा बनकर उभरा है।

देश की वीर जवानों के प्रति सम्मान की भावना होती है प्रबल 

प्रतिवर्ष होने वाले शौर्य का सम्मान कार्यक्रम की झलक से देश एवं सेना के प्रति लोगों में सिर्फ चिंतन करने का अवसर नहीं मिलता है वरन उनमें देश-प्रेम की भावना बढ़ने के साथ-साथ देश की वीर जवानों के प्रति सम्मान की भावना भी प्रबल होती है। शौर्य के सम्मान कार्यक्रम के माध्यम से देश की सुरक्षा में तैनात भारतीय सेना के हर जवान के प्रति उनके कठिन परिश्रम एवं उनके दु:ख दर्द को समझकर उनकी परिस्थितियों को भी महसूस किया जा सकता है।
मातृशक्ति संगठन द्वारा आयोजित शौर्य के सम्मान कार्यक्रम में भारतीय सेना के उन वीर जवान जिन्होंने अपने देश की सुरक्षा के लिये अपने प्राणों को न्यौच्छाबर कर अमर शहीद हो जाते है उनके परिजनों को सिवनी में ससम्मान आमंत्रित कर उनका आत्मिक व हृद्य से सामुहिक रूप से सम्मान किया जाता है। इसके पीछे मातृशक्ति संगठन का सिर्फ यही उद्देश्य है कि देश प्रेम के प्रति बच्चे हो, या जवान या फिर सयाने सबके मन में अलख जगाना व सेना के जवानों के प्रति सम्मान की भावना हमेशा जागृत रहे।

अमर शहीद जवानों के सम्मान के लिये पहचान बना, शौर्य का सम्मान 

मातृशक्ति संगठन द्वारा किये जाने वाला शौर्य का सम्मान कार्यक्रम अब सिवनी जिला या मध्यप्रदेश तक ही सीमित नहीं रहा है वरन वह देश के अन्य राज्यों में भी सेना के अमर शहीद जवानों के सम्मान के लिये पहचान बना हुआ है, जिससे सिवनी जिले को भी एक नई पहचान मिली है।
यूथ विंग समर्पण युवा संगठन के अध्यक्ष आशीष माना ठाकुर ने आगे बताया कि इस वर्ष भी शौर्य का सम्मान कार्यक्रम के आयोजन को भव्य बनाने की तैयारियां प्रारंभ है। सभी आमजनमानस तक कार्यक्रम की जानकारी पहुंचाने के लिए यूथ विंग के सदस्यों द्वारा पूरे जिले में शौर्य के सम्मान कार्यक्रम का प्रचार-प्रसार किया जाएगा। जमीनी स्तर तक इस कार्यक्रम की जानकारी लोगों को दी जाएगी। शौर्य का सम्मान कार्यक्रम एक राष्ट्रीय त्यौहार के रूप में नगर में मनाया जाएगा। जो कि नगर के युवाओं में देश एवं सेना के प्रति अपने कर्तव्य निभाने की एक अलख जगाने का काम करेगा। मातृशक्ति संगठन यूथ विंग समर्पण युवा संगठन जिले एवं नगर के सभी आमजनमानस से अपील करता है कि आगामी 26 नवम्बर 2019 को शौर्य का सम्मान कार्यक्रम में अधिक संख्या में उपस्थिति दर्ज कराएं और मातृभूमि के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करें।

No comments:

Post a Comment

Translate