Thursday, February 20, 2020

बालिकाओं को शिक्षित किए बिना समानता की कल्पना है मिथ्या-सुनीता खण्डायत

बालिकाओं को शिक्षित किए बिना समानता की कल्पना है मिथ्या-सुनीता खण्डायत

विश्व सामाजिक न्याय दिवस पर कैरियर मार्गदर्शन कार्यक्रम संपन्न

मण्डला। गोंडवाना समय।
विश्व सामाजिक न्याय दिवस के अवसर पर अध्यात्म विभाग के आव्हान पर मुन्नालाल चौधरी महिला महाविद्यालय में कैरियर मार्गदर्शन का कार्यक्रम आयोजित किया गया। सामाजिक न्याय दिवस के अवसर पर समाज से लिंग, उम्र, आयु, नस्ल, धर्म, संस्कृति के आधार पर किसी भी प्रकार की असमानता नहीं रखने एवं समाज सेवा करने की शपथ संयुक्त कलेक्टर सुनीता खंडायत द्वारा दिलाई गई। इस अवसर पर संयुक्त कलेक्टर सुनीता खंडायत ने कहा कि बालिकाओं को शिक्षित किए बिना समानता की कल्पना मिथ्या है। शासन द्वारा बालक और बालिकाओं के अंतर को मिटाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। अनेक स्थानों पर रूढ़िवादिता, पारिवारिक एवं सामाजिक कारणों से बालिकाओं को शिक्षा से वंचित किया जाता है जिस पर अंकुश लगाना जरूरी है। उन्होंने छात्राओं का आव्हान किया कि वे बेहतर शिक्षा प्राप्त करें और अपना लक्ष्य स्वयं निर्धारित करते हुए आत्मनिर्भर बनें। 

सामान्य ज्ञान की तैयारी ठीक तरह से करें

सभी क्षेत्रों में महिलाओं ने बेहतर कार्य कर रही हैं। सुनीता खण्डायत ने उन बालिकाओं की भी सहायता करने की बात कही जो किसी न किसी कारण से शिक्षा से वंचित हैं। इस अवसर पर डिप्टी कलेक्टर शिवाली सिंह ने छात्रों को सफलता के विषय में बताते हुए कहा कि तैयारी के प्रतिदिन समाचार पत्र का एवं हमारे देश, प्रदेश में होने वाली घटनाओं की जानकारी रखें। सामान्य ज्ञान की तैयारी ठीक तरह से करें। विषय वस्तु की ठोस जानकारी अर्जित करना चाहिए। कैरियर में सफलता प्राप्त करने, आने वाली बाधाओं से संबंधित प्रश्न पूछने के लिए स्वयं का मेल आईडी भी छात्राओं को दिया। 

पुलिस या सेना के क्षेत्र को लेकर दिया मार्गदर्शन 

सब इंस्पेक्टर आकांक्षा उर्मिला ने कहा कि पुलिस या सेना के क्षेत्र में सफलता प्राप्त करने के लिए शारीरिक एवं मानसिक तैयारियां भी करना आवश्यक है। सहायक प्राध्यापक राज कुमार सिंगौर ने छात्राओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारियों के संबंध में मार्गदर्शन प्रदान किया। जिला संपर्क व्यक्ति अध्यात्म विभाग विष्णु कुमार सिंगौर ने कहा कि सामाजिक न्याय तभी संभव होगा जब लोगों को लिंग, आयु, नस्ल, धर्म अथवा संस्कृति के कारण असमानता का सामना न करना पड़े। महाविद्यालय की प्रभारी प्राचार्य डॉ. आराधना दुबे ने छात्राओं से अन्याय के विरुद्ध आवाज बुलंद करने का आव्हान किया। कार्यक्रम में डाँ.सुदामा धूमकेती, डाँ.अंजली पंड़या, डाँ प्रदीप सोनी, डाँ.अंजु सिंह, जफर सिराज आदि उपस्थित रहे।

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