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महिलाओं ने लिया संविधान घर-घर पहुंचाने का संकल्प

महिलाओं ने लिया संविधान घर-घर पहुंचाने का संकल्प

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर कार्यक्रम हुआ संपन्न

मंडला। गोंडवाना समय। 

राष्ट्रीय आदिवासी एकता परिषद, जयस तथा अन्य संगठनों के द्वारा अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया गया। जिसमें  महिलाओं ने संविधान को जानकर सम्मान की रक्षा करने का संकल्प लिया। वर्तमान में हो रहे महिलाओं के अत्याचार को रोकने का संकल्प लिया। अगर मानव समाज में महिला एवं महिलाओं का सम्मान नहीं रहा, तो इस मानव समाज की परिकल्पना असंभव है क्योंकि महिला इस मानव समाज की केंद्र बिंदु है। आज भारतीय संविधान में महिलाओं को भी पुरुष के बराबर का दर्जा मिला है, इसलिए इस अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर संविधान घर-घर पहुंचाने का संकल्प लेकर समाज के नेतृत्व में अपनी सहभागिता निभाएंगे। 
             इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे राष्ट्रीय आदिवासी एकता परिषद के जिला प्रभारी गणेश भलावी, संयोजक परदेसी केराम, रामेश्वरी सिरसाम, रामवती परते, सुमंत्री नरेटी, पार्वती मरावी, बिसाहिन आयाम, एकता हरदहा, अनीता मरावी, समियाराज परते, रागनी परते, राधा मरावी, भुनेश्वरी वरकड़े, शीतल उईके, प्रमोद इनवाती, देवेंद्र मरावी, भानु प्रताप, बिशन उईके, प्रमोद मरावी, राधे लाल नरेती, अनिल मरावी, मुकेश मेश्राम, रितेश मानिकपुरी, राम सिंह पंद्रो तथा राष्ट्रीय आदिवासी एकता परिषद एवं समस्त संगठनों के पदाधिकारी और जिलेभर की नारी  शक्तियों के साथ अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस का कार्यक्रम संपन्न हुआ।

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