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Saturday, March 14, 2020

ओले की मार से कराहा सिवनी जिले का अन्नदाता, सरकार पर मदद की उम्मीद

ओले की मार से कराहा सिवनी जिले का अन्नदाता, सरकार पर मदद की उम्मीद

सिवनी। गोंडवाना समय। 
सिवनी जिले में ओलावृष्टि से सिवनी,कुरई और बरघाट विकासखंड के 78 गांव के अन्नदाता को चोट लगी है। शनिवार को मौसम साफ होने के बाद खेतों पर बर्बादी का मंजर साफ नजर आ रहा है। इस बार अच्छी फसलों की उम्मीद लगाए किसान ओले की मार के बाद कराह उठा है और सरकार से मदद की उम्मीद लगाए हुए है। राजस्व व प्रशासनिक अमला भी अपनी टीम के साथ फसलों की नुकसानी का जायजा लेने के लिए खेतों में उतर गए हैं। वहीं प्रदेश में चल रहे राजनैतिक ड्रामा के चलते क्षेत्र के सासंद-विधायक किसानों का दर्द जानने नहीं पहुंच पाए हैं। हालांकि भाजपा के सासंद-विधायक ने अपने प्रतिनिधियों को किसानों के खेतों में भेजा और उन्हें सरकार से मदद दिलाने का ढाढ़स बंधाया।

पककर कटने के लिए खड़ी थी फसलें, टूट गई कमर, बिखर गए दाने-

सिवनी विकासखंड के फुलारा,कारीरात,पीपरडाही,चारगांव,जमुनिया,ऐरपा सहित कई गांव में शुक्रवार की दोपहर बाद बेमौसम बारिश और ओले के कहर ने कहर बरसा दिया है। खेतों में पककर कटने के लिए तैयार खड़ी हुई गेंहू,चना,मसूर के साथ दलहन फसलों की कमर टूट गई हैं। अधिकांश फसल जमीन पर लेट गई है और जो 
फसलें खड़ी दिखाई दे रही है उसमें भी ओले की मार से दाने निकलकर जमीन पर बिछ गए हैं। गेंहू की जो बालियां खड़ी नजर आ रही हैं उन्हे हाथों से रगड़ने पर भी उनमें गेंहू के चंद दाने ही निकल पा रहे हैं। 80 से 90 प्रतिशत तक फसल बर्बाद हो गई है। 

उम्मीद पर पानी और ओले की मार-

वैसे ही इस दौर में अन्नदाता को खेती करना मंहगा पड़ रहा है। फिर भी मंहगा खाद्-बीज खरीदकर बोवनी करने वाले फुलारा,पीपरडाही,चारगांव,जमुनिया के किसानों को इस बार लहलहाती फसलों को देखकर बेहद उम्मीद थी लेकिन शुक्रवार की दोपहर आफत बनकर आई ओला-बारिश ने उनकी उम्मीद और मेहनत पर पानी फेर दिया है। दरअसल पेंच व्यपवर्तन योजना के तहत सिवनी-छिंदवाड़ा रोड पर स्थित ग्रामों में माचागोरा डेम से पेंच नहर के माध्यम से सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिलने से इस बार गेंहू और चने की फसल शानदार नजर आ रही थी। किसानों को पिछले कुछ सालों की अपेक्षा इस बार की फसलें बेहद ही आकर्षिक कर रही थी और अच्छे उत्पादन की उम्मीद भी थी लेकिन ओलावृष्टि से उनकी उम्मीद पर पानी फिर गया है। चना-मसूर और गेंहू की फसल की स्थिति ऐसी हो गई है कि किसानों की मेहनत तो दूर उनके परिवार का साल भर गुजर-बसर होना भी मुश्किल लग रहा है। अब आपदा की इस घड़ी में किसान अपने कलेजे में पत्थर रखकर मदद के लिए सरकार की ओर टकटकी लगाए हुए बैठा है।

खेतों पर पहुंचे सासंद-विधायक के प्रतिनिधि-

ओलावृष्टि के बाद अब जनप्रतिनिधियों से लेकर किसान नेता रघुवीर सनोडिया,रंजित बघेल भी सक्रिय हो गए हैं और आपदा की इस घड़ी में किसानों को ढाढ़स बंधा रहे हैं। राजनैतिक ड्रामा के चलते बाहर सिवनी-बालाघाट सासंद डॉक्टर ढालसिंह बिसेन और सिवनी विधायक दिनेश राय मुनमुन द्वारा भाजपा से जुड़े हुए पदाधिकारियों एवं प्रवक्ता मनोज मर्दन त्रिवेदी को किसानों के यहां ढाढ़स बंधाने के लिए भेजा गया। वहीं वर्तमान प्रदेश की कांग्रेस सरकार के कोई भी जनप्रतिनिधि खेतों में नहीं पहुंचे। वहीं किसान नेताओं ने मुख्यमंत्री कमलनाथ से किसानों की इस दुख की घड़ी में संवेदनशीलता बरतते हुए अधिक से अधिक राहत राशि देने की मांग की है।

कलेक्टर प्रवीण सिंह ने लिया ओलावृष्टि से हुई फसल नुकसानी का जायजा

कलेक्टर प्रवीण सिंह द्वारा विगत दिवस जिले में हुई ओला वृष्टि के मद्देनजर शनिवार 14 मार्च को फुलारा, चारगांव ग्राम का निरीक्षण कर फसल नुकसानी का जायजा लिया गया। कलेक्टर श्री सिंह द्वारा ग्रामीणों एवं किसानों को शासन के नियमानुसार वांछित राहत दिलाये जाने का आश्वासन दिया गया साथ ही मैदानी अमले को नुकसानी का सही एवं शीघ्र आंकलन के निर्देश दिए गए। इस अवसर पर अनुविभागीय अधिकारी सिवनी जेपी सैय्याम सहित अन्य जनप्रतिनिधियों एवं अन्य मैदानी अमले की उपस्थिति रही।

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