Thursday, March 19, 2020

किसानों की मेहनत पर प्रकृति का प्रहार, भीषण ओलावृष्टि से फसल हुई बर्बाद

किसानों की मेहनत पर प्रकृति का प्रहार, भीषण ओलावृष्टि से फसल हुई बर्बाद

सिवनी। गोंडवाना समय। 
जिले में पांचवी बार आलावृष्टि का प्राकृतिक प्रहार किसानों पर आफत बनकर बरसा है। लहलहाती फसल ओलावृष्टि से चौपट हो गई है। बेमौसम और बार-बार बदल रहे मौसम के साथ प्राकृतिक आपदा के चलते किसानों के सर पर मुसीबत बनकर टूट पड़ी है। किसानों के माथे पर चिंता की लकीरे खिंच गई है। शासन प्रशासन के अधिकारी कर्मचारी भी किसानों के खेतों पर प्राकृतिक आपदा से ग्रस्त फसलों का सर्वे करने के लिये खेतों में पहुंच रहे है। वहीं मध्य प्रदेश में सियासी जंग के चलते कुर्सी की खींचतान के लिये भाजपा कांग्रेस के जनप्रतिनिधिगण किसानों पर आई संकट के समय उनके साथ नहीं है। भाजपा कांगे्रस के विधायकगण कुर्सी की लड़ाई में कोई क्रिकेट के मैदान में है तो कोई हॉटल में मनोरंजन कर रहा है। 

ओलावृष्टि के मद्देनजर मैदानी अमले को दिए गए सर्वे के निर्देश

कलेक्टर श्री प्रवीण सिंह द्वारा गुरूवार 19 मार्च को जिले के विभिन्न क्षेत्रों में हुई बारिश एवं ओलावृष्टि के मद्देनजर सभी अनुविभागीय अधिकारियों (राजस्व) एवं तहसीलदारों एवं राजस्व विभाग के मैदानी अमले को अपने-अपने अनुभाग का भ्रमण कर फसल नुकसानी का निरीक्षण कर प्रारंभिक रिर्पोट कलेक्ट्रेट कार्यालय को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं । 

आर.आई. सर्किल भोमा में हुई भीषण ओलावृष्टि 

सिवनी जिले के भोमा राजस्व मंडल में लगभग 40-50 ग्रामों में 19 मार्च 2020 को दोपहर में तेज बारिश के साथ अत्याधिक ओलावृष्टि भी हुई है। ओलावृष्टि से किसानों की लहलहाती फसलों खेतों में बिछकर बर्बाद हो गई है। पांचवी बार ओलावृष्टि से सिवनी जिले के धरती पुत्रों किसानों को प्रकृति की नाइंसाफी ने खून के आंसू रोने पर मजबूर कर दिया है। 19 मार्च 2020 की दोपहर में लगभग 2 बजे जिले के राजस्व निरीक्षक मण्डल भोमा के अंतर्गत आने वाले ग्रामों में बारिश के साथ भीषण ओलावृष्टि हुई है। जिससे जन जीवन अस्त व्यस्त तो हुआ ही वहीं इस प्राकृतिक आपदा का सबसे बड़ा नुकसान हर बार की तरह क्षेत्र के किसान को हुआ है। किसानों की पकी पकाई फसल खेतों में बिछ गयी, फसल के ऊपर बर्फ की परत दिखाई दे रही थी। 

भोमा, बण्डोल, छींदा क्षेत्र में हुई फसले चौपट

प्राकृतिक आपदा के तहत हुई ओलावृष्टि से भोमा आर.आई. सर्किल के अंतर्गत कान्हीवाडा, सहजपुरी, हिनोतिया, थांवरी, बम्हनी,जामुनटोला, भाटा, रडयाई, पुंगार, पिपरिया, डोकारांजी, छुई, उमरिया आदि लगभग 40 से अधिक ग्रामों के किसानों की फसलें पूरी तरह चौपट हो गयी है। इसके अतिरिक्त बण्डोल और छींदा क्षेत्र में भी ओलावृष्टि से किसानों की फसले चौपट हुई हैं। किसानों के अनुसार लगभग 20 मिनट तक लगातार बारिश व भीषण ओलावृष्टि से उनकी फसले लगभग 70 प्रतिशत से अधिक बर्बाद हो चुकी है। पीड़ित किसानों ने सरकार से आर.बी.सी. 64 के तहत तत्काल मुआवजा राशि प्रदान करने की अपील की है।

निरीक्षण करने पहुंचा राजस्व अमला

ओलावृष्टि के बाद कलेक्टर के निर्देश के पर राजस्व अमला ने ओला प्रभावित ग्रामों का तत्काल निरीक्षण किया। वहीं 19 मार्च 2020 को दोपहर में लगभग 2 बजे हुई ओलावृष्टि की जानकारी मिलते ही कलेक्टर श्री प्रवीण सिंह अढायच के निर्देश पर सिवनी एस.डी.एम श्री जे.पी. सैयाम, तहसीलदार श्री प्रभात मिश्रा, नायब तहसीलदार, आरआई, पटवारी सहित पूरा राजस्व अमला किसानों के खेतों में निरीक्षण के लिए पहुंच गया। इस दौरान राजस्व अमले के साथ क्षेत्रीय किसान नेता श्रीराम ठाकुर, सचेन्द्र वर्मा, अरूण मोदी, शैलेन्द्र अग्रवाल, हरिनारायण सोलंकी, चंद्रकिशोर अमरोदिया, प्रकाश ठाकुर अन्य किसान एवं मीडिया कर्मी मौजूद थे।

इनका कहना है-

ओलावृष्टि की जानकारी मिलते ही तत्काल निरीक्षण के लिये राजस्व विभाग का अमला किसानों के खेतों में पहुंचे है। वास्तव में किसानों की फसलों की क्षति हुई है इसके लिए जल्द ही राजस्व विभाग का सर्वे दल प्रत्येक गॉव में प्रत्येक किसान के खेत में जाकर हुई फसल क्षति का विस्तृत मुआयना करेगा।
श्री जे.पी. सैयाम, 
एस.डी.एम. सिवनी

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