Wednesday, March 18, 2020

पुरूस्कार प्राप्त करना आसान है लेकिन इसके पीछे का संघर्ष कोई नहीं जानता

पुरूस्कार प्राप्त करना आसान है लेकिन इसके पीछे का संघर्ष कोई नहीं जानता

एकत्व महिला परिषद का शपथ ग्रहण में मातृशक्तियों ने दिया संदेश 

सिवनी। गोंडवाना समय।
महिलाओं को इस बात का गर्व होना चाहिए कि वह जन्मदात्री है और सभी को हाथ पकड़कर चलना सिखाती है और उसका हर क्षेत्र में विशेष योगदान है। उसके बिना संसार की रचना अधूरी है। महादेवी वर्मा ने कहा है नारी तेरे जीवन की है। यही कहानी, आंचल में है दूध, आंखो में है पानी निश्चित ही आज भारत में अनेक क्षेत्रों में जब 
हम महिलाओं को पाते है तो उनकी दूर्दशा देखकर दु:ख होता है। निश्चित ही दिगम्बर जैन समाज में संस्कार हमें देखने को मिलते है। अखिल भारतीय एकत्व महिला परिषद की शपथ ग्रहण में शामिल होकर हमें निश्चित ही सीखने को मिला उक्त उद्गार दिगम्बर जैन शाला में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह के अवसर पर पूर्व विधायक सांसद नीता पटेरिया ने व्यक्त किये। 

एकत्व महिला परिषद अपने लक्ष्य को प्राप्त करें 

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष मीना बिसेन ने कहा कि व्यक्ति को संस्कार भी पुराने अच्छे कर्माे के कारण प्राप्त होते है। निश्चित ही जैन समाज संस्कार एवं परिवार को जोड़ने की दिशा में महिलाएं उत्कृष्ट कार्य कर रही है। जिसके लिये वह साधुवाद की पात्र है। मातृशक्ति संगठन की अध्यक्ष सीमा चौहान ने कहा कि किसी भी क्षेत्र में काम करके पुरूस्कार प्राप्त करना आसान है लेकिन इसके पीछे का संघर्ष कोई नहीं जानता। हम लोगों ने इस संगठन को प्रारंभ किया और कठिनाईयाँ आई लेकिन सभी के प्रयास से हम आगे बढ़ते रहे। निश्चित ही एकत्व महिला परिषद अपने लक्ष्य को प्राप्त करें हमारी शुभकामना है। 

बच्चों को हमें बचपन से अच्छे संस्कार देना चाहिए

एसडीओपी सुश्री पारूल शर्मा ने कहा कि स्वयं के लिये तो सभी जीते है लेकिन दूसरों के लिये जीने का आनंद ही कुछ और है, हम अपने परिवार में सयंम एवं त्याग की भावना लायेंगे तो निश्चित ही बच्चों में संस्कार स्वयं आयेंगे। बच्चों को हमें बचपन से अच्छे संस्कार देना चाहिए। यह कार्य महिलाऐं कर सकती है। शिक्षा विद प्रीति पाटिल भोंसले ने कहा कि अपनी पहचान बनाना है, तो अपनी प्रतिभा को निखारों और लोगों के बीच में शेयर करो। जैन समाज में बचपन से ही जुड़ी रही है मैने देखा है कि इस समाज में प्रतिदिन मंदिर जाने का नियम है। जो कम समाजों में देखने को मिलता है।

परिषद की सदस्यों ने ली शपथ 

इस अवसर पर परिषद की सदस्यों ने हाथ में दीपक लेकर शपथ ली। शपथ ग्रहण श्रीमति नीता पटेरिया ने कराया। मंगलाचरण श्रीमती सोयल बाझल, प्रिंयका जैन ने किया। कार्यक्रम का संचालन शतादी बाझल ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में श्रीमती नीलम बाझल, सुमन जैन, सुनीता जैन, अंजली जैन, प्रीति जैन, अनीता जैन, नीलू जैन, संगीता जैन, वर्षा जैन, सुधा जैन, पूजा जैन, रश्मि जैन, सीमा जैन, रूची जैन, दीप्ति जैन, अलका जैन, नेहा जैन, सुरभी जैन, अभिलाषा जैन, रिचा जैन, मोनिका जैन आदि का सहयोग रहा।

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