Monday, April 6, 2020

मुख्यमंत्री के निर्देश को अंगूठा दिखा रहा सिवनी चिकित्सालय

मुख्यमंत्री के निर्देश को अंगूठा दिखा रहा सिवनी चिकित्सालय 

सीएम ने सरकारी चिकित्सालय में ओपीडी शुल्क नहीं लेने का दिया है निर्देश 

कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर खुद गंभीर नहीं है सिवनी चिकित्सालय

सिवनी। गोंडवाना समय। 
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने मध्य प्रदेश में कोरोना की स्थिति एवं व्यवस्थाओं की उच्चाधिकारियों के साथ मंत्रालय में वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से समीक्षा के दौरान लॉकडाउन का सभी जिलों में सख्ती से पालन कराये जाने के लिये कलेक्टर व पुलिस अधीक्षक को निर्देश 5 अप्रैल को दिये है।
इस दौरान मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने यह भी कहा कि प्रदेश में कोरोना का कम्युनिटी स्प्रेड रोकने के लिए यह आवश्यक है कि लॉक डाउन का कड़ाई से पालन सुनिश्चित हो। इसके लिये मुख्यमंत्री ने सभी कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक अपने जिलों में लॉकडाउन का सख्ती से पालन किया जाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। वहीं इसके साथ ही कोरोना संबंधी कार्य में लगे अमले के कार्य में बाधा उत्पन्न करना तथा कोरोना को  छुपाना दंडनीय अपराध है। चाहे वह व्यक्ति किसी भी वर्ग अथवा समुदाय का हो, उसके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। नर्स, डॉक्टर आदि के आवागमन के लिए वाहनों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

ओपीडी शुल्क नहीं लिये जाने के दिये है निर्देश 

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने यह भी निर्देश दिया था कि मध्य प्रदेश के सभी सरकारी अस्पतालों में वर्तमान में लिया जाने वाला ओपीडी शुल्क आगामी आदेश तक नहीं लिया जाए। सभी सरकारी अस्पतालों में ओपीडी चालू रहे तथा मरीजों को सामान्य इलाज की सुविधा निरंतर मिलती रहे। 

सीएम के आदेश को अंगूठा दिखा रहा सिवनी जिला चिक्तिसालय 

मध्य प्रदेश के मुख्यमयंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के द्वारा 5 अप्रैल को दिये गये आदेश को अंगूठा दिखाते हुये सिवनी जिला चिकित्सयालय में 6 अप्रैल 2020 को ओपीडी में पर्ची का शुल्क 10 रूपये बेधड़क होकर वसूल किया गया अर्थात मुख्यमंत्री के आदेश को अंगूठा दिखाने में सिवनी जिला चिकित्सालय ने कोई कसर नहीं छोड़ा और ओपीडी में पर्ची बनाने वाले अस्पताल में पहुंचने वाले मरीजों को लूटते रहे।

सीएम का लिखित आदेश आ जायेगा उसके बाद नहीं लेंगे पैसे 

वहीं 6 अप्रैल 2020 को सिवनी जिला चिकित्सालय में ओपीडी पर्ची काऊंटर पर पर्ची बनवा रहे जागरूक नागरिकों ने मुख्यमंत्री के द्वारा दिये गये आदेश की जानकारी दिया तो ओपीडी पर्ची काउंटर में मौजूद कर्मचारी द्वारा स्पष्ट कहा गया कि सीएम का आदेश हमारे पास लिखित में आ जायेगा उसके बाद हम पैसे नहीं लेंगे अभी तो आपको ओपीडी शुल्क देना ही होगा अन्यथा आपकी ओपीडी पर्ची नहीं बनेगी। मरीजों को मजबूरी में मुख्यमंत्री के आदेश के बाद भी रूपये देकर उपचार कराने के लिये पर्ची बनवाना पड़ा। 

ओपीडी पर्ची काउंटर में कोरोना को लेकर नहीं है गंभीर 

स्वास्थ्य विभाग को पूरे जिले में कोरोना वायरस सक्रमण को फैलने से रोकने के लिये जनता को खूब ज्ञान बांट रहा है लेकिन जिला मुख्यालय के जिला चिकित्सालय में ही कोरोना संक्रमण को लेकर अस्पताल प्रबंधन गंभीर नहीं है। कोरोना संक्रमण को लेकर सारे नियम कानून दुकानों और अन्य स्थानों पर चल रहे थे लेकिन जिला चिकित्सालय में जहां पर्ची बनती है वहीं पर मरीजों में एक मीटर की दूरी का नियमों का पालन नहीं करवाया जा रहा था।
वहीं जब 6 अप्रैल को ओपीडी पर्ची काउंटर पर इस संबंध में गोंडवाना समय के द्वारा ध्यान दिलाया गया तो अस्पताल प्रबंधन के कर्मचारियों के द्वारा 6 अप्रैल 2020 को सुबह लगभग 9.30 बजे ओपीडी पर्ची काऊंटर पर गोला बनाकर नियमों का पालन करवाया जा रहा है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि अस्पताल प्रशासन कितना गंभीर है।

जनता के लिये मौखिक आदेश लेकिन विभागों के लिये लिखित चाहिये

हम आपको बता दे कि सरकार यानि प्रधानमंत्री हो या मुख्यमंत्री जब कोई आदेश मौखिक रूप से करते है तो उन्हें मानने के लिये सरकारी विभाग व उन आदेशों से जुडेÞ हुये डीलर मौखिक आदेश को मानने से इंकार कर देते है लेकिन जनता से पालन कराना हो तो मौखिक आदेश भी चलता है। हम आपको बता दे कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने उज्जवला योजना में गैस सिलेण्डर फ्री में देने के लिये कहा था जिस पर सिवनी मुख्यालय में गैस एजेंसी डीलर के द्वारा आदेश के आने के बाद ही दिये जाने का हवाला देकर उज्जवला योजना की महिला को वापस कर दिया था । वहीं सरकारी चिकित्सालय में भी मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के आदेश ओपीडी पर्ची शुल्क नहीं लेने के लिये किये गये है इसके बाद भी सिवनी जिला चिकित्सालय में ओपीडी पर्ची शुल्क लिया जा रहा है लिखित आदेश के आने के बाद शुल्क नहीं लिये जाने की बात कहीं जा रही है। 

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