Thursday, April 23, 2020

प्रधानमंत्री ग्राम पंचायतों के साथ करेंगे वार्तालाप

प्रधानमंत्री ग्राम पंचायतों के साथ करेंगे वार्तालाप 

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस में शामिल होंगे


नई दिल्ली। गोंडवाना समय।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार
, 24 अप्रैल, 2020 को देश भर में विभिन्न ग्राम पंचायतों को संबोधित करेंगे। प्रतिवर्ष इस दिन को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के रूप में मनाया जाता है।
देश में लॉकडाउन के कारण सोशल डिस्टेंसिंग के पालन को ध्यान में रखते हुएप्रधानमंत्री विभिन्न प्रतिभागियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से वार्तालाप करेंगे।
इस अवसर पर, श्री नरेंद्र मोदी एकीकृत ई-ग्रामस्वराज पोर्टल और मोबाइल ऐप का भी शुभारंभ करेंगे।
एकीकृत पोर्टल पंचायती राज मंत्रालय की एक नई पहल है जो ग्राम पंचायतों को अपनी ग्राम पंचायत विकास योजना (जीपीडीपीको तैयार करने और कार्यान्वित करने के लिए एकल इंटरफ़ेस प्रदान करेगी।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री स्‍वामित्‍व योजना का भी शुभारंभ करेंगे। यह योजना पंचायती राज मंत्रालयराज्य पंचायती राज विभागराज्य राजस्व विभाग और भारतीय सर्वेक्षण विभाग के सहयोग से ड्रोन तकनीक के द्वारा नवीनतम सर्वेक्षण विधियों का उपयोग करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में रिहाईशी भूमि के सीमांकन के लिए ग्रामीण भारत हेतु एक एकीकृत संपत्ति सत्यापन का समाधान प्रदान करती है।
हर वर्षइस अवसर परपंचायती राज मंत्रालय, सेवाओं और सार्वजनिक वस्तुओं के वितरण में सुधार के लिए बेहतर कार्यों को मान्यता देते हुए पंचायतों को प्रोत्साहन देने के तहत देश भर में सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाली पंचायतों/ राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों को पुरस्कृत करता रहा है। इस वर्ष भी इस तरह के तीन पुरस्कारों- नानाजी देशमुख गौरव ग्राम सभा पुरस्कार (एनडीआरजीजीएसपी), बाल-सुलभ ग्राम पंचायत पुरस्कार (सीएफजीपीएऔर ग्राम पंचायत विकास योजना (जीपीडीपीपुरस्कार को संबंधित राज्यों/संघ शासित प्रदेशों को दिया जाएगा।
पृष्ठभूमि:
1. पंचायती राज को संस्थागत रूप देने के साथ ही24 अप्रैल1993 को एक निर्णायक क्षण आया जब संविधान के (73वें संशोधन) अधिनियम1992 के माध्यम से जमीनी स्तर पर सत्ता का विकेंद्रीकरण किया गया और यह अधिनियम इसी दिन से प्रभावी भी हो गया। पंचायती राज मंत्रालय, हर वर्ष 24 अप्रैल को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस (राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस) (एनपीआरडीके रूप में मनाता हैक्योंकि इसी तिथि को 73वां संवैधानिक संशोधन लागू हुआ था। यह अवसर पूरे देश के पंचायत प्रतिनिधियों के साथ सीधे संवाद का अवसर प्रदान करता है और साथ ही उनकी उपलब्धियों को सशक्त बनाने और उन्हें आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित करता है।
2. आम तौर परराष्ट्रीय पंचायती राज दिवस को व्यापक स्तर पर एक भव्य आयोजन के रूप में मनाया जाता है और आम तौर पर दिल्ली के बाहर आयोजित किया जाता है। कई मौकों परमाननीय प्रधानमंत्री स्वयं इस अवसर पर उपस्थित रहते हैं। इस वर्षउत्तर प्रदेश के झाँसी में एक राष्ट्रीय कार्यक्रम आयोजित करने का प्रस्ताव किया गया था और माननीय प्रधानमंत्री ने इस राष्ट्रीय आयोजन का उद्घाटन करने और देशभर की सभी ग्राम सभाओं और पंचायती राज संस्थानों को संबोधित करने के लिए अपनी सहमति भी व्यक्त कर दी थी, लेकिनदेश में कोविड-19 महामारी के प्रकोप के कारण उत्पन्न अभूतपूर्व स्थिति को देखते हुए, 24 अप्रैल, 2020 (शुक्रवार) को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस को डिजिटल रूप से मनाने का निर्णय लिया गया है।
3. हर वर्षइस अवसर परपंचायती राज मंत्रालय, सेवाओं और सार्वजनिक वस्तुओं के वितरण में सुधार के लिए बेहतर कार्यों को मान्यता देते हुए पंचायतों को प्रोत्साहन देने के तहत देश भर में सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाली पंचायतों/ राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों को पुरस्कृत करता रहा है। पुरस्कारों को विभिन्न श्रेणियों के अंतर्गत दिया जाता हैजैसे दीन दयाल उपाध्याय पंचायत सशक्तिकरण पुरस्कार (डीडीयूपीएसपी), नानाजी देशमुख गौरव ग्राम सभा पुरस्कार (एनडीआरजीजीएसपी), बाल-सुलभ ग्राम पंचायत पुरस्कार (सीएफजीपीए), ग्राम पंचायत विकास योजना (जीपीडीपीऔर ई-पंचायत पुरस्कार (केवल राज्यों/संघ शासित प्रदेशों को दिया जाता है)। इस वर्ष लॉकडाउन के कारण केवल तीन श्रेणियो के तहत पुरस्कारों- नानाजी देशमुख गौरव ग्राम सभा पुरस्कार (एनडीआरजीजीएसपी), बाल-सुलभ ग्राम पंचायत पुरस्कार (सीएफजीपीएऔर ग्राम पंचायत विकास योजना (जीपीडीपीपुरस्कार को संबंधित राज्यों/संघ शासित प्रदेशों के साथ सांझा किया जाएगा। अन्य दो श्रेणियों के पुरस्कारों को अंतिम रूप दिया जाएगा और राज्यों को प्रक्रिया पूरी करने के बाद अलग से इसकी जानकारी दी जाएगी जो कोविड-19 महामारी के कारण विलंबित हो गई है।
4. एनडीआरडी कार्यक्रमों का प्रसारण/वेबकास्ट डीडी-न्यूज पर होगा और ई-कार्यक्रम मे पंचायती राज विभागों के अधिकारी और राज्य/जिला/ब्लॉक/पंचायत स्तर के अन्य हितधारक लॉकडाउन मानदंडों को पूरा करते हुए और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए सहभागी बनेंगे।
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