Sunday, May 3, 2020

केंद्रीय मंत्री गांव के करीब और संसदीय क्षेत्र के 35 युवाओं को लाने में करेंगे मदद

केंद्रीय मंत्री गांव के करीब और संसदीय क्षेत्र के 35 युवाओं को लाने में करेंगे मदद

फग्गन सिंह कुलस्ते के गांव के करीब के युवा रोजगार की तलाश में पूना में फसे

रोज दो-तीन रोटियां खाकर ही जीने को है मजबूर 

मंडला/सिवनी। गोंडवाना समय।
सरकारी आंकड़ों को झुठलाना किसी के वश में नहीं है क्योंकि ये आंकड़े कभी झूठ नहीं बोलते है इन्हें तैयार करने वाले वातानुकूलित कमरों में बैठकर उच्चाधिकारियों के मातहत कर्मचारियों के द्वारा तैयार किया जाता है। हम देख रहे है कि मध्य प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार प्रवासी श्रमिकों के लिये जो आंकड़े मदद के लिये और उन्हें उपलब्ध करवाई जाने वाली सामग्रियों व उन पर किये जाने वाले बजट की धमराशि के आंकड़े की संख्या में शून्य बढ़ता ही जा रहा है। क्या यह सरकारी मदद सही में श्रमिकों को मिल रही है इसकी हकीकत श्रमिकों से अच्छा कोई नहीं जानता है। अब हम बात करते है उन 35 युवाओं की जो मंडला संसदीय क्षेत्र से रोजगार की तलाश में महाराष्ट्र राज्य के पूना में फंसे हुये है। 

रेस्टारेंट में रोजगार के उद्देश्य से पहुंचे थे पूना 

हम आपको बता दे कि केंद्रीय मंत्री श्री फग्गन सिंह कुलस्ते के गृह ग्राम बबलिया से लगभग 3 और 5 किलोमीटर की दूरी पर रहने वाले वन ग्राम केरीवा ग्राम पंचायत छपरा, रिपटा व आसपास के अन्य ग्रामों के लगभग 35 युवा महाराष्ट्र राज्य के पूना शहर के रेस्टारेंट सांई भोज व नवविद्या हॉटल में काम करने के उद्देश्य से लॉकडाउन लगने के एक दो दिन पहले ही पहुंचे थे लेकिन लॉकडाउन लगने के बाद वे वहां पर फंस गये और वापस नहीं आ पा रहे है। 

दो-तीन रोटी खाकर जीवन यापन को है मजबूर

हम आपको बता दे कि मंडला संसदीय क्षेत्र के अधिकांश श्रमिक जो कि जनजाति समुदाय के ताल्लुक रखते है वे देश के विभिन्न राज्यों में फंसे हुये है।
मध्य प्रदेश सरकार, केंद्र सरकार और जहां पर श्रमिक फंसे हुये है वहां की राज्य सरकार कह रही है कि हम श्रमिकों का पूरा ध्यान रख रहे है।
इसके लिये सरकार द्वारा बकायदा आंकड़े भी जारी किया जा रहा है और इस पर व्यय होने वाले बजट के आंकड़े भी जारी कर रही है लेकिन हम और आपसे अच्छा वह श्रमिक ही जानते है कि वह अपना पेट का पालन पोषण कैसे कर रहे है।
पूना में मंडला संसदीय क्षेत्र के फंसे हुये 35 युवाओं में से कुछ युवाओं ने गोंडवाना समय से चर्चा में बताया कि हम यहां पर अत्याधिक परेशान है।
हमे भोजन में दो-तीन रोटियों का ही आटा दिया जा रहा है उसी पर हम अपना जीवन यापन कर रहे है।

करवा लिये है पंजीयन, सरकार व सासंद से लगाई मदद की गुहार 

वहीं गोंडवाना समय से चर्चा के बाद पूना में फंसे हुये लोगों को भोपाल में पंजीयन कराये जाने का नंबर उपलब्ध करवाया गया है जिससे उन्होंने वापस आने का पंजीयन करवा लिया है। वहीं उन्होंने बताया कि इसके पहले भी उन्होंने अनेको प्रयास मंडला में परिचितों से किया था लेकिन वापस आने की कोई व्यवस्था नहीं हो पाई है। हम लोग यहां पर फसे हुये है इसके लिये उन्होंने सरकार व सांसद से वापस बुलाये जाने के लिये मदद की गुहार भी लगाया है। 

कलेक्टर से भी किया है चर्चा, थाना में उपलब्ध करवा दिया है सूची 

पूना में फंसे हुये युवको ने बताया कि हमने मंडला वापस आने के लिये मंडला कलेक्टर को भी सूचना दिया है ताकि हमें पूना से वापस लाने में मदद कर सके। कलेक्टर मंडला ने भी उन्हें शीघ्रतीशीघ्र मंडला में वापस बुलाये जाने की व्यवस्था कराये जाने का आश्वासन भी दिया है। वहीं पूना में फंसे हुये युवकों ने भोपाल में पंजीयन कराये जाने के बाद, भोपाल में मार्गदर्शन अनुसार पूना में पास के ही पुलिस थाना में सूची बनाकर सौंप दिया है और आगे की कार्यवाही के साथ वापसी के इंतजार में है। 

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