Monday, May 4, 2020

रेल परिवहन के माध्यम से श्रमिकों को लाने के लिए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिए निर्देश

रेल परिवहन के माध्यम से श्रमिकों को लाने के लिए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिए निर्देश

श्रमिकों को लगने वाले रेल किराए को शासन द्वारा वहन किया जाएगा 
अब तक करीब 64 हजार श्रमिक प्रदेश में वापस लाये गये

भोपाल। गोंडवना समय। 
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान से चर्चा के बाद जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया है कि मध्य प्रदेश में दूसरे प्रदेशों से लाए गए प्रवासी मजदूरों को रेल सेवा के माध्यम से प्रदेश में लाया जाए। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया है कि इनमें प्रथम चरण में 31 रेलगाड़ियों से विभिन्न राज्यो में फसे श्रमिकों को महाराष्ट्र, गुजरात, हरियाणा, गोवा और दिल्ली से रेल परिवहन द्वारा भोपाल, जबलपुर, रतलाम और कटनी जिले में लाया जाकर प्रदेश के विभिन्न जिलों में रहने वाले श्रमिकों को बस के माध्यम से समुचित व्यवस्था की जाए। साथ ही इन सभी श्रमिकों का स्वास्थ्य परीक्षण उपरांत ही ट्रेन में प्रवेश दिया जाएगा।

महाराष्ट्र से प्रथम चरण में 22 रेल परिवहन द्वारा 27000 हजार श्रमिकों को लाया जायेगा

इसके साथ ही राज्य शासन द्वारा निर्णय लिया गया है कि अन्य प्रदेशों में फंसे मध्यप्रदेश के श्रमिकों को श्रमिक स्पेशल ट्रेन से लाने में लगने वाले रेल किराया का वहन भी म प्र शासन द्वारा किया जाएगा। महाराष्ट्र से प्रथम चरण में 22 रेल परिवहन द्वारा 27000 श्रमिकों को लाया जाएगा। साथ ही विभिन्न रुटो के माध्यम से श्रमिकों को प्रदेश में लाने की कवायद की जा रही है।

राज्यों के नोडल अधिकारी और रेलवे से समन्वय कर समुचित व्यवस्थाएं करेंगे

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के द्वारा लिये गये निर्णय और प्रयासों से आज दिनांक तक गुजरात से 17000, राजस्थान से 32000, हरियाणा से 1350, उत्तर प्रदेश से 2000  बसों से और नासिक से 347 लोगों को विशेष ट्रेन के माध्यम से प्रदेश में लाया जा चुका है। इस प्रकार अब तक 59,000 श्रमिकों को रेल परिवहन  के माध्यम से लाया गया है। अपर मुख्य सचिव, प्रभारी स्टेट कंट्रोल रूम, श्री आईसीपी केशरी ने जारी आदेश में कहा है स्टेट को-आॅर्डिनेटर इस निर्णय के क्रियान्वयन को अपने प्रभार के राज्यों के नोडल अधिकारी और रेलवे से समन्वय कर समुचित व्यवस्थाएं करेंगे।

64 हजार श्रमिक प्रदेश में वापस लाये गये

कोरोना संक्रमण के कारण विभिन्न प्रदेशों में फँसे मध्यप्रदेश के करीब 64 हजार श्रमिक अब तक वापस लाये जा चुके हैं। गुजरात से करीब 3 हजार लोग आज वापस लाये गये। प्रतिदिन पैदल प्रदेश में 2 से 3 हजार लोग आ रहे हैं। अपर मुख्य सचिव एवं प्रभारी स्टेट कंट्रोल-रूम श्री आई.सी.पी. केशरी ने जानकारी दी है कि 3 मई, 2020 तक मुख्यत: गुजरात से 20 हजार, राजस्थान से 33 हजार, हरियाणा से 1350, उत्तर प्रदेश से 2 हजार श्रमिक वापस लाये गये हैं। नासिक से ट्रेन से 347 लोग भोपाल लाये गये हैं। इन सभी को स्वास्थ्य परीक्षण के बाद उनके गृह स्थान पहुँचा दिया गया है।

विभिन्न जिलों में फँसे 43 हजार श्रमिकों को पहुँचाया गृह स्थान

प्रदेश के विभिन्न जिलों में फँसे मध्यप्रदेश के ही करीब 43 हजार श्रमिकों को उनके गृह स्थान पहुँचा दिया गया है। श्री केशरी ने बताया है कि तमिलनाडु, केरल, आंध्रप्रदेश, कर्नाटका, गोवा, हरियाणा, पंजाब एवं गुजरात में फँसे श्रमिकों को वापस लाने के लिये रेल मंत्रालय से ट्रेन उपलब्ध करवाने की कार्यवाही की जा रही है।

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