Wednesday, May 27, 2020

तेंदूपत्ता रोजगार के साथ परिवार की आर्थिक मजबूती का बन रहा सहारा

तेंदूपत्ता रोजगार के साथ परिवार की आर्थिक मजबूती का बन रहा सहारा 

सर्वाधिक जनजाति समुदाय को मिलता है तेंदूपत्ता संग्रहण का लाभ
मध्य प्रदेश में तेंदूपत्ता से संग्राहकों को 407 करोड़ पारिश्रमिक मिलेगा 

घंसोर। गोंडवाना समय।
जनजाति बाहुल्य क्षेत्रों में तेंदूपत्ता तुड़ाई का कार्य प्रारंभ हो चुका है और जनजातियों के लिए तेंदूपत्ता तोड़ने का कार्य आर्थिक रूप से मजबूती प्रदान करने के लिये महत्वपूर्ण स्थान रखता है। जनजाति समुदाय के सदस्यगण परिवार समेत सपरिवार तेंदुपत्ता तोड़ने के लिए सूर्याेदय के बहुत पहले ही जंगल पहुंच जाते हैं। दोपहर में जहां गड्डियां बनाने का काम करके शाम को फड़ पर जाकर जमा भी करने के लिये जाते है। 

चार महिने का जुटा लेते है राशन 

लॉकडाउन में सभी मजदूर घर बैठे थे लेकिन तेंदूपत्ता तोड़ने का कार्यक्रम प्रारंभ होने से उन्हें रोजगार मिल गया है। तेंदूपत्ता तोड़ने संग्राहकों का कहना है कि तेंदूपत्ता तुड़ाई कार्य से हमें परिवार में आर्थिक जरूरतें पूरा करने में बहुत सहायक सिद्ध होती है और हम पत्ता तोड़कर अपने परिवार के लिये आने वाले चार महीनों का राशन जुटा लेते हैं। 

परिवार के सभी सदस्यों को मिलता है रोजगार तो जल्द हो जाता है भुगतान 

वहीं उनका यह भी कहना है कि लॉकडाउन के कारण रोजगार नहीं मिल रहा था लेकिन अब कुछ दिनों के लिए रोजगार मिल गया है। वहीं ग्रामीण क्षेत्र के मजदूरों ने बताया कि ग्राम पंचायतों में भी काम मिलता है लेकिन परिवार के किसी एक सदस्य को ही काम या जाबकार्डधारी को ही काम मिल पाता है लेकिन तेंदुपत्ता तुड़ाई के कार्य में पूरे परिवार के सदस्य काम करते है तो सभी को काम मिल जाता है, जिससे ज्याद से ज्यादा तेंदूपत्ता एकत्र करने के बाद ज्यादा से जयादा गड्डियां भी बन जाती है, जिससे एक परिवार में ज्यादा से ज्यादा रूपया सरकार से प्राप्त होता है, इसलिये पंचायत के कार्य के साथ ही तेंदूपत्ता तुड़ाई का कार्य बहुत ही अच्छा रोजगार का साधन है। तेंदूपत्ता तुड़ाई के कार्य में यह सबसे अच्छी बात है कि तेंदुपत्ता संग्राहकों को भुगतान भी जल्द मिल जाता है वहीं पंचायत के कार्य में मजदूरी मिलती है तो लेकिन कई बार लेट भी हो जाती है। 

भिलाई समिति के 25 फड़ों में चल रहा तेंदुपत्ता तुड़ाई का कार्य 

फड़ मुंशी दीपक कूड़ापे ने बताया कि इस बार पत्ते की क्वालिटी अच्छी है। रेंजर मनीराम ऊइके ने बताया कि इस बार भी रेट पिछले साल के समान है और 100 गड्डी पर 250 रुपये मिलेंगे। अच्छा पत्ता आता है तो टारगेट पूरा होने के बाद भी तुड़ाई का कार्य चलता रहेगा। पोषक अधिकारी विनोद कुमार शर्मा ने बताया कि भिलाई समिति के 25 फड़ो में पत्ते की तुड़ाई का कार्य चल रहा है। भिलाई समिति में पहले दिन में हर फड़ में लगभग  25 से 35 हजार गड्डी प्राप्त हुई है।

मध्य प्रदेश में अब तक 13.25 लाख मानक बोरा तेंदूपत्ता संग्रहीत

कोरोना के एहतियात के साथ प्रदेश में तेंदूपत्ता संग्रहण का कार्य जारी है। संग्रहण वर्ष 2020 की अनुमानित मात्रा 16.19 लाख मानक बोरा के विरुद्ध अब तक 13 लाख 25 हजार मानक बोरा तेंदूपत्ता संग्रहित किया जा चुका है जो अनुमानित मात्रा का 81.36 प्रतिशत है। पारिश्रमिक भुगतान का कार्य शुरू कर दिया गया है। अब तक संग्राहकों को लगभग 40 करोड़ का नगद भुगतान किया जा चुका है। शेष राशि के भुगतान की कार्यवाही जारी है।
प्रबंध संचालक, राज्य लघु वनोपज संघ श्री अनिल श्रीवास्तव ने बताया कि अनुमानित मात्रा 16.29 लाख मानक बोरा का संग्रहण करने पर संग्राहकों को लगभग 407 करोड़ 25 लाख पारिश्रमिक के रूप में मिलेंगे। शासन द्वारा संग्राहकों को 2500 रुपये प्रति मानक बोरे की दर से पारिश्रमिक का भुगतान किया जाता है। लगभग 25 लाख संग्राहकों को इसका लाभ मिलेगा। राज्य लघु वनोपज संघ द्वारा संग्राहकों को उनके संग्रहण पारिश्रमिक का भुगतान साप्ताहिक रूप से किया जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा तेंदूपत्ता संग्राहकों को उनके द्वारा संग्रहित मात्रा के अनुपात से प्रोत्साहन पारिश्रमिक के रूप में भुगतान की शुरूआत 23 मई, 2020 को वीडियो-कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की गई है। तेंदूपत्ता संग्राहकों को जिला यूनियनों के माध्यम से 183 करोड़ 94 लाख के प्रोत्साहन
पारिश्रमिक का भुगतान किया जा रहा है। प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों के तेंदूपत्ता संग्राहकों के बैंक खातों में राशि भेजी जा रही है।

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