Friday, May 8, 2020

मजदूर भाई चिंता न करें उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करेंगे

मजदूर भाई चिंता न करें उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करेंगे

धैर्य रखें, पैदल न चलें, कंट्रोल रूम से संपर्क करें

कंट्रोल रूम 0755-2411180 पर सूचना दें तथा रजिस्ट्रेशन कराएं

मुख्यमंत्री ने दूसरे राज्यों में फंसे मध्यप्रदेश के मजदूरों से की अपील

भोपाल। गोंडवाना समय।
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने दूसरे प्रदेशों में फंसे मध्यप्रदेश के मजदूरों से अपील की है कि वे चिंता न करें। उनकी मध्यप्रदेश सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की जाएगी। वे धैर्य रखें, पैदल न चलें तथा प्रदेश के कंट्रोल रूम पर संपर्क कर अपनी जानकारी दें। हम आपको प्रदेश वापस लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बताया कि विभिन्न प्रदेशों में फंसे मध्यप्रदेश के एक लाख 25 हजार मजदूरों को प्रदेश वापस लाया गया है। उन्हें लाने के लिए विशेष ट्रेनों की व्यवस्था की गई है। ग्यारह ट्रेन मजदूरों को लेकर मध्यप्रदेश आ गई हैं, कल 10 ट्रेन आ जाएंगी तथा अन्य 40 ट्रेनें भी तैयार हैं। वे निर्धारित कार्यक्रमानुसार विभिन्न प्रदेशों से मजदूरों को लेकर मध्यप्रदेश आएंगी। मजदूरों को आने का कोई किराया नहीं चुकाना है। मध्यप्रदेश सरकार द्वारा रेल का किराया भारत सरकार को दिया जा रहा है।

मन अत्यंत व्यथित एवं दु:खी हुआ

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि अन्य प्रांतों में फंसे मजदूर भाई हमारे कंट्रोल रूम 0755-2411180 पर सूचना दें तथा रजिस्ट्रेशन कराएं और इंतजार करें। शीघ्र ही आपको मध्य प्रदेश वापस लाने की व्यवस्था की जाएगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बताया कि महाराष्ट्र में हुई दुर्घटना से मन अत्यंत व्यथित एवं दु:खी हुआ है। हमारे 16 मजदूर भाई पैदल चल कर वापस आ रहे थे तथा रेलवे ट्रैक पर सो गए। रेल हादसे में उनकी मृत्यु अत्यंत दुखद है।
            सरकार ने मंत्री सुश्री मीना सिंह को अधिकारियों की टीम के साथ औरंगाबाद तुरंत भिजवाया है। वे वहां जाकर सारी व्यवस्थाएं कर रही हैं। दिवंगत मजदूरों के परिवारों को 5-5 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी जा रही है तथा रेल मंत्री से भी उन्हें सहायता देने का आग्रह किया गया है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री से चर्चा कर अन्य व्यवस्थाएं की जा रही हैं। दिवंगत मजदूरों के पार्थिव शरीर को ट्रेन के माध्यम से जबलपुर लाया जाएगा तथा वहां से उनके घरों को भिजवाया जाएगा।

आदिम जाति कल्याण मंत्री सुश्री मीना सिंह ने औरंगाबाद पहुँचकर श्रमिकों से की मुलाकात

आदिम जाति कल्याण मंत्री सुश्री मीना सिंह ने शुक्रवार को महाराष्ट्र के औरंगाबाद पहुँचकर श्रमिकों से मुलाकात की और ट्रेन हादसे के बारे में जानकारी प्राप्त की। आदिम जाति कल्याण मंत्री सुश्री मीना सिंह ने अस्पताल पहुँचकर ट्रेन हादसे में घायल श्रमिक से उपचार की जानकारी प्राप्त की। मंत्री सुश्री मीना सिंह ने बताया कि ट्रेन हादसे में मृतक श्रमिकों के शव को उनके गृह नगर तक पहुँचाने की विशेष ट्रेन की व्यवस्था की गई है। 
इसके साथ ही करीब 1200 श्रमिक को इसी विशेष ट्रेन से जबलपुर पहुँचाया जा रहा है। जबलपुर से इन श्रमिकों को उनके गृह नगर तक पहुँचाने की विशेष व्यवस्था की गई है। औरंगाबाद ट्रेन हादसे में 16 श्रमिक की मृत्यु हुई है। इनमें 11 शहडोल जिले के और 5 श्रमिक उमरिया जिले के हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश पर आदिम जाति कल्याण मंत्री सुश्री मीना सिंह अधिकारियों के साथ आज औरंगाबाद पहुँची थी।

अब तक एक लाख 25 हजार श्रमिक मध्यप्रदेश वापस आये

अपर मुख्य सचिव एवं प्रभारी स्टेट कंट्रोल-रूम श्री आई.सी.पी. केशरी ने जानकारी दी है कि अब तक विभिन्न प्रदेशों में फँसे मध्यप्रदेश के करीब एक लाख 25 हजार श्रमिक वापस लाये जा चुके हैं। गुजरात से 6 हजार लोग आज आये हैं। प्रतिदिन विभिन्न प्रदेशों से 4 से 5 हजार लोग पैदल आ रहे हैं। इनमें से सर्वाधिक उत्तर प्रदेश से आ रहे हैं। आज तक गुजरात से 55 हजार एवं राजस्थान से 40 हजार श्रमिक वापस लाये जा चुके हैं। प्रदेश के विभिन्न जिलों में फँसे मध्यप्रदेश के करीब 55 हजार श्रमिकों को पिछले 11 दिनों में उनके गृह स्थान पहुँचाया गया है।

ट्रेनों से श्रमिकों की वापसी-56 अतिरिक्त ट्रेनों का रिक्युजिशन

श्री केशरी ने बताया है कि विभिन्न प्रदेशों से ट्रेनों के माध्यम से श्रमिकों की वापसी लगातार जारी है। आज एक ट्रेन रीवा, एक भोपाल आई। प्रतिदिन दो ट्रेन हैदराबाद से मध्यप्रदेश आ रही हैं। कल भी एक ट्रेन हैदराबाद से बालाघाट आयेगी। हरियाणा से एक ट्रेन पहुँच गई है और एक आज रवाना हो रही है। दिल्ली से छतरपुर एक ट्रेन आ गई है। केरल के कालीकट से भोपाल एक ट्रेन आ गई है। आज कुल 11 ट्रेन प्रदेश में आ रही हैं। शनिवार को 8 से 9 ट्रेन विभिन्न स्थानों से आ रही हैं। दिनांक 7 मई को 25 ट्रेनों का और 8 मई को 31 ट्रेनों का अतिरिक्त रिक्युजिशन भेजा गया है। कुल मिलाकर 56 ट्रेनों के लिये अतिरिक्त रिक्युजिशन भेजा जा चुका है।

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