Monday, June 1, 2020

भाजपा की अदालत में जीतेंगे दिनेश राय मुनमुन !

भाजपा की अदालत में जीतेंगे दिनेश राय मुनमुन !

शिवराज 15 वर्षों का फिर दोहरांगे इतिहास या करेंगे विश्वास,
कहीं फिर तो नहीं करेंगे कुठाराघात 

जनता की अदालत में जीतते आने वाले विधायक दिनेश राय मुनमुन का जनप्रतिधि के रूप में कार्यकाल भ्रष्टाचार से मुक्त रहा है। यहां तक कि नगर पंचायत में मिलने वाले वेतन उन्होंने स्वयं न लेकर बेरोजगारों को रोजगार से लगाकर अपना वेतन तक दिया है। लगभग 10 वर्ष से अधिक के जनप्रतिनिधित्व के कार्यकाल में विकास बिना सरकार के साथ रहे बिना ही निर्दलीय के रूप में कराने का प्रयास भी किया है। लखनादौन नगर में वह दिखाई भी दे रहा है। किसी भी जनप्रतिनिधि के लिये सबसे अहम विषय भ्रष्टाचार को लेकर रहता है लेकिन इतने वर्षों का जनप्रतिनिधित्व के कार्यकाल में दिनेश राय मुनमुन हो या उनका परिवार भ्रष्टाचार से कोसो दूर है। वहीं वे चाहते तो विधानसभा चुनाव के पहले कांग्रेस के साथ जा सकते थे इसके लिये स्वयं श्री कमल नाथ ने और राज्यसभा सांसद श्री विवेक तन्खा ने प्रयास भी किया था लेकिन पूर्ण समर्पण के साथ सिवनी जिले के विकास को ध्यान में रखकर भाजपा में शामिल हुये विधायक दिनेश राय मुनमुन के लिये भारतीय जनता पार्टी किसी अदालत से कम नहीं है और वह संगठन के कटघरे में खड़े हुये है। भाजपा से विधायक बनने के बाद दिनेश राय मुनमुन का मंत्री मण्डल विस्तार में नाम चल तो रहा है लेकिन शपथ लेने के पहले शायद भाजपा की अदालत से उन्हें न्याय मिलना अभी बाकी है। वहीं सिवनी जिले से दो भाजपा के विधायक है जिनमें केवलारी से राकेश पाल सिंह भी शामिल है जो मंत्री पद पाने के लिये प्रयासरत है। 

सिवनी। गोंडवाना समय। 
यदि हम मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के 15 वर्षों के इतिहास को याद करें तो सिवनी जिले में 2 आदिवासी विधायक होने के बाद भी उन्हें मंत्रीमण्डल में स्थान नहीं मिल पाया था अर्थात सिवनी जिले से मंत्रीमण्डल में स्थान दिये जाने को लेकर उन्होंने विश्वास नहीं किया वहीं मुख्यमंत्री शिवराज के 15 वर्षों के कार्यकाल में सिवनी जिले में घोषणा रूपी सौगात तो खूब मिली लेकिन 70 किलोमीटर दूर जाकर सिवनी जिले के साथ उन्होंने कुठाराघात करने में कोई संकोच नहीं किया।
              मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने संभाग की घोषणा सिवनी में किया और छिंदवाड़ा के लिये तैयार हो गये, सिवनी में मेडिकल बनाने के लिये कहा और छिंदवाड़ा के नागरिकों की हृद्य की आवाज बताकर भूमिपूजन कर दिया।
           फोरलेन के मामले में सूरज भले ही पश्चिम निकल जाये लेकिन फोरलेन सिवनी से ही जायेगी कहा काम तो चालू है लेकिन सिवनी जिले के लोगों ने इसके लिये सड़कों पर उतरकर कितना विरोध और संघर्ष किया है उन्हीं के पार्टी के कई पदाधिकारियों पर कानूनी कार्यवाही भी हुई है निष्कर्ष यही है कि शिव की नगरी सिवनी के साथ शिवराज ने कुठाराघात करने में कोई कमी नहीं किया है।
         अब चौथे कार्यकाल में मुख्यमंत्री के रूप में सिवनी जिले के विकास के लिये राज्य मंत्री नहीं कैबीनेट मंत्री का सिवनी जिले से होना अनिवार्य है यह सिवनी जिले की जनता की मांग भी है लेकिन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह और भारतीय जनता पार्टी सिवनी जिले से मंत्री मण्डल में स्थान देती है या नहीं यह मंत्रीमंडल में शपथ लेने के बाद ही साफ हो पायेगा कि भाजपा को सिवनी जिले से सांसद और विधायक जिताकर देने वाले मतदाताओं का कितना सम्मान करते है। 

काजल की कोठरी में रहने के बाद भ्रष्टाचार के मामले में बेदाग है दिनेश राय मुनमुन 

           
यहां तक कि अधिकांश विधायक यदि कार्यक्रम होते है तो आयोजन के लिये चंदा उगाही भी करवाते है लेकिन विधायक दिनेश राय मुनमुन स्वयं की सक्षमता के बल पर बड़े-बड़े आयोजन करवा चुके है लेकिन कहीं भी शासकीय विभागों की ओर से चंदा उगाही की आवाज सुनाई नहीं दी है। 
              वहीं निर्दलीय विधायक बनने के बाद भी विधायक निधि के कार्यों में भी कभी कमीशन लेने की आवाज नहीं आई है नहीं तो अधिकांशतय: यह सुनने में आता है सांसद और विधायक तो अपने निधि की राशि देने के एवज में कमीशन फिक्स कर लेते है लेकिन विधायक रहते दिनेश राय मुनमुन के मामले में ऐसी बातें कभी सामने नहीं आई है।
मतदाताओं का मत पाकर जनसेवक बनने के बाद जनप्रतिनिधि का कार्यकाल काजल की कोठरी से कम नहीं कहलाता है। कमीशन, भ्रष्टाचार, चंदा उगाही के साथ साथ अनेक आरोप जनप्रतिनिधियों को लगते रहते है कई तो मंत्री बनने के बाद लोकायुक्त के शिंकजे में रहते है। वहीं यदि हम भ्रष्टाचार के मामले में विधायक दिनेश राय मुनमुन के जनप्रतिनिधि के रूप में नगर पंचायत लखनादौन से बात शुरू करे तो भ्रष्टाचार को लेकर उनका कार्यकाल बेदाग रहा है यहां तक उनक मां रही हो या भाई लेकिन भ्रष्टाचार के मामले में उनका परिवार कोसो दूर है।

लोककल्याणकारी योजनाओं की कोताही के मामले में बोलने से नहीं चूकते 

            वहीं हम आपको बता दे कि सरकार की लोककल्याणकारी योजनाओं में जरूरतमंदों व हितग्राहियों को लाभ नहीं मिलता है तो वे धरातल पहुंचकर योजनाओं की हकीकत का जायजा लेने से नहीं चूकते है।
            निर्दलीय के रूप में विधानसभा में सबसे ज्यादा प्रश्न पूछने वाले के रूप में विधायक दिनेश राय का नाम आता है भले ही उनकी आवाज को सरकार ने अनसुना कर दिया हो लेकिन बुलंद आवाज में जनता का पक्ष रखने में उन्होंने विधानसभा में पीछे हटते हुये नहीं देखा गया है यहां तक उन्होंने तो सिवनी जिले के विकास को लेकर उन्होंने मध्य प्रदेश के नक्शा से हटाने तक की बात कह डाला था।
           शासकीय अधिकारी कर्मचारी को विधायक रहते सिर्फ लोककल्याणकारी योजनाओं के कोताही के मामले में ही ऊंची आवाज में बात किया होगा नहीं तो शासकीय अधिकारी कर्मचारी से वे पत्र व्यवहार में ही काम कराकर मधुर संबंध बनाये हुये है। 

मदद में रहते है आगे और विधानसभा में करते है सतत दौरा

               विधायक के लिये पहली बार हारने के बाद भी दिनेश राय मुनमुन सिवनी विधानसभा क्षेत्र में सतत संपर्क रहे और जरूरतमंदों की मदद करते रहे। इसके बाद जब निर्दलीय के रूप में विधायक बने तो पांच साल वे घर पर विधायकी नहीं चलाते रहे, विधानसभा क्षेत्र के गांव-गांव में सुख-दुख, सांस्कृतिक, धार्मिक, समााजिक कार्यक्रमों और विकास के मामले में निरंतर जनसंपर्क में करते रहे है।
             जरूरतमंदों की मदद करने में भी वे हमेशा आगे रहते है। विधायक के रूप में मिलने वाले वेतन से ज्यादा आर्थिक मदद तो जरूरतमंदों को मदद करने में कर देते है। घर में बैठकर विधायक का पद संभालने वालों में उनकी पहचान नहीं है वे विधानसभा क्षेत्र के अलावा सिवनी जिले के ग्रामीण अंचलो व तहसील मुख्यालयों में अपना संपर्क कार्यक्रमों व जनसमस्याओं के माध्यम से बनाये रखते है। 

क्या भाजपा की अदालत में दिनेश राय मुनमुन को मिल पायेगा न्याय 

               मध्य प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने काफी दिनों के बाद अपने साथ 5 विधायकों को ही मंत्री बनाया था। वहीं सरकार, शासन प्रशासन को चलाने के लिये पुन: मंत्री मंडल विस्तार की चर्चायें चल रही है संभावना भी जताई जा रही है कि जल्द ही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान मंत्रीमंडल का गठन कर सकते है।
            इसके लिये विधायकों की सूची भी सोशल मीडिया में भी खूब वायरल हो रही है जो समाचारों में भी बने हुये है। भाजपा में संगठन पार्टी गाईडलॉइन का सरकार में बड़ा हस्तक्षेप होता है और उससे भी बड़ा हस्तक्षेप संघ का होता है जिनके आदेश के बिना पत्ता भी नहीं हिलता है। मंत्री मंण्डल की सूची को फाईनल भाजपा संगठन के बाद संघ ही अंतिम मोहर लगाता है।
             मध्य प्रदेश में संभावित होने वाले मंत्रीमंडल विस्तार में जनता की अदालत में हमेशा जीतने वाले सिवनी विधायक दिनेश राय मुनमुन को मंत्री बनाये जाने के लिये संगठन के साथ संघ का भी सहारा मिलना जरूरी है। जहां तक संघ का सवाल है तो वह सिवनी विधायक दिनेश राय मुनमुन के साथ इसलिये हो सकता है क्योंकि संघ से हरी झण्डी मिलने के बाद ही भाजपा में उन्हें प्रवेश मिला था।
            वहीं स्थानीय संगठन की बात करें तो वे ही नाराज है जो विधायक की टिकिट के दावेदार थे। भाजपा में दिनेश राय मुनमुन शामिल हुये और उन्होंने भाजपा की जीत दिलाकर एक सीट का इजाफा भी किया। अब जनता की अदालत के जीतने वाले दिनेश राय मुनमुन मंत्रीमंडल विस्तार में स्थान मिलने के मामले में सबसे पहले भाजपा की अदालत से न्याय मिलने पर ही टिका हुआ है।   

No comments:

Post a Comment

Translate