Tuesday, June 2, 2020

बिहार का खराब चावल क्यों पहुंचा गुरु कृपा राइस मिल ?

बिहार का खराब चावल क्यों पहुंचा गुरु कृपा राइस मिल ?

बिहार से खराब चावल मुर्गियों का दाना बनाने के नाम पर ला रहे 

सिवनी। गोंडवाना समय। 
उपार्जन केंद्र से सरकारी अनाज सीधे ट्रक पार हो जाये, वेयर हाऊस जाते-जाते रास्ते से ट्रक का गायब हो जाये, उपार्जन केंद्रों में व्यपारियों का माल बिक जाये, धान का ट्रक चालक रास्ता भूल जाये और दूसरे जिले की ओर जाये, उपार्जन केंद्रों में अधिक तुलाई के बाद भी बेयर हाऊस में घटती आये, ऐसे अनेक कारनामे है जिनके लिये सिवनी जिला सुरक्षित स्थान है।
               इनके साथ और भी कारनामे भी सिवनी जिले में होते है दूसरे राज्य का खराब चावल भी यहां पर आसानी से खपा दिया जाता है और जिम्मेदारों को यदि जानकारी मिल भी जाये तो जब तक गले में न आ जाये तब जांच व कार्यवाही नहीं करते है, हां खानापूर्ति के लिये नोटिस थमा कर गोपनीय कार्यवाही बताकर रफा-दफा करने में ज्यादा जवाबदारी निभाते है। 

29 मई को गुरूकृपा राईस मिल पहुंचा बिहार से एक ट्रक खराब चावल 

गुरूकृपा राइस मिल काठी बरघाट, सिवनी नागरिक आपूर्ति निगम से 20 लॉट का अनुबंध कर मिलिंग के लिए चावल उठाव कर रहे हैं लेकिन वास्तव में ये मिलिंग नही कर रहे है। बिहार का खराब चावल मुर्गियों का दाना बनाने के नाम पर ला रहे हैं और उसी खराब चावल को पॉलिस कराकर, सोसायटियो में वितरण कर रहे है।
              जो यह चावल गरीबों के साथ साथ, मध्यान्ह भोजन और मिड डे मिल में दिया जा रहा है। जिसमें कई बार मध्यान्ह भोजन में इल्लियां ओर कीड़े निकलने की शिकायत भी आती है और समूह को दोषी ठहराया जाता है।
           29 मई 2020 को गुरु कृपा राइस मिल में बिहार का एक ट्रक चावल लाया गया है, सूत्र बताते है कि यही चावल को फिर सरकारी गोदाम ओर सोसायटी में सप्लाई किया जाएगा। इस मामले में नागरिक आपूर्ति अधिकारी, खाद्य एवं ओषधि विभाग और क्वालिटी की जांच करने वाले अधिकारी एक दूसरे पर जिम्मेदारी टाल रहे हैं।

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