Wednesday, June 10, 2020

सेवानिवृत्ति के वर्षों बाद भी जिला अस्पताल के जिम्मेदारों की जीभ से नहीं जा रहा डायटिशियन के हाथों का स्वाद

सेवानिवृत्ति के वर्षों बाद भी जिला अस्पताल के जिम्मेदारों की जीभ से नहीं जा रहा डायटिशियन के हाथों का स्वाद 

रोगी कल्याण समिति के बजट से वर्षों बाद भी सेवानिवृत्त डायटिशियन का हो रहा कल्याण 

सरकारी आवास का ले रहे लाभ तो इतने खर्च में 3 बेरोजगारों को मिल सकता था रोजगार 

इंदिरा गांधी जिला चिकित्सालय सिवनी में प्रतिदिन मरीजों की संख्या के आधार पर भोजन बनाया जाता है। भोजन की संपूर्ण जिम्मेदारी डायटिशियन की होती है। इंदिरा गांधी जिला चिकित्सालय में सम्माननीय श्री वीरेन्द्र सिंह ठाकुर जी की देखरेख में बने भोजन, उनके सेवानिवृत्ती के लगभग 6 से 8 वर्ष हो गये होंगे। सेवानिवृत्ति से पहले सरकारी नौकरी के कार्यकाल व सेवानिवृत्ति के वर्षों बाद मरीजों को भोजन का स्वाद कैसा लग रहा है इसकी जानकारी मरीज बताते ही रहते है लेकिन मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, अस्पताल सह अधीक्षक व लेखापाल की जीभ से अभी भी स्वाद जाने का नाम नहीं ले रहा है। वैसे भी अच्छे स्वास्थ्य के लिये अच्छी डाईट का होना आवश्यक है और सेवानिवृत्ति के वर्षों बीत जाने के बाद भी डायटिशियन की डाइट का पौष्टिक लाभ का राज स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारों से अच्छा कोई नहीं जानता है। वहीं जिला कलेक्टर हो या जिले के जनप्रतिनिधि रोगी कल्याण समिति के बजट से जिला अस्पताल द्वारा किये जाने वाले व्यय को लेकर कितने संवेदनशील व गंभीर है यह भी स्पष्ट है। सेवानिवृत्ति के बाद भी कौन से नियम के तहत सम्माननीय श्री वीरेन्द्र सिंह ठाकुर डायटिशियन की सेवा को स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार व लेखापाल की कलम की चतुराई के आधार पर रोगी कल्याण समिति के प्रमुख के द्वारा बढ़ाया जा रहा है वह जांच का विषय है।  

सिवनी। गोंडवाना समय।
इंदिरा गांधी जिला चिकित्सालय सिवनी 400 से अधिक बिस्तरों वाला अस्पताल है। आसपास के जिलों में भी इतनी जगह अस्पताल में मौजूद नहीं है, जितनी की सिवनी इंदिरा जिला चिकित्सालय में है। इंदिरा गांधी अस्पताल के सौंदर्यीकरण करने व सर्वसुविधायुक्त बनाये जाने के लिये जिले के कुछ जनप्रतिनिधियों व प्रशासन के मुखियाओं के द्वारा विशेष रूप से प्रयास भी किया गया है।
         उपचार के लिये भवन की कमी कहीं नजर नहीं आती है लेकिन विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी जरूर है। फिर भी जिला चिकित्सालय में मौजूद डॉक्टर, नर्स, बार्ड बाय सहित समस्त अमला अपनी जिम्मेदारी निभाकर मरीजों का उपचार का लाभ दे रहे है। वहीं इंदिरा गांधी जिला चिकित्सालय में उपचार हेतु भर्ती मरीजों को भोजन की सुविधा प्रदान की जाती है। इसकी जिम्मेदारी डायटिशियन के द्वारा निभाई जाती है और भोजन का कार्य सेवानिवृत्ति के वर्षों बाद आज भी सम्माननीय श्री वीरेन्द्र सिंह ठाकुर के द्वारा निभाई जा रही है। 

शासकीय आवास की भी मिल रही सुविधा

जहां अभी मध्य प्रदेश सरकार कांग्रेस सरकार में रहे मंत्रियों के बंगलो को खाली कराने के लिये नोटिस चस्पा कर सील तक करने की कार्यवाही कर रही है। वहीं हम आपको बता दे कि इंदिरा गांधी जिला अस्पताल सिवनी में सेवानिवृत्ति के वर्षों बाद भी सम्माननीय श्री वीरेन्द्र सिंह ठाकुर जी को शासकीय आवास की सुविधा मिल रही है।
           यदि उनका हाऊस रेंट कट रहा होगा तो ठीक है लेकिन यहां यह भी सवाल उठता है कि वे काफी समय पहले ही सेवानिवृत्त हो चुके है। सूत्रों की माने तो स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारों द्वारा उनके डायटिशियन के अनुभव का लाभ लेने के लिये उन्हें रखा गया है परंतु शासकीय आवास में रहने की सुविधा उन्हें कौन से नियम के तहत दी गई है और उनका हाऊस रेंट किस आधार पर कटता है यह कोई बताने को तैयार नहीं है। 

सेवानिवृत्ति के बाद कैसे मिल रहा प्रतिवर्ष सेवा का अवसर 

इंदिरा गांधी जिला चिकित्सालय में डायटिशियन के पद से सेवानिवृत्त हुये सम्माननीय वीरेन्द्र सिंह ठाकुर जी के अनुभव के आधार पर पोष्टिक डाइट का लाभ स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारों व लेखापाल को इतना गुणकारी है कि उनके अनुभव व स्वाद को वह छोड़ना नहीं चाह रहे है।
              सेवानिवृत्ति के इतने वर्ष बीते जाने के बाद भी उन्हीं की सेवा लेना मजबूरी बन गई है इसलिये प्रतिवर्ष रोगी कल्याण समिति के माध्यम से उनकी सेवा का लाभ लेने का अवसर बढ़ा दिया जाता है। ऐसा लगता है कि रोगी कल्याण समिति के बजट से उन्हें यह अवसर आजीवन मिलता रहेगा।
             सही भी है पौष्टिक डाइट शरीर की तंदरूस्ती के लिये आवश्यक है जो स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारों को सिर्फ सेवानिवृत्त सम्माननीय श्री वीरेन्द्र सिंह ठाकुर के अनुभव व हाथों से ही प्राप्त हो सकती है। इसलिये रोगी कल्याण समिति के जिम्मेदार भी प्रति वर्ष बिना विचार किये ही सेवा का अवसर बढ़ा देते है। 

3 लोगों को मिल सकता है रोजगार, जनप्रतिनिधि बने अंजान 

इंदिरा गांधी जिला चिकित्सालय में सेवानिवृत्ति के बाद भी डायटिशियन पर जितना व्यय सुविधाआें के साथ किया जा रहा है। जानबकारों की माने तो इस व्यय से 3 से भी अधिक बेरोजगारों को रोजगार मिल सकता है। इसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार सेवानिवृत्ति डायटिशियन से काम चला रहे है।
          वहीं रोगी कल्याण समिति के बजट व व्यय होेन को लेकर कभी सवाल नहीं उठाया है वहीं। सेवानिवृत्ति के बाद डायटिशियन से जिला चिकित्सालय में शासकीय सुविधायें उपलब्ध करवाकर कार्य लिये जाने के मामले में भी सिवनी जिले के मतदाताओं का मत पाकर जनप्रतिनिधि बनने वाले सांसद, विधायकों ने कभी भी संज्ञान नहीं लिया है। 

अस्पताल में परिजनों को भोजन उपलब्ध कराने की मांग 

कोरोना वायरस के चलते अस्पताल में मरीजों के साथ पहुंचने वाले परिजनों को भी जिला प्रशासन व सामाजिक संगठनों के द्वारा भोजन की व्यवस्था की गई थी, जिसकी लोगों ने सराहना भी किया। वहीं ग्रामीण अंचलों से आकर जिला अस्पताल में मरीज को उपचार कराने के लिये परिजन आते है।
           इस दौरान अक्सर यह होता है कि मरीजों के परिजन मरीज को लाते समय बिना तैयारी के ही अस्पताल आते है। कुछ लोगों की आर्थिक स्थिति भी ठीक नहीं होने के कारण वह भोजन के लिये परेशान हो जाते है क्योंकि अस्पताल में सिर्फ मरीजों को ही भोजन दिया जाता है। ऐसी स्थिति में शासन-प्रशासन-सरकार को मरीजों के साथ साथ परिजनों को भी भोजन दिये जाने पर विचार कर निर्णय लेना चाहिये।  

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