Thursday, June 4, 2020

रूखड़ गोदाम में लापरवाही और फड़ में तेज बारिश से तेंदूपत्ता हुआ बर्बाद

रूखड़ गोदाम में लापरवाही और फड़ में तेज बारिश से तेंदूपत्ता हुआ बर्बाद 

तेंदूपत्ता संग्राहकों को हो सकता है आर्थिक नुकसान 

तेंदूपत्ता फड़ प्रभारियों की सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता  

सिवनी/घंसौर। गोंडवाना समय। 
तेज हवा चलने के साथ ही बारिश भी तेज हो रही है वर्तमान समय पर मौसम में भारी बदलाव देखा जा रहा है। जून के प्रथम सप्ताह में बारिश प्रारंभ होने की स्थिति दिखाई दे रही है।
सिवनी जिले में भी सभी ब्लॉकों में बारिश होने के समाचार मिल रहे है। बुधवार व गुरूवार की दम्यानी में रात्रि में व गुरूवार की सुबह-सुबह भी तेज बारिश शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में हुई है। 

रूखड़ में वन विभाग की लापरवाही से भींग गया तेंदूपत्ता 

राष्ट्रीय राजमार्ग सिवनी नागपूर रोड पर कुरई क्षेत्र में स्थित रूखड़ गोदाम में वन विभाग की लापरवाही के कारण गोदाम में रखा हुआ तेंदूपत्ता तेज बारिश होने के कारण गीला हो गया है।
बताया जाता है कि रूखड़ में गोदाम का निर्माण तेंदूपत्ता को सुरक्षित रखने व अन्य विभागीय कार्य हेतु उपयोग किया जाता है लेकिन रूखड़ स्थित गोदाम में जिम्मेदार वन विभाग के अधिकारियों के द्वारा लापरवाही करने के कारण गोदाम के प्रांगण में ही तेंदूपत्ता खुले आसमान के नीचे रखे होने व तेज बारिश होने के कारण तेेंदूपत्ता गीला हो गया है। अब विभाग के अधिकारी कर्मचारी इसे सुखवाने का कार्य श्रमिकों के माध्यम से करवा रहे है।

तेंदूपत्ता की गुणवत्ता पर पड़ेगा विपरीत प्रभाव 

तेज बारिश होने के कारण जहां खरीदी केंद्रों में परिवहन नहीं हो पाने के कारण खुले आसमान के नीचे रखा हुआ अनाज असुरक्षा की स्थिति में पड़ा हुआ है। जहां जिले भर के खरीदी केेंद्रों में सरकार द्वारा समर्थन मूल्य में खरीदे गये अनाज सुरक्षित नहीं है। वहीं दूसरी और तेज वर्षा और कुछ स्थानों पर ओला गिरने के साथ ही धूल भरी आंधी व तेज हवाओं के कारण तेंदूपत्ता की गुणवत्ता पर भी प्रभाव पड़ा है। इसके साथ ही भारी मात्रा में तेंदूपत्ता का नुकसान भी हो रहा है। 

तेंदूपत्ता संग्राहक परेशान और संग्रहण कार्य हुआ प्रभावित 

मध्य प्रदेश भर में हजारों ग्रामीण परिवार अपने प्रमुख आर्थिक श्रोत तेंदूपत्ता के संग्रहण में लगे हुए हैं लेकिन बेमौसम वर्षा और कुछ स्थानों पर ओला गिरने से तेंदूपत्ता के संग्रहण में ग्रहण लग गया है। उल्लेखनीय है कि मौसम में आये इस बदलाव से   विशेष रूप से उत्तर सिवनी में मौसम में लगातार बदलाव हो रहा है। प्रतिदिन तेज हवा के साथ-साथ तेज वर्षा और कुछ क्षेत्रों में ओले गिरने से तेंदूपत्ता की कोमल पत्तों को भारी नुकसान पहुंंचा है। इसके साथ में तेंदूपत्ता का संग्रहण भी प्रभावित हुआ है। पत्ते फट रहे हैं, सूखाने के लिए और इनका बंडल बनाने के लिए मौसम साथ नहीं दे रहा है। इससे तेंदूपत्ता संग्राहक भी परेशान हैं। इसका कारण यह है कि तेंदूपत्ता संग्रहण से उन्हें अपने परिवार के भरण-पोषण व अन्य कार्यों के लिए भरपूर आर्थिक आय प्राप्त हो जाती है, लेकिन इस वर्ष उन्हें चिंता सता रही है। 

फिलहाल घंसौर क्षेत्र की तेंदूपत्ता फड़ की गई बंद 

इस वर्ष उत्तर वन मंडल सिवनी घंसौर सर्किल के चारों वन मंडलों में लगभग सवा दो लाख मानक बोरा तेंदू पत्ता खरीदी का लक्ष्य रखा गया है और ग्रामीण अधिक से अधिक तेंदू पत्ता का संग्रहण इसलिए भी करना चाह रहे हैं कि इस वर्ष भी पिछले वर्ष की भांति तेंदूपत्ता पारिश्रमिक की दर राशि संग्राहकों को हाथो हाथ भुगतान किया गया था। जिससे तेंदूपत्ता का संग्रहण अधिक से अधिक किया जा सके। यदि मौसम ऐसा ही चलता रहा तो तेंदूपत्ता की गुणवत्ता के साथ-साथ संग्रहण लक्ष्य भी प्राप्त करने में विपरीत प्रभाव पड़ सकता है वर्तमान समय में परिक्षेत्र घंसौर की लगभग सभी तेंदूपत्ता फड़ बंद कर दी गई है।

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