Monday, October 12, 2020

नक्सली मुठभेड़ मामला, झाम सिंह धुर्वे की मृत्यू को लेकर 15 अक्टूबर को आदिवासी भरेंगे हुंकार

नक्सली मुठभेड़ मामला, झाम सिंह धुर्वे की मृत्यू को लेकर 15 अक्टूबर को आदिवासी भरेंगे हुंकार 

बालाघाट में होगा आंदोलन, पूर्व की मांगों पर नहीं हुई कार्यवाही इसलिये फिर कर रहे आंदोलन 


बालाघाट। गोंडवाना समय।

सर्व आदिवासी समाज संगठन बालाघाट द्वारा रविवार को महारानी दुर्गावती सामुदायिक भवन में आवश्यक बैठक संपन्न हुई। जिसमें 15 अक्टूबर 2020 से किए जाने वाले आंदोलन को लेकर रूपरेखा तैयार की गई। बैठक में सर्व आदिवासी समाज संगठन ने एकमत होकर निर्णय लिया कि उनके द्वारा जिला मुख्यालय में पूर्व में उग्र आंदोलन किया गया था और मांग की गई थी कि 1 महीने में प्रशासन जांच की कार्यवाही करें और की जांच कार्यवाही का विस्तृत विवरण सार्वजनिक रूप से सबके सामने पेश करें कि कैसे कथित नक्सली पुलिस मुठभेड़ में आदिवासी झाामसिंह की हत्या की गई है लेकिन 1 महीना बीत जाने के बाद भी ऐसा कुछ नहीं हुआ। 

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के साथ हुई बैठक 


सर्व आदिवासी समाज संगठन बालाघाट द्वारा आयोजित बैठक मे मध्य प्रदेश आदिवासी विकास परिषद के जिलाध्यक्ष श्री भुवन सिंह कोर्राम सहित अन्य पदाधिकारीगण व आदिवासी समाज से जुड़े अन्य संगठनों के पदाधिकारी गण भी उपस्थित रहे।

बैठक के पश्चात आदिवासी समाज के पदाधिकारी गण एसपी कार्यालय पहुंचे जहां उन्होंने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री प्रतिपाल सिंह महोबिया से चर्चा कर 15 अक्टूबर 2020 को होने वाले पूरे कार्यक्रम के संबंध में जानकारी दिया।

इसके साथ ही आदिवासी झाम सिंह धुर्वे की हत्या मामले मे मजिस्ट्रियल जांच कार्यवाही के संबंध में समाज को अवगत कराए जाने की बात भी कही गई।

शासन की कार्यवाही रही शून्य, इसलिये आदिवासी है नाराज 


बैठक में मौजूद सर्व आदिवासी समाज के पदाधिकारी श्री द्रोपकिशोर मेरावी ने बताया कि सितंबर माह में झाम सिंह धुर्वे की हत्या पुलिस के द्वारा हुÞई थी। जिसको लेकर 15 सितंबर 2020 को जिला मुख्यालय में आदिवासाी समाज के द्वारा विरोध प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा गया था। जिसमें प्रशासन को इस मामले में आवश्यक कार्यवाही के लिए 15 दिन का समय दिया गया था फिर भी आज दिनांक तक कार्यवाही शून्य की स्थिति में है। वहीं समय समाप्त होने के बाद बालाघाट सहित मध्य प्रदेश के अन्य जिलों में भी राज्यव्यापी आंदोलन 15 अक्टुबर 2020 को रखा गया है। जिले के आदिवासी समाज संगठन के लोगो द्वारा बैठकर कर सामुहिक रूप से सहमति से इस मामले को लेकर चर्चा करते हुए रूपरेखा आंदोलन को अंतिम रूप देने की तैयार की जा रही है।

मृतक दोनो बच्चों को शासकीय नौकरी मिलने का कहा गया था

आदिवासी विकास परिषद तहसील शाखा बैहर के अध्यक्ष श्री मंसाराम मड़ावी ने बताया कि पिछले माह छत्तीसगढ़ निवासी झाम सिंह धुर्वे की संदिग्ध स्थिति में मृत्यु हुई थी, उसके एक साथी नेम सिंह धुर्वे ने कहा था कि पुलिस वालों ने हमको गोली मारी थी,इसके कारण झाम सिंह धुर्वे की मृत्यु हुई। उस संबंध में पिछले 15 सितंबर 2020 को विरोध प्रदर्शन कर आंदोलन किया गया था। उस दौरान प्रशासन से मांग की गई थी कि 15 दिनो में मजिस्ट्रियल जांच होनी चाहिए और पीड़ित को मुआवजा तथा दोनो बच्चों को शासकीय नौकरी मिलने का कहा गया था। विभिन्न मुद्दो को अंतिम रूप देते हुए अब 15 अक्टूबर 2020 को राज्य स्तरीय आंदोलन करने का सर्व आदिवासी समाज ने विचार किया है। 

आंदोलन के सुरक्षा सुरक्षा व शांति व्यवस्था की मांग 

आदिवासी विकास परिषद के जिला अध्यक्ष श्री भुवनसिंह कोर्राम ने बताया कि आदिवासी समाज का पूरा प्रतिनिधिमंडल प्रशासन के समक्ष बैठक में मौजूद रहा। जहां प्रशासन के समक्ष 15 अक्टूबर 2020 को होने वाले आंदोलन की संपूर्ण रूपरेखा से अवगत कराया गया। वहीं इस दौरान सुरक्षा का पूरा इंतजाम करने का तथा सुचारू रूप से रैली और ज्ञापन कार्यक्रम करने के लिए आश्वासन पुलिस प्रशासन द्वारा दिया गया। इसके साथ ही पुत्र को नौकरी दिए जाने को लेकर प्रक्रिया चालू होने की बात भी प्रशासन द्वारा कही गई है। 

पूर्व में ही दिया गया है एक पुत्र को नौकरी दिए जाने का प्रस्ताव  

बताया जाता है कि शासन-प्रशासन द्वारा मृतक झाम सिंह के 1 पुत्र को नौकरी दिए जाने का प्रस्ताव पूर्व में ही दिया जा चुका है। नौकरी के लिए बकायदा उनके कागज मंगवाए गए है। हालकि आदिवासी समाज और परिजन दोनो बेंटों को नौकरी की मांग कर रहे है। वहीं शासन की गाइड लाइन में एक को ही नौकरी देने का नियम है। 

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