Tuesday, November 24, 2020

संबल के 363 हितग्राहि पता लगाकर थक गये, कब आयेगी हमारे खाते में राशि

संबल के 363 हितग्राहि पता लगाकर थक गये, कब आयेगी हमारे खाते में राशि 

पूर्व सरकार पर आरोप लगाने वाली भाजपा सरकार भी संबल में हो रही विफल 


सिवनी। गोंडवाना समय।

कमल नाथ सरकार पर संबल योजना बंद किये जाने के आरोप लगाने वाले भारतीय जनता पार्टी संगठन के पदाधिकारी अपनी ही सरकार में संबल योजना की हकीकत से अंजान बने हुये है। वहीं मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के राज में संबल योजना के हितग्राही योजना के लिये मिलने वाली राशि का पता लगाने के लिये गांव से लेकर जिला मुख्यालय के चक्कर लगाने को मजबूर है। सिवनी जिले में लगभग 363 हितग्राहियों को संबल योजना के तहत लाभ मिलना था लेकिन उन्हें योजना के प्रावधान अनुसार मिलने वाली राशि बीते लगभग 3 माह से अधिक का समय होने के बाद भी नहीं मिल पाई है। 

सिवनी जिले में 363 प्रकरण लंबित

हम आपको बता दे कि गरीबों की जिंदगी में संबल देने वाली योजना को 5 मई 2020 को पुन: प्रारंभ करने वाले शिवराज सिंह चौहान के राज में सिवनी जिले में संबल योजना का लाभ पाने वाले लगभग 363 पात्र हितग्राही योजना के प्रावधान अनुरूप राशि के लिये भटक रहे है। योजना का लाभ लेने के लिये पंचायत, नगरीय निकाय सहित वरिष्ठ अधिकारियों के कार्यालय व श्रम विभाग के अधिकारियों के राशि कब आयेगी यह पूछकर पता लगाने के लिये मजबूर हो रहे है। वहीं सूत्रों की माने तो सिवनी जिले में लगभग 8 करोड़ रूपये हितग्राहियों को मिलना थ जो कि बीते 3 माह से अधिक का समय हो जाने के बाद भी हितग्राहियों को नहीं मिल पाई है। वहीं सरकार ने यह नियम भी बना दिया है कि अब सीधे हितग्राहियों के खाते में राशि आयेगी, इसके पूर्व जनपद पंचायतों नगरीय निकाय में यह राशि आती थी। इसी के चलते पात्र हितग्राही बैंक में जाकर रािश आई की नहीं यह पता लगाने के लिये बैंकों के चक्कर भी काट रहे है। वहीं मध्य प्रदेश में भी लगभग 3246 प्रकरण लंबित है। 

भाजपा के विज्ञप्तिवीर नहीं ले रहे खोजखबर 

कमल नाथ सरकार पर संबल योजना का बंद करने का आरोप लगाने वाले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के राज में मध्य प्रदेश में संबल योजना के लगभग 3246 प्रकरण लंबित है। संबल योजना का लाभ पाने के लिये हितग्राही परेशान हो रहे है। विभागीय अधिकारी हितग्राहियो को आंबटन न होने की बात कहकर अपने कार्यालयों से चलता कर रहे है। वहीं पूर्व सरकार पर संबल योजना को बंद करने का आरोप लगाने वाले भारतयी जनता पार्टी संगठन के पदाधिकारी विज्ञप्तिवीर अब अपनी ही सरकार में भटकते हुये हितग्राहियों की खोजखबर लेने को तैयार नहीं है। वहीं अपनी ही सरकार के राज में मजबूर व परेशान होते हुये हितग्राहियों को लाभ दिलाने के लिये प्रयास तक करते हुये नजर नहीं आ रहे है। 

गरीबों की जिंदगी में संबल देने वाली योजना संबल


मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने गरीबों की जिंदगी में संबल देने वाली योजना संबल को 5 मई 2020 को पुन: प्रारंभ किया था वहीं उन्होंने संबल योजना के हितग्राहियों के खातों में 41.33 करोड़ की राशि एक क्लिक पर ट्रांसफर किया था। उस दौरान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हितग्राहियों से चर्चा करते हुए कहा था कि पुरानी सरकार ने संबल योजना बंद कर दी थी इसलिये संबल योजना पुन: प्रारंभ कर रहे हैं। योजना के कार्ड रद्द कर दिये थे, अब यह कार्ड फिर काम आयेंगे। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा था कि जब मैं पहले मुख्यमंत्री था, तब मैंने संबल योजना प्रारंभ की थी। संबल केवल योजना नहीं है, गरीबों का सहारा है, बच्चों का भविष्य है, बुजुर्गों का विश्वास है और माँ, बहन-बेटियों का सशक्तिकरण है। संसाधन कब्जे में होने के कारण कुछ लोग अमीर हो गये परन्तु बड़ी आबादी निर्धन रह गयी। संबल योजना के माध्यम से हम उसी आबादी को न्याय दे रहे हैं जो धनी हैं उनसे हम टैक्स लेते हैं और जो गरीब हैं उनको सुविधाएँ देते हैं, यही सामाजिक न्याय है। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा था कि संबल योजना अप्रैल 2018 में प्रारंभ की गई थी। इस योजना के क्रियान्वयन के लिए वर्ष 2018-19 में 703 करोड़ रूपए की राशि व्यय की गई थी। हमने 20 अप्रैल 2020 को इस योजना को पुनर्जीवित कर मात्र 15 दिन में ही हितग्राहियों के खाते में 41 करोड़ रूपए जमा कर योजना को पुनर्जीवित किया है।

जिंदगी के पहले जिंदगी के बाद 'संबल योजना'

मुख्यमंत्री ने कहा था कि जन्म से मृत्यु तक साथ निभाने वाली इस अभिनव योजना का उद्देश्य गरीब एवं अनुसूचित जाति, जनजाति वर्ग के हितग्राहियों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है। इसके तहत गर्भवती को प्रसव के पूर्व 4 हजार रुपए और प्रसव के पश्चात 12 हजार रुपए हितग्राही को दिए जाएंगे। पोषण आहार दिया जाएगा एवं बच्चों की शिक्षा नि:शुल्क होगी, आठवीं तक नि:शुल्क किताबें, यूनीफार्म, मध्यान्ह भोजन की व्यवस्था है।

ये बताया था प्रावधान 

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 5 मई 2020 को जानकारी देते हुये बताया था कि इस योजना के तहत हितग्राहियों को मुख्य रूप से सामान्य और असामयिक मृत्यु पर 2 लाख रुपए, दुर्घटना में मृत्यु पर 4 लाख रुपए, स्थायी अपंगता पर 2 लाख रुपए एवं आंशिक स्थायी अपंगता में एक लाख रुपए की सहायता देने का प्रावधान है। हितग्राही की मृत्यु होने पर उसके परिजन को 5 हजार रुपए अंत्येष्टि सहायता और लघु व्यवसाय के उन्नयन में मदद दिलाना था। इस योजना को और अधिक व्यापक स्वरूप प्रदान करने के लिए इसके प्रावधानों पर पुनर्विचार किया जा रहा है।

छात्र-छात्राआें व खिलाड़ियों के लिये ये कहा था 

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने 5 मई 2020 को जानकारी देते हुये कहा था कि संबल योजना के तहत हितग्राही सदस्यों के ऐसे 5 हजार बच्चें जो 12 वीं में सर्वाधिक अंक लाएंगे उन्हें 30-30 हजार रुपए प्रोत्साहन राशि के रूप में दिए जाएंगे। कक्षा 12 वीं के बाद उच्च संस्थानों आई.आई.टी., आईआईएम, इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेज में प्रवेश होने पर उनकी फीस की व्यवस्था भी सरकार करेगी। राज्य सरकार द्वारा संबल योजना के हितग्राहियों को खेल-कूद में प्रोत्साहन दिया जाएगा। योजना में पंजीकृत परिवार के ऐसे सदस्य जो अखिल भारतीय विश्वविद्यालयीन राष्ट्रीय खेल कूद प्रतियोगिता में भाग लेते है तो उन्हें 50 हजार की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।

संबल योजना के हितग्राही शालेय बच्चों से नहीं ली जाएगी परीक्षा फीस

वहीं मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने 23 नवंबर 2020 दिन सोमवार को कहा कि संबल योजना के हितग्राही शालेय छात्र-छात्राओं से मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल की परीक्षाओं में फीस नहीं ली जाए। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने संबल योजना के हितग्राही बच्चों को माध्यमिक शिक्षा मण्डल द्वारा दी जा रही सहूलियत की जानकारी ली। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि संबल योजना गरीब परिवारों का संपूर्ण सुरक्षा चक्र है। यह योजना पूरे देश में एक विशिष्टि योजना मानी गयी है। योजना के क्रियान्वयन में आवश्यक धनराशि का प्रावधान किया जाकर सभी पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित किया जाए। योजना में गरीबों, अनुसूचित जाति, जनजाति वर्ग के सर्वांगीण कल्याण की संभावनाएं है। अत: गरीबों को योजना का लाभ प्राथमिकता से मिले। बैठक में मुख्य सचिव श्री इकबाल सिंह बैंस, संबंधित अधिकारी तथा मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल के अधिकारी मौजूद थे।








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