Saturday, November 28, 2020

किसानों को दिल्ली पहुंचने से नहीं रोक पाये आंसू के गोले

किसानों को दिल्ली पहुंचने से नहीं रोक पाये आंसू के गोले

पानी की बौछार, कटीले तार के बैरिकेट, सड़कों पर गहरे गड्डे-बड़े-बड़े पत्थर

किसानों की आवाज को सोशल मीडिया में मिला समर्थन,

सरकार पर उठे सवाल, शांतिपूर्ण आंदोलन की मिली अनुमति 

कृषि मंत्री ने किसानों से आंदोलन खत्म करने की अपील की

3 दिसंबर को बातचीत का दिया प्रस्ताव


नई दिल्ली। गोंडवाना समय। 

कृषि कानूनों के विरोध में दिल्?ली मार्च कर रहे किसानों से केंद्रीय कृषि मंत्री श्री नरेंद्र सिंह तोमर ने आंदोलन खत्?म करने की अपील की है। कृषि मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने आंदोलनरत किसानों को 3 सिदंबर को बातचीत का प्रस्?ताव दिया है। यहां यह उल्लेखनीय है कि इससे पहले कृषि कानून के विरोध में दिल्ली कूच करने वाले आंदोलनरत किसानों को शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने की अनुमति दी गई थी। दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता ईश सिंघल ने कहा कि किसान नेताओं से बातचीत के बाद दिल्ली पुलिस ने किसानों को बुराड़ी के निरंकारी ग्राउंड में शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन की अनुमति दे दी गई है। 

बुराड़ी के निरंकारी ग्राउंड में शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन की अनुमति

इसके साथ ही उन्होंने सभी किसानों से शांति बनाये रखने की अपील की है। अनुमति मिलने के बाद मिलने के बाद किसान अब बुराड़ी अपने ट्रेक्टर और गाड़ियों से जा रहे हैं। किसानों से कहा गया है कि वे दिल्ली आ सकते हैं। इसके बाद भी किसानों पर आंसू गैस के गोले दागे गये है। दिल्ली पुलिस की ओर से प्रवेश की इजाजत मिलने के बाद दिल्ली हरिद्वार राजमार्ग खोल दिया गया है। किसानों का चक्काजाम खत्म हो गया है। वहीं शनिवार सुबह उत्तर प्रदेश और उत्तरांचल के किसान दिल्ली के लिए रवाना होंगे। गौरतलब है कि किसानों के 'दिल्ली चलो' मार्च को देखते हुए दिल्ली-हरियाणा सीमा पर भारी मात्रा में पुलिस बल की तैनाती की गई थी। किसानों के ट्रैक्टर से दिल्ली आने के दौरान कई जगहों पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प की भी खबरें भी आईं। किसानों को रोकने के लिए आंसू गैस के गोले और पानी की बौछारें की गईं। टैक्टर में खाने-पीने और अन्य जरूरी सामान लेकर चल रहे किसानों ने कई जगहों से दिल्ली में प्रवेश की कोशिश की थी। 

किसी राजनैतिक पार्टी की भूमिका नहीं, ये किसानों का है आंदोलन 

केंद्र के कृषि कानून के खिलाफ 'दिल्ली चलो' मार्च निकाल रहे किसान शुक्रवार तक राष्ट्रीय राजधानी के बाहरी हिस्सों तक पहुंचे। हजारों की संख्या में किसान दिल्ली की ओर बढ़ किसानों में मौजूद किसान ने इलेक्ट्रानिक मीडिया में शुक्रवार को कहा कि हमें कोविड महामारी से ज्यादा, अपने साथ हो रहे भेदभाव और आजीविका के नुकसान से डर लगता है। कृषि कानून के विरोध में पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश समेत 6 राज्यों के किसानों ने दिल्ली की ओर कूच किया है।  किसानों ने कहा कि हम सभी किसान यहां एकत्र सभी लोग किसान, यहां कोई राजनीति नहीं हो रही है। इस सब में किसी राजनीतिक पार्टी की कोई भूमिका नहीं है। यह किसानों का आंदोलन है, जो भी कहता है कि इसमें राजनीति है उसके दिल में किसानों के लिए कल्याण की भावना नहीं है। दिल्ली कूच कर रहे आंदोलनरत किसानों को पुलिस ने रास्ते में रोकने के लिये पुख्ता इंतजाम किए थे, रास्ते में किसानों पर कहीं लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले दागे गए तो कहीं कंटीले तारों से उनके रास्तों की बैरिकेडिंग की गई थी। कई जगहों पर बैरिकेड्स हटाने के दौरान पुलिस और किसानों में झड़पें भी हुई। 

दिल्ली आने वाले रास्तों में बॉर्डर पर पुलिस ने सड़क खोद दी 

सड़क पर खोदे गए गड्ढे बीजेपी शासित हरियाणा की पुलिस की उस मंशा को दिखाता है कि किसी भी सूरत में किसानों को दिल्ली पहुंचने से रोक दिया जाय। पंजाब-हरियाणा समेत छह राज्यों को करीब 500 संगठनों के किसान तीन नए कृषि कानूनों का विरोध कर रहे हैं और केंद्र सरकार से उसके प्रावधानों को वापस लेने की मांग कर रहे हैं। पंजाब और हरियाणा के आंदोलनरत हजारों किसानों को दिल्ली पहुंचने से रोकने के लिए हरियाणा पुलिस ने मिलिट्री की टैक्टिक अपनाई। दिल्ली आने वाले रास्तों में बॉर्डर पर पुलिस ने सड़क खोद दी है, ताकि किसान दल-बल के साथ आगे न बढ़ सकें। कई जगह की तस्वीरों से साफ है कि पुलिस ने सड़कों पर गड्ढे खोदने के अलावा भारी ट्रकों को बैरिकेड्स के रूप में खड़े कर रखे हैं. इनके अलावा कंटीले तारों से भी बैरिकेड्स किए गए थे। कई जगहों पर किसानों ने भारी-भारी बैरिकेड्स हटा दिए हैं। वहीं अंबाला में किसानों ने आंसू गैस के गोले दागने और ठंडे पानी की बौछार के बाद एक पुल के ऊपर बैरिकेड्स तोड़कर नदी में फेंक दिए थे।

दिल्ली कूच कर रहे किसानों पर आंसू गैस के गोले दागे, बॉर्डर किए गए सील

केंद्र के कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का प्रदर्शन शुक्रवार को भी जारी रहा, बड़ी संख्या में किसान दिल्ली आने की कोशिश कर रहे हैं हालांकि, राज्यों की सीमा पर पुलिस ने कड़ी सुरक्षा की हुई थी। किसानों ने दिल्ली आने के लिये रास्ते में रातभर डेरा जमाए रखा और शुक्रवार सुबह से ही नारेबाजी करते रहे। इस बीच, सिंघु बॉर्डर पर जमा हुए किसानों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने सुबह आंसू गैस के गोलों का इस्तेमाल किया। 

केजरीवाल ने अस्थायी जेल की नहीं दी अनुमति 

प्रदर्शन कर रहे किसानों को रोकने के लिए पुलिस बॉर्डर पर मुस्तैद रही, बॉर्डर को सील कर दिया गया था। वहीं रोड बंद किए जाने से दिल्ली की ओर जाने वाले को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा। दिल्ली कूच कर रहे किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने दिल्ली सरकार से 9 स्टेडियम को अस्थायी जेल में तब्दील करने की अनुमति मांगी थी लेकिन दिल्ली सरकार के मुख्यमंत्री ने अनुमति नहीं दी। 

किसानों के 'साहस' को नहीं रोक पाई पुलिस 

किसान कानूनों के विरोध में आवाज बुलंद करते हुए देश के किसानों ने दिल्ली की ओर कूच किया है। इस 'विरोध मार्च' के दौरान पुलिस प्रशासन ने बैरिकेड्स, आंसू गैस और वाटर कैनन का इस्तेमाल कर उन्हें रोकने की भरसक कोशिश की गई लेकिन किसानों ने इन बाधाओं को अपनी राह की अड़चन नहीं बनने दिया। किसानों ने जिस अंदाज में इस बाधाओं को पार किया, उसे लेकर सोशल मीडिया पर कई प्रशंसा भरे ट्वीट व कमेंट सामने आए हैं। किसानों को रोकने के लिये पुुलिस ने जगह जगह बैरिकेड्स लगा दिए, यहीं नहीं, ट्रैक्?टर पर सवार किसानों को सीमा पार करने से रोकने के लिए जगह-जगह रोड को खोद दिया गया था और बड़े कंटेनर के जरिये उनका रास्ता रोकने का प्रयास किया गया। हर हालत में दिल्ली पहुंचने के निश्?चय से आए किसानों ने हालांकि इन सभी बाधाओं को दूर किया, उन्होंने अपनी राह में अड़चन बने सभी बैरिकेड्स को हटा दिया। 

राजघाट पर पत्रकारवार्ता की अनुमति कर दी निरस्त 

दिल्ली कूच आंदोलन की जानकारी एवं आगामी रणनीति पर मीडिया के बन्धुओं से 4 बजे राजघाट (गांधी की समाधि) पर बातचीत की करने के लिये पत्रकारवार्ता आयोजित की गई थी। इसकी सूचना पत्रकारों को भेजी गई थी। जिसमें बताया गया था कि पत्रकारवार्ता में किसान नेता शिव कुमार कक्काजी समेत कई राज्यों के किसान नेता मौजूद रहेंगे। वहीं पुलिस ने राजघाट (गांधी समाधि) एवं किसान घाट को पूर्ण तौर पर सील कर दिया था। सुबह 5 लोगों की राजघाट पर अनुमति दी गई थी जो कैंसिल कर दी गयी है। इसलिये राजघाट पर 4 बजे होने वाली प्रेसवार्ता स्थगित कर दी गयी। 

No comments:

Post a Comment

Translate