Sunday, December 27, 2020

मुख्यमंत्री जी कहे रहे है माफिया प्रदेश छोड़ दे नहीं तो 10 फिट नीचे जमीन में गाड़ दुंगा और खनिज विभाग सिवनी कह रहा जितना खोदना हो खोद डालों आदिवासियों की जमीन

मुख्यमंत्री जी कहे रहे है माफिया प्रदेश छोड़ दे नहीं तो 10 फिट नीचे जमीन में गाड़ दुंगा और खनिज विभाग सिवनी कह रहा जितना खोदना हो खोद डालों आदिवासियों की जमीन 

खनिज संचालनालय भोपाल से लेकर खनिज विभाग सिवनी भूमाफियाओं की सांठगांठ से कर रहे आदिवासियों का शोषण 

भूमाफियाओं को बढ़ावा दे रहे कार्यालय कलेक्टर खनिज विभाग सिवनी के अधिकारी कर्मचारी 

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा मध्य प्रदेश को भूमाफियाओं, खनिज माफियाओं, गुण्डों, बदमाशो, मिलाटवरखोरी, माफियाराज से मुक्ति दिलाने के लिये खुले मंच पर, कलेक्टर संभागाआयुक्त की वीडियों कांफे्रेसिंग में पुलिस प्रशासन के अधिकारियों की कानून समीक्षा बैठक के दौरान कई बार कहा जा चुका है कि भूमाफिया मध्य प्रदेश छोड़ दे, यहां तक कि मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश छोड़कर चले जाओ नहीं तो 10 फिट नीचे जमीन में गाड़ दुंगा। आपकी आवाज, आपके आदेश-निर्देश कार्यालय कलेक्टर खनिज विभाग सिवनी के अधिकारियों कर्मचारियों को न सुनाई दे रही है और न ही समझ आ रही है। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान जिन्होंने आदिवासियों का भगवान मानने की शुरूआत सिवनी जिले से ही की थी और सबसे पहला हक अधिकार मध्य प्रदेश के खजाने में आदिवासी समाज का ही बताते है। आदिवासियों की जमीनों को उत्खनन करने के लिये खनिज विभाग सिवनी कार्यालय के अधिकारी कर्मचारी भूमाफियाओं को कह रहे है कि आप सिवनी जिले में आओ हम तुम्हे संरक्षण देंगे, सुरक्षा प्रदान करेंगे जितनी मर्जी चाहों, जहां चाहों बिना सहमति के जमीन खोद डालों कोई तुम्हारा कुछ नहीं करेगा हम तुम्हारे साथ है। यहां तक खनिज विभाग सिवनी के तार खनिज संचालनालय भोपाल तक इतने मजबूत है कि आॅनलॉइन रायल्टी जारी करने के लिये जारी होने वाले आईडीपासवर्ड भी बदल दिये जाते है। खनन माफियाओं से जुड़े हुये लोग कहते है कि खनिज संचालनालय भोपाल में तो ये स्थिति है कि यदि हम चाह ले तो सीएम हाऊस श्यामा हिल्स की जमीन के उत्खनन व परिवहन के लिये आॅनलॉइन रायल्टी जमा कर आईडी पासवर्ड जारी करवा सकते है। निष्कर्ष यही है कि माफियाओं को बढ़ावा देने में और आदिवासियों का शोषण करवाने में खनिज विभाग संचालनालय भोपाल और खनिज विभाग सिवनी का मजबूत गठबंधन भाजपा व शिवराज सरकार में बना हुआ है। 


सिवनी। गोंडवाना समय। 

आदिवासी बाहुल्य राज्य मध्य प्रदेश के आदिवासी बाहुल्य जिला सिवनी में खनिज विभाग सिवनी में बाहर से दरवाजा बंद करवाकर अंदर बैठकर ठेकेदारों से घिरे रहने वाले अधिकारी कर्मचारी माफियाराज को बढ़ावा देने में मुख्य भूमिका निभाते हुये मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की माफियाओं को लेकर कड़ी कार्यवाही को लेकर की जाने वाली बातों पर पानी फेरकर मटियामेट करने में तुले हुये है।


आदिवासियों की जमीन पर उत्खनन कर खनिज संपदा निकालकर लाखों रूपये कमाने का खेल करते हुये आदिवासियों का शोषण भाजपा राज व शिवराज सरकार में खनिज विभाग सिवनी के अधिकारियों व कर्मचारियों के द्वारा भूमाफियाओं को संरक्षण देकर साठंगांठ करते हुये माफियाराज को बढ़ावा देने का कार्य किया जा रहा है। 

खनिज संचालनालय भोपाल की आड़ में खनिज विभाग सिवनी के कर्मचारी करते है गड़बड़ी 


सिवनी जिले में सबसे ज्यादा उत्खनन का कार्य आदिवासियों की जमीन पर ही किया जा रहा है। इसके लिये आदिवासियों की सहमति व अनुमति का खेल बड़े ही चतुराईपूर्वक खनिज विभाग सिवनी के अधिकाारियों व कर्मचारियों की मिलीभगत से भूमाफियाओं के द्वारा किया जा रहा है। आॅनलॉइन रायल्टी की प्रक्रिया के तहत आईडी पासवर्ड जारी करने का नियम बनाकर सरकार, शासन भ्रष्टाचार समाप्त कर सरकार का राजस्व का खजाना में आय बढ़ाने के साथ-साथ पारदर्शिता लाने के लिये योजना बना रही है लेकिन इन सबका तोड़ खनिज संचालनालय भोपाल से लेकर खनिज विभाग कार्यालय सिवनी में बैठे हुये अधिकारियों कर्मचारियों ने भूमाफियाओं के साथ मिलकर निकाल लिया है।
             खनिज विभाग सिवनी में अधिकारी कर्मचारी ये बताते है कि आईडी पासवर्ड खनिज संचालनालय भोपाल से जारी होता है वहीं से संबंधित फोन नंबर या ओटीपी व अन्य प्रक्रिया भोपाल से होती है। विभागीय जानबकारों की माने तो खनिज विभाग सिवनी कार्यालय के द्वारा विभागीय प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही खनिज संचानालय भोपाल से आॅनलॉइन रायल्टी के लिये आईडी पासवर्ड जारी किया जाता है। खनिज विभाग सिवनी के कर्मचारी सम्मानीय विजय पटले इस मामले में अधिकारियों की सह पर पूरा खेल आईडी पासवर्ड जारी करवाने में मुख्य भूमिका निभाते है। 

सहमति, अनुमति व मौका स्थल निरीक्षण में बड़ी लापरवाही 

हम आपको बता दे कि उत्खनन व परिवहन के लिये खनिज विभाग सिवनी में अनुमति व सहमति में बड़ा खेल होता है, जहां पर खनिज विभाग के नियमों को खुद खनिज विभाग के अधिकारी कर्मचारी अंगूठा दिखाते हुये उत्खनन व परिवहन करने वाले भूमाफियाओं को बढ़ावा देने के लिये सांठगांठ कर आदिवासियों की जमीनों के मामले में उत्खनन कराते हुये आदिवासियों का शोषण करने में बड़ी भूमिका निभा रहे है। खनिज कार्यालय सिवनी में जिला खनिज अधिकारी सिवनी के क्रमांक /1085/खनिज/प.अनु/2020 सिवनी दिनांक 3/12/2020 के मामले में बड़ा खेल सहमति व अनुमति को लेकर किया गया है। जो कि जांच का विषय है।
        वहीं हम यदि खनिज कार्यालय के नियमों को जानने वाले जानबकारों की माने तो उत्खनन व परिवहन के लिये अनुज्ञा हेतु विधिवत आवेदन भूमि स्वामी को आवेदन लगाना होता है, उसके बाद राजस्व विभाग कार्यालय व कर्मचारियों के द्वारा पंचनामा, प्रतिवेदन, मौका स्थल पर जाकर प्रक्रिया पूर्ण करने के बाद खनिज निरीक्षक भी मौका स्थल पर जाकर उत्खनन व परिवहन किये जाने वाले स्थल को देखकर प्रतिवेदन तैयार कर प्रस्तुत करने के बाद ही खनिज विभाग सिवनी द्वारा अनुज्ञा जारी की जाती है लेकिन खनिज विभाग सिवनी में विभागीय अधिकारी, कर्मचारी व माईनिंग इंसपेक्टर बड़ी लापरवाही बरतकर नियमों को दरकिनार करते हुये आदिवासियों की जमीनों पर अनुमति व सहमति का बड़ा खेल करने में अपनी भूमिका निभाते है। 


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