Wednesday, December 9, 2020

किसानों ने कृषि कानूनों में बदलाव के केंद्र सरकार के प्रस्ताव को ठुकराया, अपनी मांगों पर अडिग, 14 तारीख को पूरे देश में करेंगे प्रदर्शन

किसानों ने कृषि कानूनों में बदलाव के केंद्र सरकार के प्रस्ताव को ठुकराया, अपनी मांगों पर अडिग, 14 तारीख को पूरे देश में करेंगे प्रदर्शन

कृषि कानूनों में संशोधनों को लेकर मोदी सरकार के प्रस्ताव आंदोलनरत किसानों को मंजूर नहीं है। किसानों ने प्रेस कॉन्फ्रस में कहा कि हमें जो प्रस्ताव मिला है उसे हम पूरी तरह से रद्द करते हैं। हम जियो के सारे मॉल्स का बहिष्कार करेंगे। हम 14 तारीख को जिÞला मुख्यालयों को घेरेंगे, पूरे देश में विरोध प्रदर्शन करेंगे। 




नई दिल्ली। गोंडवाना समय। 

कृषि प्रधान देश भारत में देश के अन्नदाताओं के द्वारा शरीर को कंपकपाने देने वाले ठण्ड में अपनी मांगों को लेकर बीते 14 दिनों से देश की राजधानी दिल्ली में शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे है। जहां केंद्र सरकार पुलिस, सेना के जवानों व सैनिक ताकत को झौंकते हुये किसानों को दिल्ली पहुंचने से रोकने के लिये पक्की सड़कों पर गड्डे खादे गये, बड़े-बड़े पत्थर सड़कों पर रखे गये, कंटीले तार की जालिया लगाई गई, ठण्डे पानी की बौछारे किसानों पर बरसाई गई इसके बाद भी नहीं माने तो आंसू गैस के गोले भी छोड़े गये। किसानों के हौंसलों के आगे हारी केंद्र सरकार की सारी कोशिश जब फेल होती नजर होती आई तो उन्हें दिल्ली में आंदोलन करने की अनुमति दी गई लेकिन उसे भी किसानों ने मानने से इंकार करते हुये अपने ही तय स्थान पर किसान आज भी आंदोलन कर रहे है और अपनी मांगों को लेकर अड़े हुये है। किसान नेताओं के साथ केंद्र सरकार के सबसे ताकतवर दूसरे नंबर पर स्थान रखने वाले गृह मंत्री अमित शाह से भी मुलाकात बेनतीजा साबित हुई। उसके बाद बुधवार को केंद्र सरकार द्वारा भेजा गया लििखत प्रस्ताव भी किसान नेताओं ने ठुकरा दिया है। वह अपनी मांगों को लेकर अड़िग है और अपनी मांगों को पूरा करने के बाद ही आंदोलन समाप्त करने का पक्का इरादा बना चुके है। 

किसान 14 दिसंबर से अनिश्चितकालीन धरना शुरू करेंगे


नए कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग को लेकर बुधवार को 14 वें दिन भी किसानों का आंदोलन जारी रहा। संयुक्त किसान मोर्चा के किसान नेताओं ने केंद्र सरकार के संशोधन के लिखित प्रस्ताव को खारिज कर दिया है और सभी किसान नेता 3 कृषि कानून रद्द करवाने और एमएसपी गारंटी कानून लागू करवाने पर अड़िग हैं। वहीं देश के सभी किसान रिलायंस की जियो सिम का बहिष्कार करेंगे। 12 दिसम्बर को देश के सभी टोल किसानों द्वारा फ्री किये जायेंगे। 12 दिसंबर को दिल्ली जयपुर हाईवे बन्द किया जाएगा। 14 दिसंबर को दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, राजस्थान, उत्तराखंड के किसान जिला मुख्यालयों पर 1 दिन का धरना देंगे और अन्य राज्यों के किसान 14 दिसंबर से अनिश्चितकालीन धरना शुरू करेंगे।

14 दिसंबर को जयपुर-दिल्ली हाईवे को रोकेंगे

किसानों ने कहा कि वे 14 दिसंबर को पूरे देश में विरोध प्रदर्शन करेंगे। वे 12 दिसंबर को पूरे देश के टोल प्लाजा जाम कर देंगे। इसी दिन दिल्ली-जयपुर हाईवे को बंद करेंगे। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि हाईवे इससे पहले भी बंद किया जा सकता है। किसान संगठन के नेता डॉ दर्शनपाल ने कहा कि हम रिलायंस के सारे मॉलों का बहिष्कार करेंगे ओर जियो सिम का भी किसान बहिष्कार करेंगे। 

केंद्र की मोदी सरकार ने किसानों के सामने ये रखे प्रस्ताव 

सरकार की ओर जारी किए गए प्रस्ताव के मुताबिक, मंडी कानून एमएसपी में बड़ा बदलाव होगा। प्राइवेट प्लेयर्स को रजिस्ट्रेशन कराना होगा। सरकार अब कॉन्ट्रैक्ट फॉर्मिंग में किसानों को कोर्ट जाने का अधिकार भी देगी। अलग फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन को भी मंजूरी मिलेगी। प्राइवेट प्लेयर्स पर टैक्स लगाने को मंजूरी दी जाएगी। फिलहाल सरकार इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल पेश नहीं करेगी। इसमें बदलाव किए जाने के बाद इसे सदन में पेश किया जाएगा। 

1. राज्य सरकार प्राइवेट मंडियों पर भी शुल्क/फीस लगा सकती है।

2. राज्य सरकार चाहे तो मंडी व्यापारियों का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य कर सकती है।

3. किसानों को कोर्ट कचहरी जाने का विकल्प भी दिया जाएगा।

4. किसान और कंपनी के बीच कॉन्ट्रैक्ट की 30 दिन के अंदर रजिस्ट्री होगी।

5. कॉन्ट्रैक्ट कानून में स्पष्ट कर देंगे कि किसान की जमीन या बिल्डिंग पर ऋण या गिरवी नहीं रख सकते।

6. किसान की जमीन की कुर्की नहीं हो सकेगी।

7. एमएसपी की वर्तमान खरीदी व्यवस्था के संबंध में सरकार लिखित आश्वासन देगी।

8. बिजली बिल अभी ड्राफ्ट है, इसे नहीं लाया जाएगा।

9. एनसीआर में प्रदूषण वाले कानून पर किसानों की आपत्तियों का समुचित समाधान किया जाएगा। 

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