Monday, December 14, 2020

भू-माफिया के विरूद्ध कार्यवाही में कहीं आदिवासी का तो नहीं हो गया 20 लाख का नुकसान

भू-माफिया के विरूद्ध कार्यवाही में कहीं आदिवासी का तो नहीं हो गया 20 लाख का नुकसान


सिवनी। गोंडवाना समय। 

पुलिस प्रशासन द्वारा अवैधानिक गतिविधियों की रोकथाम को लेकर एवं पीड़ित नागरिकों की शिकायतों के लिये निवारण के लिये अभियान चला रही है। वहीं अब पुलिस का शिकंजा भूमाफियाआें व अवैधानिक गतिविधियों में लिप्त और आपराधिक प्रवृत्ति के व्यक्तियों पर कसा जा रहा है। भूमाफियाओं पर पुलिस प्रशासन द्वारा राजस्व विभाग की टीम के साथ संयुक्त रूप से कार्यवाही किया जा रहा है। इसी के तहत डूण्डासिवनी पुलिस व राजस्व विभाग के द्वारा 14 दिसंबर 2020 दिन सोमवार को बामनदेही ग्राम में ढाबा पर कार्यवाही की गई है। जिसके नाम पर आपराधिक मामले भी दर्ज है। 

आदिवासी संतोष कई वर्षों से चला था ढाबा

पुलिस व राजस्व विभाग के द्वारा उक्त कार्यवाही के दौरान लगभग 30 लाख की शासकीय जमीन को कबजा मुक्त कराया जाकर 10 लाख का अवैध निर्माण कार्य एवं 10 लाख रूपये का फर्नीचर व साम्रगी को ध्वस्त किया गया है। इस मामले में यह बात सामने आई है कि जिस अतिक्रमण को भूमाफिया के नाम पर तोड़ा गया है वह आदिवासी संतोष के द्वारा बीते कई वर्षाे से बनाया गया था। जिसका राजस्व न्यायालय में अतिक्रमणकारी का प्रकरण भी चला था वहीं आज भी बिजली का बिल आदिवासी संतोष के नाम से ही आता है। बताया जाता है कि आदिवासी द्वारा वहां पर वर्षों से ढाबा का संचालन किया जा रहा था लेकिन बीते कुछ महिनों पूर्व पारिवारिक परेशानी के चलते उक्त ढाबा को सोनू सोनी को किराये पर ढाबा व फर्नीचर सहित दे दिया था। जिसकी लागत पुलिस प्रशासन द्वारा लगभग 20 लाख रूपये बताई गई है। जिसे सोमवार 14 दिसंबर 2020 को भूमाफिया पर कार्यवाही के दौरान ध्वस्त कर दिया गया है, जिससे वास्तविक नुकसान आदिवासी संतोष को हो गया है। 

कार्यवाही के पहले बेदखली का नोटिस क्यों करते है जारी 

राजस्व विभाग के नियमावली अनुसार यदि कोई भी सरकारी जमीन पर अतिक्रमण करता है तो उसे हटाये जाने की कार्यवाही के लिये राजस्व न्यायालय द्वारा 15 दिन या 7 दिन या जितने भी दिन का हो लेकिन संबंधित अतिक्रमणकर्ता को सरकारी जमीन से कब्जा हटाने के लिये बेदखली का नोटिस जारी करते हुये तामिल कराया जाता है। इसके बाद भी यदि वह सरकारी जमीन से अतिक्रमण नहीं हटाता है तो उसे विधिवत कार्यवाही कर हटाने की कार्यवाही की जाती है लेकिन बामनेदही में भूमाफिया के विरूद्ध कार्यवाही के मामले में कार्यवाही के दौरान वास्तविक अतिक्रमण करने वाले आदिवासी संतोष को कोई सूचना या नोटिस जारी नहीं किया गया था। यदि जारी किया जाता तो उसका कम से कम 10 लाख से अधिक का नुकसान होने से बच सकता था। 

No comments:

Post a Comment

Translate