Sunday, January 31, 2021

पुरानी पेंशन बहाली के राष्ट्रीय आंदोलन से डरी सरकार, प्रशासन ने रैली की निरस्त

पुरानी पेंशन बहाली के राष्ट्रीय आंदोलन से डरी सरकार, प्रशासन ने रैली की निरस्त 

ओपीएस बहाली की मांग को लेकर कर्मचारियों ने भरी हुंकार

पुरानी पेंशन बहाली का राष्ट्रीय आंदोलन सम्मेलन कार्यक्रम सिवनी में हुआ सम्पन्न 


मोरेश्वर तुमराम, सहायक संपादक
सिवनी। गोंडवाना समय।

पुरानी पेंशन बहाली राष्ट्रीय आंदोलन का कार्यक्रम जिला मुख्यालय सिवनी में जिले के सभी विभागों के अधिकारी, कर्मचारियों का विशाल पेंशन अधिकार सम्मेलन राशि लॉन सिवनी में संपन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरूआत महिला शिक्षक द्वारा मां सरस्वती जी की वंदना की प्रस्तुति के साथ की गई।


वहीं कहा गया कि शौंक नही मजबूरी है पेंशन बहुत जरूरी है के नारे से की गयी। अलग-अलग राज्यों के कर्मचारी अधिकारी शामिल हुए पुरानी पेंशन बहाली राष्ट्रीय आंदोलन सम्मेलन कार्यक्रम में देश के अलग-अलग राज्य जैसे मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, राज्यस्थान के जिलों एवं ब्लॉक से शिक्षक-शिक्षिकाओं सहित बड़ी संख्या में विभिन्न विभागों के कर्मचारी-अधिकारी उक्त सम्मेलन में सम्मलित हुए। 

मुख्य अतिथियों ने बनाई रणनीति 

पुरानी पेंशन बहाली सम्मेलन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि श्री वितेश खांडेकर राष्टीय उपाध्यक्ष एवं महाराष्ट्र प्रांत अध्यक्ष, सरफराज हुसैन राष्ट्रीय संयुक्त सचिव राजस्थान, श्री जगदीश यादव प्रांतीय महासचिव राजस्थान, सुश्री उमा जाटव महिला प्रकोष्ठ प्रांत अध्यक्ष छत्तीसगढ़, श्री रविंद्र नाथ तिवारी प्रांतीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष छत्तीसगढ़, श्री डी.के. सिंगोर प्रांत अध्यक्ष ट्राईबल वेलफेयर मध्य प्रदेश अतिथि के रुप में उपस्थित हुए। वहीं कार्यक्रम में प्रांत अध्यक्ष श्री परमानंद डहेरिया, एम आर फारूख खान, श्री विपनेश जैन के साथ-साथ प्रदेश के समस्त पदाधिकारियों द्वारा नई पेंशन योजना का खात्मा एवं पुरानी पेंशन योजना की बहाली हेतु रणनीति बनाई गई। 

एकता में ही शक्ति है


पुरानी पेंशन बहाली सम्मेलन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि श्री वितेश खांडेकर राष्टीय उपाध्यक्ष एवं महाराष्ट्र प्रांत अध्यक्ष ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुये सिवनी जिला मुख्यालय में आयोजित पुरानी पेंशन बहाली कार्यक्रम की सराहना की गई। उनके द्वारा आने वाले समय में सरकार की और से क्या परेशानी हो सकती है इसके बारे में अवगत कराया गया। इसके साथ ही एकता में ही शक्ति है बताया गया। आने वाले समय में राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री विजय बंधु को भी लेकर आने का आश्वासन दिया गया।

नई पेंशन योजना कर्मचारी अधिकारी के विरुद्ध एक षड्यंत्र 


कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रांत अध्यक्ष श्री परमानंद डेहरिया करते हुये बताया कि केन्द्र सरकार द्वारा 2004 के बाद नियुक्त समस्त कर्मचारी अधिकारी की परिवार पेंशन बंद करके एनपीएस नामक योजना शुरू की गई है। नई पेंशन योजना कर्मचारी अधिकारी के विरुद्ध एक षड्यंत्र है। कार्यक्रम में अतिथियों व पदाधिकारियों द्वारा सभी ने उद्धबोधन दिया। सम्मेलन में आये हुए सभी जिलों व ब्लॉक के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष व सभी विभागों के कर्मचारियों ने अपने उद्बोधन में पुरानी पेंशन योजना कि मांगो की सराहना किया। वहीं कर्मचारी संगठनों के प्रमुखों ने सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों से परेशान होने की बात कहते हुए एनपीएस को कर्मचारियों के विरुद्ध एक षड्यंत्र बताया व नई पेंशन योजना के प्रति रोष दिखाया। इसके साथ ही सभी ने एक स्वर में पुरानी पेंशन बहाली पर जोर दिया। 

पहले पीठ पर वार किया अब पेट पर वार कर रहे है


श्रीमती समशूनिशा खान द्वारा अपने उद्वबोधन देते हुये सर्वप्रथम हम क्या चाहते है पुरानी पेंशन, छीन के लेगें पुराली पेंशन के नारे से की गयी। उन्होने कहा कि पहले हमारी पीठ पे वार किया गया अब हमारे पेट पर वार हो रहा है जिसे कोई बर्दास्त नही करेगा। अगर आप मेहनत करते हो, संघर्ष करते हो तो, कभी आप नाकाम नही हो सकते हो लेकिन थककर रूकना नही है, क्योंकि हो सकता है उस संघर्ष के बाद का सघंर्ष ही उस ताले की चाबी हो और आपको सफलता मिल जाये। सितम करोगे तो सितम करेंगे, करम करोगे करम करेंगे, हम भी आदमी हैं तुम्हारे जैसे जो तुम करोगे वही हम करेंगें के नारे से अपने वक्तव्य को विराम दिया। 

प्रोजेक्टर के माध्यम से दी जानकारी 

एनएमओपीएस के प्रांतीय अध्यक्ष श्री परमानंद डेहरिया ने पेंशन अधिकार सम्मेलन में उपस्थित समस्त कर्मचारियों को एनपीएस की विसंगतियों की विस्तृत जानकारियों से अवगत कराया। इसके साथ ही प्रोजेक्टर के माध्यम से एनपीएस अकाउंट लॉगइन करना, स्टेटमेंट निकालना, पासवर्ड रिसेट करना, मोबाइल नंबर अपडेट करना, नॉमिनी चेंज करना, बैंक अकाउंट चेंज करना, पार्शियल विड्रोल करना आदि महत्वपूर्ण जानकारियां दी। 

सरकार तक पहुंची बात तो प्रशासन भी डरा कैंसिल की रैली 


प्रांतीय अध्यक्ष श्री परमानंद डेहरिया द्वारा अपने वक्तव्य व कार्यक्रम में उपस्थित हुए सभी कर्मचारी अधिकारीगण को जानकारी देते हुये बताया कि आज के इस सम्मेलन कार्यक्रम में उमडी भीड़ को देख प्रशासन भी डर गया और इसका प्रमाण यह रहा कि मुझे जो इस आयोजन  में रैली के लिए प्रशासन से जो परमिशन एसडीएम द्वारा दी गयी थी। सरकार के डर जाने के कारण रैली की परमिशन को आज तत्काल मुझे टेलीफोन करके एसडीएम द्वारा रैली की मंजूरी को कैंशल किर दिया गया। इसका मतलब हम जो बात सरकार के कानों तक पहुचाना चाहते थे। आज इस सम्मेलन कार्यक्रम के माध्यम से बगैर रैली निकाले बगैर कुछ बोले सरकार के कानों तक वह बात आज पहुंच गयी और यही आपके सफल आयोजन का प्रयास रहा। आज के सम्मेलन में आये हुए कर्मचारी अधिकारी को देखकर जिला प्रशासन हिल गया। 

14 फरवरी को सत्तापक्ष व विपक्ष के विधायक निवास पर देंगे धरना 


14 फरवरी को धरना प्रदर्शन व ज्ञापन में आगे श्री परमानंद डेहरिया ने अपने वक्तव्य में उपस्थित सभी लोगों की सहमति से घोषणा करते हुये कहा कि 14 फरवरी 2021 को संगठन के प्रत्येक कर्मचारी अधिकारी द्वारा सत्तापक्ष व विपक्ष के प्रत्येक विधायक के घर पर जाकर ज्ञापन दिया जाएगा। इसके साथ ही एक दिन का विधायक के घर में धरना प्रदर्शन भी किया जायगा और सरकार को प्रत्येक कर्मचारी अधिकारी द्वारा एक पत्र भी लिखा जायगा जिसमें पुरानी पेंशन योजना व नई पेंशन योजना का मुल्याकंन जो किया गया है उसकी जानकारी दी जायेगी। 

रोड से लेकर न्यायालय तक लड़ेंगे


आगे श्री परमानंद डेहरिया ने कहा कि जो लोग न्यायालय की शरण लेना चाहते है उनको न्यायालय की शरण में जाने से कोई भी न रोके। हम सभी के साथ खड़े हैं सरकार और प्रशासन से रोड में भी लडेंगे और न्यायालय में भी लडेंगे। अन्त में अपने उद्वबोधन में श्री परमांदन डेहरिया द्वारा महाराष्ट्र से उपस्थित हुए श्री खांडेकर का अभिवादन किया साथ ही उन्हे एक क्रांतिकारी तेजस्वी नेता बताया । वहीं वर्ष 2017 के बाद बहुत सारे कर्मचारी अधिकारी संगठन बन गये जिनके द्वारा पेंशन के नाम से सिर्फ चंदा लिया जा रहा है, उन संगठनों से सावधान रहने की सलाह दी। 

सरकार हमे पेंशन दे या हमारी कटौती बन्द करे


आदिवासी वेलफेयर शिक्षक असोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष श्री डी के सिंगोर द्वारा अपने वक्तव्य में कहा गया कि सरकार जो वेतन मान पेंशन वाले को दे रही हैं, वही वेतन मान बगैर पेंशन वाले को भी दे रही है और यह गलत है। सरकार हमे पेंशन दे या हमारी कटौती बन्द करे। आगे उन्होंने बताया कि प्रजातंत्र में कोई भी पॉलिसी वोट बैंक के आधार पे बनाई जाती है। हम चाहे तो जिले व तहसील में बैठे बैठे सरकार को अपनी ताकत दिखा सकते हैं। पेंशन नहीं तो वोट नहीं के समय इकट्ठा होकर आगे उन्होंने सरकार के द्वारा पेंशन न देने पर अपने उद्धबोधन में कहा कि अगर सरकार हमे पेंशन नहीं देना चाहती तो फिर हमारी तनख्वा से जो राशि की कटौती की गई है, उसे वापस कर दिया जाए। इसके साथ ही उपस्थित लोगों को नई पेंशन योजना को बंद करने की मांग पर भी जोर दिया। वहीं कार्यक्रम में साथ ही मुख्य अतिथियों के हाथों ट्राइबल वेलफियर टीचर असोसिएशन 2021 का कैलेंडर का उद्घाटन भी किया गया।

अजाक्स जिला अध्यक्ष ने दिया समर्थन पत्र  

पुरानी पेंशन बहाली कार्यक्रम के दौरान कार्यक्रम में शामिल हुए अजाक्स संघ के जिला अध्यक्ष श्री संतकुमार मर्सकोले द्वारा सिवनी अजाक्स संघ का समर्थन पत्र दिया गया। आने वाले समय में पुरानी पेंशन बहाली को लेकर होने वाले कार्यक्रमों में संगठन के सदस्यों के साथ सहयोग करने का आश्वासन भी दिया गया। 

कर्मचारियों द्वारा एन पी एस के विरोध में कई गयी नारेबाजी, 10 बिंदुओं पर सौंपा ज्ञापन 

पुलिस प्रशासन द्वारा कर्मचारियों को रैली निकालने से रोका गया, जिससे समस्त कर्मचारियों में ने भारी नाराजगी व्यक्त किया। कार्यक्रम के अंत में एनपीएस के विरोध में जबरदस्त नारेबाजी करते हुए  प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। पुरानी पेंशन बहाली के लिए ज्ञापन के ज्ञापन में दिये गए 10 बिंदू एनपीएस में मध्य प्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम 1965 की विपरीत शेयर मार्केट पर सट्टा आधारित है, एनपीएस में बीमा कंपनी एनयूटी रेट के आधार पर कंपनी का पेंशन प्लान प्रदान करती है, जबकि एनयूटी रेट लगातार घट रहा है, एनपीएस में महंगाई के आधार पर पेंशन में कोई वृद्धि नहीं होती है, जिससे बढ़ी हुई महंगाई के बाद पेंशन की राशि महत्वहीन हो जाती है, एनपीएस में न्यूनतम पेंशन योजना का कोई प्रावधान नहीं है, एनपीएस में अंशदान फंड की वापसी टैक्सेबल है, एनपीएस में बहुत ही विशेष कारणों में अल्प राशि ही आंशिक आहरण के द्वारा प्राप्त होती है, एनपीएस में पेंशन राशि अंतिम वेतन का लगभग 6 से 10% ही होती है, जो कि वर्तमान में अधिकतम चार अंक (800 से 2500) में ही बन रही है, एनपीएस में देय पेंशन किसी कर्मचारियों को आत्मनिर्भर नहीं बनाती है, एनपीएस में देय पेंशन कर्मचारी को अपमानित महसूस कराता है, एनपीएस में सेवानिवृत्त/ मृत्यु पर अनुदान की पूरी राशि चाहने पर भी एक मुफ्त प्रदान नहीं की जाती है। 

ेकार्यक्रम को सफल बनाने में इनकी रही अहम भूमिका 

पुरानी पेंशन बहाली कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष कपिल सनोडिया, सुनील तिवारी, गजेंद्र बघेल, ब्रजमोहन सनोडिया, टॉनेश कुमार, अनिल साहू, नासिर मोहम्मद, सिद्दीकी शकील अहमद अंसारी, चित्तौड़ सिंह कुशराम, महफूज खान, अनिल राजपूत, कमलेश परिहार, मनीष जंघेला, हेमंत मरावी, रामकृष्ण दुबे, राकेश दुबे, नितिन बघेल, विनोद डहेरिया, संतोष बरकड़े, नीरज दुबे, मुकेश नेमा, नीलेश जैन, निर्मल बिसेन, केशव सनोडिया, सुनील राजपूत, सुनील शुक्ला, दीपक राजपूत, पंकज तिवारी, गुमान सिंह बघेल, सुनील राय, अनामिका बघेल, रंजना चौहान, समसुन निशा खान, सावित्री उइके, शबाना खान, सयरा खान, ममता राजपूत, पूजा पांडे, सिखा कर्तिके, समस्त पेंशन विहीन साथियों ने सम्मेलन में उपस्थित होने वाले सभी पेंशन विहीन साथियों का आभार व्यक्त किया।



1 comment:

  1. भाई जी बहुत बहुत धन्यवाद

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