Sunday, March 7, 2021

जनजातीय विरासत और विकास पर केंद्रित पुस्तिका की प्रथम प्रति राष्ट्रपति को भेंट

जनजातीय विरासत और विकास पर केंद्रित पुस्तिका की प्रथम प्रति राष्ट्रपति को भेंट

बानगी का विमोचन राष्ट्रपति की उपस्थिति में मुख्यमंत्री ने किया 


दमोह/भोपाल/सिवनी। गोंडवाना समय।

राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद की उपस्थिति में मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह ने दमोह में आयोजित जनजातीय सम्मेलन में जनजातीय कार्य विभाग के प्रकाशन 'बानगी' का विमोचन किया। 'बानगी' पुस्तिका मध्यप्रदेश की जनजातीय विरासत, विकास और सफल गाथाओं पर केन्द्रित है। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने विमोचन के बाद पुस्तक की प्रथम प्रति राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविन्द को भेंट की। इस अवसर पर राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल, केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री प्रहलाद पटेल और केन्द्रीय राज्य मंत्री श्री फग्गन सिंह कुलस्ते, जनजाति और अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री सुश्री मीना सिंह, नगरीय विकास मंत्री श्री भूपेंद्र सिंह सहित विधायकगण, प्रमुख सचिव श्रीमती पल्लवी जैन गोविल, संचालक टीएडीपी सुश्री शैलबाना मार्टिन अन्य प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में जनजाति समुदाय के लोग मौजूद थे।

'बानगी' पुस्तक की संकल्पना और सम्पादन विभाग की अधिकारी डॉ. स्वाति तिवारी ने किया 

जनजातीय परिदृश्य, विरासत, विकास, संस्कृति और सफलता की कहानियों पर केन्द्रित पुस्तिका 'बानगी' में जनजातीय विरासत और प्रगति के विभिन्न आयामों और उपलब्ध्यिों को प्रस्तुत किया गया है। मध्यप्रदेश में जनजातीय विकास को रेखांकित करती 'बानगी' पुस्तक की संकल्पना और सम्पादन विभाग की अधिकारी डॉ. स्वाति तिवारी ने किया है। चार खण्ड में विभाजित इस पुस्तक के प्रथम खण्ड में जनजातीय संस्कृति और परम्परा, जनजातीय विकास, अवधारणा, आयाम एवं क्षेत्रीय विकास योजनाओं को दशार्या गया है। 

सवा सौ पृष्ठ में जनजातीय संस्कृति, विकास की चित्रमय बानगी है

द्वितीय खण्ड में विभिन्न योजनाओं पर केन्द्रित सफलता की 40 कहानियाँ हैं। तृतीय खण्ड में अभिनव पहल के रूप में अनूठी योजनाओं की बात रखते हुये उनकी सफलता पर केन्द्रित 11 गतिविधियों को रेखांकित किया गया है। चतुर्थ खण्ड मेँ जनजातीय अभिव्यक्ति की समृद्ध परम्पराओं में शामिल वाचक साहित्य, नृत्य, पर्व, कला एवं संग्रहालयों इत्यादि से संबंधित संक्षिप्त है। सवा सौ पृष्ठ में जनजातीय संस्कृति, विकास की चित्रमय बानगी है।

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