Tuesday, March 2, 2021

कई बार गैर जिम्मेदारी से जीवन खो देता है मुखिया तो बेसहारा हो जाता है परिवार-मातृ शक्ति संगठन

कई बार गैर जिम्मेदारी से जीवन खो देता है मुखिया तो बेसहारा हो जाता है परिवार-मातृ शक्ति संगठन 

मातृ शक्ति संगठन ने स्व श्री नीलेश परतेती व स्व श्री चंदू चौधरी को दी विनम्र श्रद्धांजलि 




सिवनी। गोंडवाना समय।  

बीते 2 दिन पहले दु:खद घटना ने पूरे सिवनी जिले को झकझोर दिया है। देश की आंतरिक सुरक्षा व आम जनों के लिये शांति सुरक्षा स्थापित करने में अपना महत्वपूर्ण योगदान देकर कर्तव्य निभाने वाले पुलिस प्रशासन के 2 जांबाज जवान एक ऐसी दुर्घटना का शिकार हो गए जो ये विचार करने के लिये विवश करती है कि आखिर हम आमजन अपनी जिम्मेदारी कब समझेंगे। उक्त दु:खद घटना पर संगठन की ओर से दु:ख व्यक्त करते हुये मातृशक्ति संगठन द्वारा जानकारी देते हुये बताया गया कि पुलिस थाना छपारा जिला सिवनी के थाना प्रभारी स्व. श्री नीलेश परतेती एवं आरक्षक श्री चंदू चौधरी का चौपहिया वाहन 27 फरवरी व 28 फरवरी की मध्य रात्रि के बाद लगभग सुबह के 3 से 4 बजे एक ट्रांसफार्मर से टकरा कर लगभग 50 फिट दूरी पर खेत में बने एक कुँए में गिरने के पश्चात वाहन में बैठे छपारा थाना प्रभारी व आरक्षक की पुलिस के जाबांज जवानों की आकस्मिक निधन हो गया था। 

उनकी आखों में भी आँसू थे, जिन्होंने अपने थाना के 2 जवानों को एक साथ खो दिया


मातृशक्ति संगठन देश भक्ति की अलख जगाने साथ-साथ देश की व आंतरिक सुरक्षा के लिये तैनात सेना व पुलिस के जवानों के शहीद होने या दु:खद घटना के बाद निधन होने पर जहां तक उनके घरों पर पहुंचने का प्रयास हो सकता है तो वहां पर पहुंचकर उनके परिजनों को दु:ख व संकट को सहनशक्ति को बांटने के लिये मातृशक्ति संगठन जरूर पहुंचता है। वहीं छपारा थाना में पदस्थ रहे थाना प्रभारी व आरक्षक के साथ घटना के बाद मातृशक्ति संगठन द्वारा पुलिस थाना छपारा पहुंचकर स्व श्री नीलेश परतेती व स्व श्री चंदू चौधरी दोनों जवानों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की गई। छपारा पुलिस थाना में स्टाफ के समक्ष श्रद्धांजलि अर्पित करते समय पुलिस थाना में मौजूद स्टाफ के जवानों की आखों में भी आँसू थे, जिन्होंने अपने थाना के 2 जवानों को एक साथ खो दिया है। 

गुड़िया चाहे मत लाना पापा जल्दी आ जाना


मातृ शक्ति संगठन का मन था कि आखिर ऐसा कुँआ है कहाँ ? जो रोड के इतने किनारे है जहां पर चौपहिया वाहन ही समा गया। उस कुँए को देखने के लिये भी मातृ शक्ति संगठन पौड़ी गाँव भी गया और कुँए को देखकर ये तो समझ में आ गया कि इस तरह के कुँए कितनी बड़ी-बड़ी घटनाओं को अंजाम दे सकते हैं। काश इस कुँए पर एक जाल डला होता या एक थोड़ी ऊंची पार बनी होती तो दोनो जवानों का जीवन बच जाता और फिर ये कहावत भी सच होती की पापा जल्दी आ जाना, गुड़िया चाहे मत लाना। 

कई बार हमारी गैर जिम्मेदारी से छिन जाता है परिवार का सहारा 

मातृ शक्ति संगठन ने 2 जवानों के आकस्मिक व इस तरह की घटना पर दु:खद निधन पर ये चिंतन के साथ सवाल भी उठाये कि आखिर जिम्मेदारी अपनी कहाँ है, ये तो सब सरकार शासन, प्रसाशन, नेता ही करेंगे क्योंकि हम सब तो इस देश के गैर जिम्मेदार नागरिक हैं। आखिर इस तरह की गैर जिम्मेदारी से कब तक इस प्रकार की घटनाएं घटित होती रहेगीं और हम सब देखते रहेंगे अर्थात यह है कि हम अपनी जिम्मेदारी को समझे इस तरह की लापरवाही व गैर जिम्मेदारी किसी के परिवार मुखिया को छीन लेता है तो वह परिवार बेसहारा हो जाता है और परिवार बिखर जाता है। इसके साथ ही अंत में मातृ शक्ति संगठन ने यह संदेश दिया कि अपने छोटे-छोटे बच्चों को छोड़कर इस दुनियां से अलविदा कह गए दोनों जवानों के परिवारों के साथ मातृ शक्ति संगठन सदैव खड़ा है।

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