Monday, May 10, 2021

नवजात शिशुओं व बच्चों के संक्रमित होने की संभावना, कोरोना की तीसरी लहर की तैयारी की रूपरेखा तय

नवजात शिशुओं व बच्चों के संक्रमित होने की संभावना, कोरोना की तीसरी लहर की तैयारी की रूपरेखा तय

बच्चों के उपचार के लिये दवायें और इंजेक्शन उपलब्ध होंगे


भोपाल। गोंडवाना समय। 

कोरोना महामारी की दूसरी लहर के प्रभाव को देखते हुये मध्य मध्य प्रदेश में तीसरी लहर के आने के पहले तैयारी की जा रही है। इसके लिये मध्य प्रदेश की मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने बीत दिवस ही कहा था कि कोरोना की तीसरी लहर के लिये विशेषज्ञों से विचार विमर्श कर अभी तैयारी से प्रारंभ करे।
        


 इसी के तहत मध्य प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री विश्वास सारंग ने रविवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के 13 शासकीय मेडिकल कॉलेज एवं उनके कोविड अस्पतालों के चिकित्सकों एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों के साथ मंथन एवं विमर्श कर कोरोना की तीसरी लहर की रोकथाम एवं उपचार के विभिन्न आयामों पर विस्तृत चर्चा की।

बच्चों के लिये आई सीयू वाले 360 बिस्तर की होगी स्थापना


कोरोना की तीसरी लहर में नवजात शिशुओं एवं बच्चों के संक्रमित होने की संभावना को देखते हुये प्रदेश के मेडिकल कॉलेज के अस्पतालों में 360 बिस्तर के बच्चों के आईसीयू की व्यवस्था की जा रही है।
        

इसी कड़ी में भोपाल के हमीदिया अस्पताल में 50 बिस्तर का बच्चों का आईसीयू तैयार किया जाएगा। मंत्री ने कोरोना संक्रमण में नवजात शिशु एवं बच्चों के उपचार के लिए आवश्यक दवायें, इंजेक्शन, कंज्यूमेंबल्स आदि की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

1000 आॅक्सीजन कंसंट्रेटर होंगे स्थापित

प्रदेश के 13 मेडिकल कॉलेज के अस्पतालों में 1000 आॅक्सीजन कंसंट्रेटर स्थापित किए जाएंगे। कार्य-योजना यह है कि 1000 आॅक्सीजन कंसंट्रेटर में से 15% का बैकअप रखते हुए 850 आॅक्सीजन बेड को सेंट्रल आॅक्सीजन सप्लाई से पृथक करते हुए आॅक्सीजन कंसंट्रेटर के माध्यम से संचालित किया जाएगा। 

पॉवर लोड, इलेक्ट्रिक सेफ्टी एवं आॅडिट करने के दिये निर्देश

मंत्री श्री सारंग द्वारा आॅक्सीजन कंसंट्रेटर के 24 घंटे संचालित करने हेतु अस्पताल में बिजली के विद्युत भार का आकलन, इलेक्ट्रिक सेफ्टी एवं आॅडिट, प्रत्येक बेड पर पवार प्लग कनेक्शन आदि की व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त करने हेतु सभी डीन को निर्देश दिए गए।  

प्रथम चरण में 1267 बेड की होगी वृद्धि जिसमें 767 होंगे कउव बेड

कोरोना की संभावित तीसरी लहर में कोविड मरीजों की संख्या में वृद्धि की पूर्व तैयारी हेतु प्रदेश के मेडिकल कॉलेज के कोविड अस्पतालों की वर्तमान अधोसंरचना में ही आॅक्सीजन बेड तथा आईसीयू/ एचडीयू बेड की वृद्धि किए जाने के निर्देश दिये। वर्तमान में प्रदेश के 13 मेडिकल कॉलेज के अस्पतालों में प्रथम चरण में 1267 बेड की वृद्धि की जाएगी, जिसमे 767  आईसीयू/ एचडीयू बेड होंगे।  मंत्री श्री सारंग ने उक्त बेड वृद्धि करने पर आवश्यक उपकरण, संयंत्र एवं अन्य सामग्री के तत्काल क्रय कर स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि कोविड बेड वृद्धि हेतु जो भी राशि की आवश्यकता होगी वह सभी मेडिकल कॉलेजों को उपलब्ध कराई जाएगी।

वी सी की बैठक में ये रहे मौजूद 

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई इस बैठक में अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य श्री मोहम्मद सुलेमान, आयुक्त चिकित्सा शिक्षा श्री निशांत वरवड़े, प्रबंध संचालक मेडिकल कारपोरेशन श्री जे. विजयकुमार, संचालक चिकित्सा शिक्षा डॉ. उल्का श्रीवास्तव, संबंधित मेडिकल कॉलेज के अध्यक्ष एवं संभागायुक्त, 13 मेडिकल कॉलेज के डीन तथा अस्पतालों के अधीक्षक उपस्थित थे।

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