Saturday, July 10, 2021

गोंडी चित्रकला के लिये तेलंगाना राज्य सरकार ने राजेश्वर मड़ावी को ट्राइबल आर्टिस्ट के सम्मान से किया है सम्मानित

गोंडी चित्रकला के लिये तेलंगाना राज्य सरकार ने राजेश्वर मड़ावी को ट्राइबल आर्टिस्ट के सम्मान से किया है सम्मानित 


तेलंगाना संवादाता, रमेश घोड़ाम
तेलंगाना। गोंडवाना समय। 

राजेश्वर मड़ावी जो कि गोंडी चित्र कला के दीवाने है उनके हाथ जब गोंडी चित्रकला के लिये दीवारों पर या कागजों पर चलते है तो बनने वाली सुंदर मनमोहक पेंटिंग को देखने वाले पेंटिंग के सामने अपने आप को रोकने और ठहरकर देखने के लिये मजबूर हो जाते है। 

गोंडी चित्रकला को सिखाने दे रहे प्रशिक्षण 


हम आपको बता दे कि राजेश्वर मड़ावी ने जव्हार लाल निहारु फाइन आर्ट्स और आर्किटेक्चर यूनिवर्सिटी आॅफ हैदराबाद से इऋअ बैचलर आॅफ फाइन आर्ट्स का प्रशिक्ष लिय है।

राजेश्वर मड़ावी आदिवासी युवा कलाकार के रूप में अपनी अलग ही पहचान बनाये हुये है। राजेश्वर मड़ावी गोंडी चित्रकारी के क्षेत्र में तेलंगाना राज्य की शान है।

वहीं राजेश्वर मड़ावी का नाम सुनते ही हाईस्कूल के आदिवासी बच्चों के चेहरे पर मुस्कान उमड़ आती है। राजेश्वर मड़ावी बड़े हो या छोटे सब के साथ घुलमिलकर कर रहते है और अपनी कला को वह सभी को सिखाने की कोशिश में लगे रहते है।

राजेश्वर मड़ावी को गोंडी चित्रकारी के कारण उन्हें तेलंगाना राज्य सरकार ने राजेश्वर मड़ावी को ट्राइबल आर्टिस्ट अथवा आर्ट्स के सम्मान से सम्मानित किया है। 

बचपन में बैल जोड़ के सींग रंगने व दीवारों में बनाते थे चित्र 


राजेश्वर मड़ावी आदिवासी युवा छात्र है। जो कि छोटे ये गाँव राशि मेटा, तहसील जैनूर, जिल्हा कुमारामभीम के निवासी है। वहीं राजेश्वर के माता पिता मड़ावी रामु मोथी भाई सामान्य और किसान परिवार से है। परिवार में 6 भाई बहन है। राजेश्वर को बचपन से ही रंगों का बहुत शौक था। वह रंग मिलते ही, घर के द्वार और पोला के दिन अपने बैल जौड़ी के सींगो को रंगने का कार्य बड़े ही लगनशीलता के साथ करते थे। वहीं दीवारों पर चित्र बनाने का कार्य भी वह पूरी लगनता के साथ करते थे। 

माता-परिवार, शिक्षकों ने किया प्रोत्साहित 


बचपन में रंगों के माध्यम से पेंटिंग करते देख राजेश्वर मड़ावी का उत्साहवर्धन करते थे। इसके साथ ही माता पिता परिवार ने राजेश्वर मड़ावी को चित्रकला के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिये प्रोसाहित किया। इसके साथ ही स्कूल में भी राजेश्वर मड़ावी को चित्रकला के क्षेत्र में प्रयास कर आगे बढ़ने के लिये शिक्षकों के द्वारा प्रेरित किया गया। यही कारण रहा  कि तेलंगाना राज्य में आदिवासी युवा कलाकार राजेश्वर मड़ावी की मेहनत रंग लाई।

राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय स्तर पर गोल्ड मैडल से भी सम्मानित हुये राजेश्वर मड़ावी 


राजेश्वर मड़ावी तेलंगाना राज्य में गोंडी चित्रकला के क्षेत्र के साथ चित्रकला के क्षेत्र में पहचान को मोहताज नहीं है। राजेश्वर मड़ावी की पेंटिंग आॅन लॉइन से लोग खरीदने लगे है।

बचपन से रंगों के साथ खेल खेल में आकर्षक, मनमोहक पेंटिंग बनाने वाले राजेश्वर मड़ावी के प्रतिभा को देखकर तेलंगाना सरकार ने उसे कुमारभीम अवार्ड से सम्मानित करने के साथ ही और ट्राइबल आर्टिस्ट /आर्ट्स का किताब भी दिया गया है। चित्रकला क्षेत्र में राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय स्तर पर गोल्ड मैडल से भी राजेश्वर मड़ावी सम्मानित हुये है। 

आदिवासी संस्कृति को चित्रकला के माध्यम से संरक्षित कर रहे राजेश्वर मड़ावी 


तेलंगाना राज्य में राजेश्वर मड़ावी ने गोंडी चित्र कला को नई पहचान दी और आदिवासी संस्कृति को नई युवा पीढ़ी तक पहुंचाकर उनके लिये प्रेरणास्त्रोत बन गये है। गोंडी चित्रकला के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ते हुये सम्मान प्राप्त करने से तेलंगाना राज्य के समस्त आदिवासी समाज द्वारा राजश्ेवर मड़ावी को हमेशा सम्मान के साथ बधाई व शुभकानाये दी जाती है। 

1 comment:

  1. Jay seva jay gondwana dadal imma Velle chakot banekittur painting 👍👌💐

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