Friday, September 10, 2021

आदिवासी क्षेत्रों में जर्जर स्कूल भवन बता रहे शिवराज सरकार की शैक्षणिक सुविधा की हकीकत

आदिवासी क्षेत्रों में जर्जर स्कूल भवन बता रहे शिवराज सरकार की शैक्षणिक सुविधा की हकीकत

शिकायत के बाद भी शिक्षा विभाग ने नहीं लिया संज्ञान, जर्जर शाला भवन दे रहा मौत को आमंत्रण 

आदिवासियों के नाम करोड़ों अरबों का बजट होता है स्वीकृत नतीजा शून्य की स्थिति में है 


नारायणगंज/मंडला। गोंडवाना समय।

जनपद पंचायत नारायणगंज के ग्राम पंचायत मैली के ग्राम बाबा देवरी में संचालित नवीन प्राथमिक शाला बाबादेवरी जन शिक्षा केंद्र नारायणगंज संकुल केंद्र बम्हनी भावल के अंतर्गत सचालित है। माध्यमिक शाला भवन की स्थिति देख कर लगता है मानो वह मौत का आमंत्रण देने का संदेश दे रहा है।


जहां पर कभी भी किसी प्रकार की अनहोनी हो सकती है। वहीं जनजाति बाहुल्य क्षेत्रों में जर्जर स्कूल भवन केंद्र व प्रदेश सरकार की शैक्षणिक सुविधा के साथ आदिवासी वर्ग के कल्याण विकास हेतु स्वीकृत किये जाने वाले करोड़ों अरबों रूपये के बजट की हकीकत भी बया करते हुये बता रहे है कि धरातल पर सरकार की स्थिति शून्य है। 

दीवाल टूटकर अंदर ही गिर चुकी है


जर्जर स्कूल भवन की समस्या को लेकर शाला प्रबंधन समिति और वर्तमान शिक्षक द्वारा शिक्षा विभाग को विगत 2 सालों से लिखित व मौखिक में सूचना दे रहे हैं। इसके बाद भी आज दिनांक तक इस भवन में शिक्षा विभाग से संबंधित एक भी अधिकारी द्वारा विजिट नहीं किया गया है। स्कूल भवन पूरी तरह से जर्जर हो चुका है। अंदर के तीनों कमरे की दीवारों में निशान के साथ-साथ आधा दीवाल टूटकर अंदर ही गिर चुकी है। इसके बाद भी शिक्षा विभाग मरम्मत के नाम पर केवल कागजों में ही खाना पूर्ति कर रहा है। 

जर्जर स्कूल की समस्याओं को संज्ञान में नहीं लेना निदंनीय 


शाला प्रबंधन समिति अध्यक्ष अजय सिंगरौर ने बताया कि इस संबंध में हम जिला कलेक्टर तक को सूचित कर चुके हैं परंतु आज दिनांक तक शिक्षा विभाग यदि जिला प्रशासन की एक भी अधिकारी स्कूल में नहीं पहुंचे है। समस्या हमें हो रही है क्योंकि हमारे गांव के बच्चे और हमारे स्वयं के बच्चे इस शाला में पढ़ रहे हैं। शिक्षा विभाग में करोड़ों की राशि मरम्म्त के नाम पर आती है परंतु हमारे ग्राम कि शाला को आज भी शिक्षा विभाग द्वारा उपेक्षित किया गया है। जनपद पंचायत शिक्षा सभापति इंजीनियर भूपेंद्र वरकड़े ने विभाग पर निशाना साधते हुए कहा कि विभाग संज्ञान में ले इसके लिये हमने इसके बारे में पूर्व में भी जनपद पंचायत के माध्यम से जिला तक इसकी जानकारी पहुंचाते हैं परंतु उसके बाद भी हमारे आवेदनों को संज्ञान नहीं लिया गया यह एक निंदनीय है

क्योंकि हम अपने बच्चों को मरने नहीं पढ़ने पहुंचाते हैं

मौके पर पहुंचकर देखने और उसके बाद ग्रामीणों से संपर्क करने पर पता चला कि है कि भवन कभी भी गिर सकता है। इसीलिए साला में पड़े शासकीय सामग्री को भी दूसरे घर पर रखवा दिया गया है। शाला प्रबंधन समिति के द्वारा वर्तमान में लेखा-जोखा का कार वर्तमान शिक्षक द्वारा उसी घर में किया जाता है। वर्तमान में शिक्षा विभाग कोरोना गाइडलाइन के अनुसार पहली से आठवीं तक के बच्चों को मोहल्ले पाठशाला के माध्यम से उन्हें वही पढ़ाया जाता है पर बच्चों की स्थिति यह है कि अब पढ़े तो पढ़े कहां अगर वर्तमान में सरकार ने स्कूल खोलने के आदेश भी दे देते हैं परंतु भवन जर्जर स्थिति में है। ग्रामीणों ने बताया कि हम भी नहीं चाहते कि बच्चे हमारे उस स्कूल पर पढ़ने जाएं क्योंकि हम अपने बच्चों को मरने नहीं पढ़ने पहुंचाते हैं।

शाला प्रबंधन समिति एवं ग्राम वासियों द्वारा सैकड़ों बार किया गया शिकायत

ग्राम वासियों और शाला प्रबंधन समिति ग्राम बाबा देवरी द्वारा बताएं कि हमारे पास 1 दर्जन से अधिक आवेदन है। शिक्षा विभाग से लेकर जिला कलेक्टर तक हमने इसकी जानकारी दिए और मौखिक रूप में भी उन्होंने हम अवगत कराएं किए स्थिति हमारे वर्तमान शाला भवन पर है परंतु आज दिनांक तक किसी प्रकार की इन आवेदनों के आधार पर भी निरीक्षण नहीं किया गया ना ही मौके पर आकर उसकी जायजा लिया गया है। हम आप अंतिम बार आवेदन निवेदन कर रहे हैं इसके बाद हम स्वयं अगर किसी प्रकार की नहीं होती तो किसी भी प्रकार की बड़ा आंदोलन करेंगे।

शाला पहुंचने रास्ता के साथ बाऊंड्रीवाल की समस्या 


नवीन प्राथमिक शाला बाबा देवरी में जगराओं के ग्राम के अंदर शाला तक पहुंचने के लिए रास्ता तक नहीं है। तालाब की मेन से ही शाला पहुंचने का रास्ता है और शाला प्रबंधन समिति ने बताया कि हमने बाउंड्री वाल के बारे में भी संबंधित विभाग को लिखित में शिकायत किए परंतु विभाग द्वारा आज तक इस पर किसी प्रकार की जानकारी हमें उपलब्ध नहीं कराई गई है जिसके चलते हमें कई प्रकार के व्यवधान उत्पन्न हो रहे है। 

ब्लास्टिंग से हुआ था भवन क्षतिग्रस्त

शाला प्रबंधन समिति द्वारा बताया कि यह भवन पहले ठीक था परंतु जब से नेशनल हाईवे के निर्माण कार्य चालू हुआ और पास में ही एक क्रेशर संचालित है। दोनों के द्वारा समय-समय पर चट्टानों को तोड़ने की मंशा से अवैध तरीके से ब्लास्टिंग किया गया। जिसकी वजह से यह भवन हमारा क्षतिग्रस्त हो गया है और यह स्थिति बन गई है। यह भवन कभी भी मौत का पैगाम देकर हमारे बीच पहुंच सकती है। इस भवन की स्थिति ऐसी हो चुकी है हमने इसको लेकर भी संबंधित कलेक्टर को सूचना दिए थे परंतु उन्होंने आवेदनों को संज्ञान में नहीं लिया गया था जिसकी वजह से ही आज हमारा भवन यह जर्जर स्थिति में है

जिम्मेदारों को कहा है, इन व्यवस्थाओ पर ध्यान दें-डॉ अशोक मर्सकोले

वहीं श्री अजय सिंगरौली शाला प्रबंधन समिति अध्यक्ष का कहना है कि अगर स्कूल चालू भी होता है तो हम अपने बच्चों को पढ़ने के लिए इस स्कूल पर नहीं पहुंचाएंगे सरकार या तो इसको सुधार दे या तो वह स्वयं गिरवा दे हम अपने बच्चों को शाला नहीं पहुंचाएंगे। वहीं इंजीनियर भूपेंद्र वरकडे, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष नारायणगंज ने कहा कि हमने पूर्व में भी इसकी शिकायत जिला तक पहुंचाई थी परंतु विभाग द्वारा आज तक इनकी संज्ञान में नहीं लिया गया है प्रशासन जल्द संज्ञान में ले। वहीं डॉ अशोक मर्सकोले विधायक निवास विधानसभा क्षेत्र ने कहा कि विभाग लाख सफाई देने की कोशिश कर रहा है कि कोरोना कॉल में मोहल्ला क्लास हो या स्कूल जाने का हो या बेसिक स्कूल मेंटेनेन्स हो, पूरी स्कूली व्यवस्था इस स्कूल बिल्डिंग जैसी है, जिम्मेदारों को कहा है, इन व्यवस्थाओ पर ध्यान दें।


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