Monday, December 13, 2021

रोटी- बेटी और संस्कृति की रक्षा समाज के लिए है बड़ी चुनौती-आर एन ध्रुव

रोटी- बेटी और संस्कृति की रक्षा समाज के लिए है बड़ी चुनौती-आर एन ध्रुव

संगठित होकर समाज विकास के लिए सत्ता में भागीदार बनना है


छत्तीसगढ़। गोंडवाना समय।

गोंड समाज जवरगांव मुडाक्षेत्र द्वारा मथुराडीह में शहीद वीर नारायण सिंह शहादत दिवस मनाया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जीवराखन लाल मरई जिलाध्यक्ष सर्व आदिवासी समाज, अध्यक्षता जयपाल सिंह ठाकुर तहसील अध्यक्ष गोंड समाज, विशिष्ट अतिथि सरजू राम ठाकुर, आर एन ध्रुव प्रांताध्यक्ष अनुसूचित जनजाति शासकीय सेवक विकास संघ छत्तीसगढ़, ए आर ध्रुव, गोकुल ठाकुर, मानसाय मंडावी, केवल ध्रुव, हरि ठाकुर, राघव ठाकुर, कल्याण ठाकुर, दुर्जन ठाकुर, गणपत मंडावी, रोहित नेताम, रामसाय नेताम, सीताराम नेताम, नारद नेताम ,तिजेंद्र कुंजाम, हितेश नेताम, भीमसेन नेताम ,भूषण उइके की उपस्थिति में संपन्न हुआ। 

शोषण, अन्याय, अत्याचार के खिलाफ एकजुट होकर आगे बढ़ना है-जीवराखन लाल मरई 


इस अवसर पर आंगा देव, डांग ,मडई ,गोंडी नृत्य करते हुए बाजाझ्रगाजा के साथ कलश यात्रा गोंडवाना भवन अछोटा से नगरी सिहावा मुख्य मार्ग होते हुए भोयना से होकर मथुरा डीह बूढ़ादेव मंदिर प्रांगण तक विराट रैली निकाली गई तत्पश्चात स्वागत उद्बोधन किया गया। इस अवसर पर अपने विचार रखते हुए मुख्य अतिथि श्री जीवराखन लाल मरई ने कहा की हम सबको शहीद वीर नारायण सिंह जी के बताए हुए रास्ते पर चलकर शोषण, अन्याय, अत्याचार के खिलाफ एकजुट होकर आगे बढ़ना है। 

देश की आजादी के लिए सबसे ज्यादा योगदान आदिवासियों का ही रहा है


प्रांताध्यक्ष आर एन ध्रुव ने कहा कि देश की आजादी के लिए सबसे ज्यादा योगदान आदिवासियों का ही रहा है। ये बात अलग है की कईयों को इतिहास में जगह नहीं मिली। जल- जंगल- जमीन- जनता की रक्षा हेतु शहीद वीर नारायण सिंह ने अंग्रेजों के छक्के छुड़ा दिए थे। आज हम सब इन वीर शहीदों के बलिदान के फल स्वरुप आजादी की स्वच्छंद वातावरण में जीवन जी रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में लड़ाई की परिभाषा बदल गई है। अब हम सबको शिक्षा रूपी अस्त्र को अपनाकर लोकतांत्रिक व्यवस्था में संगठित होकर समाज विकास के लिए सत्ता में भागीदार बनना है। वर्तमान समय में जिस तेजी से आदिवासी समाज के जल-जंगल-जमीन को हथियाने का षड्यंत्र चल रहा है। ऐसे समय में रोटी-बेटी और संस्कृति की रक्षा समाज के लिए बड़ी चुनौती है। 

No comments:

Post a Comment

Translate