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लोकायुक्त की कार्यवाही से संभागीय उपायुक्त आदिवासी विकास जबलपुर में भ्रष्टाचार की खुली परत

लोकायुक्त की कार्यवाही से संभागीय उपायुक्त आदिवासी विकास जबलपुर में भ्रष्टाचार की खुली परत 

मेहनत करने के बाद रोजगार पाने वाले से नियुक्ति आदेश के लिये मांग रहे थे रिश्वत 


जबलपुर। गोंडवाना समय।

पहले मेहनत करके पढ़ाई किया फिर रोजगार के लिये मशक्कत किया परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद नियुक्ति के लिये रिश्वत देने के लिये मजबूर किया गया। भ्रष्टाचार की व्यवस्था का संचालन का खुलासा संभागीय उपायुक्त कार्यालय आदिवासी विकास जबलपुर में सहायक ग्रेड 3 के पद पर पदस्थ कंप्यूटर आॅपरेटर मनीष परते ने किया है। 

नियुक्ति के आदेश जारी करने के एवज में 5000 रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया

लोकायुक्त पुलिस के हत्थे 22 फरवरी को कार्यालय संभागीय उपाययुक्त आदिवासी विकास जबलपुर में भी भ्रष्टाचार की परत दर परत का खुलासा हुआ है। आवेदक पवन झारिया पिता श्री इंद्र कुमार झारिया उम्र 33 साल निवासी टिकरिया  तहसील नारायणगंज जिला मंडला से आरोपी मनीष परते पिता रेवाराम परते उम्र 44 साल सहायक ग्रेड 3 कंप्यूटर आॅपरेटर कार्यालय संभागीय उपायुक्त आदिवासी विकास जबलपुर  में 22 फरवरी 2022 को कार्यालय संभागीय उपायुक्त आदिवासी विकास जबलपुर में व्यापम के माध्यम से शिक्षक वर्ग 2 में चयन होने पर नियुक्ति के आदेश जारी करने के एवज में 5000 रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया है। 


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