Wednesday, April 6, 2022

गोंड़ समाज में फिजूल खर्ची एवं दिखावा को किया प्रतिबंधित, मूल रीति-रिवाज एवं संस्कृति को संरक्षित करने का लिया गया निर्णय

गोंड़ समाज में फिजूल खर्ची एवं दिखावा को किया प्रतिबंधित, मूल रीति-रिवाज एवं संस्कृति को संरक्षित करने का लिया गया निर्णय

महाराष्ट्र के गोटानपार में हुआ तीन दिवसीय भव्य  गोंड़ महासभा सम्मेलन


दुर्गाप्रसाद ठाकुर, प्रदेश संवाददाता।
राजनांदगांव/छत्तीसगढ़। गोंडवाना समय।

अति प्राचीन एवं गौरवशाली मूल गोंड़ी रीति-रिवाजों एवं गोंड़ी संस्कृति को बचाने में  कामयाब एवं सम-विषम के व्यावस्था पर चलने वाले भारत का गोंड़ महासभा मोहला का पांच वर्षीय तीन दिवसीय भव्य गोंड महासभा सम्मेलन  महाराष्ट्र के गोंदिया जिला अंतर्गत सामाजिक ब्लाक ईस्तारी(चिचगढ़) के ग्राम गोटानपार(कोकड़ी)में आंगापेन सेवा अर्जी एवं  रंगारंग व मनमोहक  हुल्की-रेला-मादर नृत्य प्रस्तुति के साथ सम्पन्न हुआ। प्रथम दिवस उदघाटन समारोह के मुख्य अतिथि श्री मांझी अंतराष्ट्रीय समाजवाद आदिवासी किसान सैनिक संस्था नई दिल्ली एवं मां दंतेवाड़ीन सेवा समिति के अध्यक्ष राजमाता फुलवादेवी कांगे रही,अध्यक्षता गोंड़ महासभा के अध्यक्ष नरेन्द्र नेताम ने किया। विशेष अतिथि खुज्जी के विधायक छन्नी चन्दू साहू, गोंदिया के डिप्टी सीईओ राजकुमार पुराम, पूर्व महासभा अध्यक्ष द्वय सुरेश दुग्गा एवं जगत सलामें रहे।

द्वितीय, तृतीय दिवस कार्यक्रम में ये रहे मौजूद    


द्वितीय दिवस नियमावली संशोधन सभा की अध्यक्षता महासभा अध्यक्ष नरेन्द्र नेताम एवं संचालन मोहला ब्लाक अध्यक्ष रमेश हिड़ामे ने किया। तृतीय दिवस एवं समापन समारोह के अध्यक्षता आमगांव-देवरी के आमदार सहषराम कोरोटे ने किया विशेष अतिथि आमगांव-देवरी के माझी आमदार संजय भाऊ पुराम, गढ़चिरौली के माझी आमदार डॉ. नामदेव उसेण्डी गोंदिया के डिप्टी सीईओ राजकुमार पुराम, जिला कांग्रेस कमेटी गोंदिया के अध्यक्ष नामदेव किरसान डॉ. बागराज ध्रुर्वे एवं पूर्व पंचायत सभापति बसंत राव पुराम थे।

एकजुट होकर अधिकार की प्राप्ति के लिए संघर्ष करना होगा


छुरिया-डोंगरगढ़़ ब्लाक के युवाओं ने अध्यक्ष तोमन आचला के नेतृत्व में भव्य मोटरसाइकिल रैली निकाल कर राजमाता फुलवादेवी कांगे का अगुवानी किया। सभा को संबोधित करते हुए उदघाटन समारोह के मुख्य अतिथि राजमाता फुलवादेवी कांगे ने कहा कि विभिन्न टुकड़े में बंटे गोंड़ समाज के लोगों को राष्ट्रीय स्तर पर एकजुट होकर अधिकार की प्राप्ति के लिए संघर्ष करना होगा तथा शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ना होगा। 

गोंड़ समाज की संस्कृति सबसे प्राचीन एवं गौरवशाली है  


वहीं विशेष अतिथि खुज्जी के विधायक छन्नी चन्दू साहू ने कहा कि समाज में व्याप्त बर्तन  टिकने, कपड़ा बांटने एवं कपड़ा ओढ़ाने के फिजूलखर्ची एवं दिखावा को बंद करना चाहिए। अध्यक्षीय उदबोधन में नरेन्द्र नेताम ने गोंड़ समाज के लोगों को सामाजिक एवं सांस्कृतिक एकता को बनाए रखने का आव्हान किया। समापन समारोह के मुख्य अतिथि एवं आमगांव-देवरी के आमदार सहषराम कोरोटे ने कहा कि संस्कृति को बचाने के साथ- साथ आदिवासी समाज को उद्योग एवं व्यापार के क्षेत्र में भी आगे आना होगा। नामदेव उसेण्डी ने कहा कि हमारे गोंड़ समाज की संस्कृति सबसे प्राचीन एवं गौरवशाली है जिसे मिटाने का षडयंत्र किया  जा रहा है श्री उसेण्डी ने  आदिवासियों को  वनवासी बताये जाने का विरोध प्रकट किया। 

गोंडियन संस्कृति को मूल रूप में संरक्षित करने हेतु महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का आव्हान किया      


संजय पुराम ने कहा  कि मूल गोंड़ सत्ता के प्रथम हकदार है लेकिन उन्हें हासिये पर ढकेल दिया गया है। डिप्टी सीईओ  राजकुमार पुराम ने कहा कि इंसान पद,पैसा एवं प्रतिष्ठा के दृष्टिकोण से कितना भी बड़ा हो जाय   लेकिन वह समाज से बड़ा नहीं हो सकता। सभा को विशेष अतिथि नामदेव किरसान, महासभा के महासचिव संजीत ठाकुर, युवा प्रभाग के महासभा अध्यक्ष अंगद सलामें, महासभा के संरक्षक मोहनसिंह हिड़को एवं कर्मचारी प्रकोष्ठ के मोहला ब्लाक अध्यक्ष शिव कलामें ने संबोधित कर लोगों को प्राचीन एवं गौरवशाली गोंडियन संस्कृति को मूल रूप में संरक्षित करने हेतु महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का आव्हान किया। 

कलाकारों ने मनमोहक हुल्की-रेला-मांदरी नृत्य प्रस्तुत कर कार्यक्रम में समां बांधे रखा    


उदघाटन एवं समापन समारोह में स्वागत भाषण ईस्तारी ब्लाक अध्यक्ष बाबूराव हिड़को, प्रभावशाली मंच संचालन छुरिया-डोंगरगढ़़ ब्लाक अध्यक्ष दिनेश कोरेटी दिलेर एवं आभार प्रदर्शन महासभा के कोषाध्यक्ष तुलसी मरकाम एवं संरक्षक मोहनसिंह हिड़को ने किया। सामाजिक नियमावली के संशोधन के तहत समाज में फिजूलखर्ची एवं दिखावा पर रोक लगाने हेतु जन्म,मृत्यु, छट्ठी एवं शादी में बर्तन-कपड़ा भेंट करने, कपड़ा बांटने,डीजे बजाने एवं अन्य सामाजिक कुरीतियों  पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया गया। समाज एवं अंचल के लोगों ने मानपुर ब्लाक एवं दुगूर्कोंदल ब्लाक (बस्तर) से लाये गये आंगा पेन का दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। छुरिया, मानपुर, मोहला एवं कोरची ब्लाक के कलाकारों ने मनमोहक हुल्की-रेला-मांदरी नृत्य प्रस्तुत कर कार्यक्रम में समां बांधे रखा। कार्यक्रम के सफल आयोजन में समस्त पदाधिकारियों एवं सदस्यों का खास योगदान रहा। 

इस अवसर पर ये रहे मौजूद

इस अवसर पर ब्लाक अध्यक्षगण बाबूराव हिड़को, दिनेश कोरेटी, गोविंद टेकाम, रामबिलास घावड़े, अजीत कचलाम, रमेश हिड़ामे, दरोगा नेताम, दिनेश उसेण्डी, रामसू कटेंगा,आत्माराम कौड़ो, महासभा पदाधिकारी गोविंद वाल्को, समरित उसेण्डी, पूणार्नंद नेताम, सुभद्रा नेताम, बिन्दा दुग्गा, इंद्रा मंडावी, उदेसिंह गोटे, संजय ताराम, कुमार कोरेटी, रमेश कोर्राम, धनऊ कड़ियाम, तुकाराम कोर्राम, देवेन्द्र हिड़को, नारद किरंगे, बहोरन सलामें, मन्नेसिंह मंडावी, जगत कोरचे, जागेश्वर उसेण्डी, तोमन आचला, मोहन हिचामी, सखाराम कोरेटी, फगनू कल्लो, मानसाय बोगा, बिसनाथ गोटा, धरमू किरंगे, लालदेव तारम,पुरुषोत्तम मंडावी, गौतरिहा गोटा, राधेलाल आचले, कुंजलाल नरेटी, चम्पाबाई ताराम, सुनंदा नरेटी, कुंती मंडावी, समन उइके, जनाराम काटेंगी, अशोक सलामें, संतराम सलामें, रीना तोप्पा, तेजस्वनी ध्रुर्वे, अंबिका सलामें, अंजना आचले आदि सहित छत्तीसगढ़ एवं महाराष्ट्र के दस ब्लाकों से हजारों लोग उपस्थित थे।

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