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ऐसे व्यक्तियों एवं संघटनो पर सरकार द्वारा कठोर न्यायिक कार्यवाही नहीं की गई तो भविष्य मे अशांति और सम्प्रदायिक संघर्षों को बढावा मिलेगा

ऐसे व्यक्तियों एवं संघटनो पर सरकार द्वारा कठोर न्यायिक कार्यवाही नहीं की गई तो भविष्य मे अशांति और सम्प्रदायिक संघर्षों को बढावा मिलेगा

सिवनी जिले में आदिवासियों के नरसंहार पर दोषियों के विरुद्ध कार्यवाही करने पर जयस बदनावर द्वारा सौपा गया ज्ञापन


बदनावर। गोंडवाना समय।

विगत दिनों सिवनी जिले के कुरई थानांतर्गत ग्राम सिमारिया मे 02 मई 2022 को देर रात भीड़ द्वारा गोमांस के शक में दो आदिवासियों की बर्बरता पूर्ण हत्या करने पर दोषियी को सजा दिलाने हेतु बदनावर जयस द्वारा माननीय राज्यपाल के नाम नायब तहसीलदार बदनावर को ज्ञापन सौपा गया।  जिसमें जयस संघटन द्वारा मांग की गई कि कुछ संगठन विशेष द्वारा न्यायिक प्रक्रिया और संविधान के खिलाफ जाकर केवल शक के आधार पर मारपीट कर माब लीचिंग में 2 निर्दोष आदिवासियों की हत्या कर दी गई। 

न्यायिक जांच कर दोषियों को फांसी की सजा दी जाए


इस प्रकार आदिवासियों की हत्या की मानसिकता और खुद को न्यायालय और संविधान से ऊपर समझने वाले संगठनो के हिंसक उपद्रव में शामिल व्यक्तियों एवं संघटनो पर कठोर कार्यवाही की मांग की गई । यदि ऐसे व्यक्तियों एवं संघटनो पर सरकार द्वारा कठोर न्यायिक कार्यवाही नही की गई तो भविष्य मे अशांति और सम्प्रदायिक संघर्षों को बढावा मिलेगा। आदिवासी समुदाय में व्याप्त आक्रोश को देखते हुए सिवनी जिले के सिमरिया में आदिवासियों की हत्या की घटना की न्यायिक जांच कर दोषियों को फांसी की सजा दी जाए तथा पीडित परिवार को 2-2 करोड का मुवावजा दिया जाए। 

आदिवासी क्षेत्र शांति और सोहार्द पूर्ण वातावरण के लिए जाने जाते है

इसके साथ ही जांच मे यदि किसी भी संगठन और विचारधारा की संलिप्तता के सबूत मिलते है तो संबंधित संगठनों पर प्रतिबंध लगाया जाए। चूंकि आदिवासी क्षेत्र शांति और सोहार्द पूर्ण वातावरण के लिए जाने जाते है। आदिवासी क्षेत्रों में सभी कट्टरपंथी संगठन जो आदिवासी संस्कृति से छेड़छाड़ कर रहे हैं हिंसा फैला रहे हैं उन पर प्रतिबंध लगाया जाए। यदि मांग नही मानी गई एवं दोषियों को फास्टट्रैक कोर्ट के माध्यम से सजा नहीं दी जाती है तो जयस सहित समस्त आदिवासी सामाजिक संगठन  सवैधानिक दायरे में आंदोलन कर सरकार को घेरेंगे। जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी शासन प्रशासन की रहेगी। 

महामहिम राज्यपाल आदिवासियों के संरक्षक भी है और आदिवासी क्षेत्रों के प्रशासक रहते है

चूंकि महामहिम राज्यपाल आदिवासियों के संरक्षक भी है और आदिवासी क्षेत्रों के प्रशासक रहते है तो माननीय महामहिम राज्यपाल मामले में स्वत: संज्ञान लेकर दोषियों को कड़ी सजा दिलाये एवं पीड़ितों को उपरोक्तानुसार मुवावजा दिलाये। ज्ञापन का वाचन बदनावर जयस सचिव श्याम ओसारी ने किया। इस अवसर पर बदनावर जयस कार्यकारिणी के कार्यकारी अध्यक्ष विजय वसुनिया, उपाध्यक्ष विक्रम भाभर, कोषाध्यक्ष रमेश डोडियार, नंदराम वसुनिया, भेरू वानिया, कमलेश, भेरू वसुनिया, प्रभु गिरवाल, कन्हैयालाल मुनिया, दिनेश सोरट, सावरिया निनामा, नीलेश गामड़, लखन निनामा, नंदराम, दिनेश गहलोत, देवराम, शंभूलाल डोडियार, ईश्वर मुनिया, सहित बड़ी संख्या में जयस कार्यकर्ता एवं आदिवासी समुदायजन उपस्थित थे । जानकारी बदनावर जयस अध्यक्ष सन्तोष मुनिया द्वारा दी गई। आभार रमेश डोडियार द्वारा माना।

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