Sunday, December 4, 2022

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को अब इतनी निष्ठुरता और संवेदनहीनता नहीं दिखानी चाहिए

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को अब इतनी निष्ठुरता और संवेदनहीनता नहीं दिखानी चाहिए

अतिथि विद्वानों के 39 दिनों से चल रहे लंबे आंदोलन में सामाजिक संगठन भी समर्थन में उतर आए

ग्वालियर। गोंडवाना समय। 

विगत 39 दिनों से अपनी न्यायिक मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे अतिथि विद्वानों के समर्थन में आज ग्वालियर के फूलबाग चौराहे पर कई सामाजिक संगठन समर्थन देने पहुंचे और कहे कि आपकी मांगे जायज हैं इन मांगों को सरकार को मानना पड़ेगा ।
        


उक्त धरना के संबंध में डॉक्टर सुरजीत सिंह भदोरिया अध्यक्ष एवं डॉ के पी रजक प्रांतीय संयोजक अतिथि विद्वान नियमितीकरण संघर्ष मोर्चा म. प्र. ने संयुक्त रूप से जानकारी देते हुये बताया कि

इस दौरान सामाजिक संगठनों के द्वारा कहा गया कि श्री ज्योतिरा सिंधिया को सामने आना पड़ेगा और मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान को अब इतनी निष्ठुरता और संवेदनहीनता नहीं दिखानी चाहिए। 

जो वादा किया वो निभाना पड़ेगा


सामाजिक संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान और महाराज श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अतिथि विद्वानों के लिए जो वादा किया। जिस प्रकार से सीना चौड़ा करके मीडिया के सामने अपनी आवाज बुलंद की है उसको पूरा करना पड़ेगा। अगर अब वह पूरा करने में लेट लतीफी किए तो हमारा पूरा सामाजिक संगठन अभी फूलबाग चौराहे पर आंदोलन करने को मजबूर होगा। हम अितथि विद्वानों के समर्थन में यहां से लेकर के विधानसभा तक का घेराव करेंगे

कड़ाके की ठंड को लेकर के सरकार को कोषा

अतिथि विद्वानों की इस कड़ाके की ठंड में जो दुर्दशा हो रही है उसको लेकर सामाजिक संगठन के लोगों ने कहा कि सरकार को इतना संवेदनहीन नहीं होना चाहिए। सरकार को यहां अलाव की पूरी व्यवस्था करनी चाहिए जिससे अतिथि विद्वान कम से कम आग ताप कर ही ठंड की रात्रि व्यतीत कर सकें। इस समय जिस प्रकार से ग्वालियर में कड़ाके की ठंड पड़ रही है लोगों की हिम्मत नहीं होती कि वह अपने घरों से निकलकर के बाहर आ जाएं।
            जहां एक कंबल और एक रजाई से काम नहीं चलता घरों के अंदर। वही खुले आसमान के नीचे अतिथि विद्वान अपने पंडाल पर रात्रि व्यतीत कर रहे हैं। अपने जिंदगी की सुरक्षा के लिए सरकार से गुहार लगा रहे हैं। पंडाल में जिस प्रकार से शीत पड़ती है और देखने को मिली तो ऐसा लगा कि सरकार की निष्क्रियता और निर्दयता की पराकाष्ठा हो रही है। दिल दहल गया।

ये लोकतांत्रिक सरकार है या तानाशाह 

आज ग्वालियर के फूलबाग चौराहे पर अतिथि विद्वानों के समर्थन में उतरे सामाजिक संगठनों ने कहा कि यह लोकतांत्रिक सरकार है या तानाशाही सरकार । जुर्म की पराकाष्ठा हो गई ऐसी अमानवीयता और निर्दयता हमने किसी भी लोकतांत्रिक सरकार में नहीं देखा ।
        जो माननीय शिवराज सिंह चौहान जी सीना तानकर के कहते थे कि हम इनके लिए विधानसभा पहले करके सड़कों तक लड़ाई लड़ेंगे प्रशासन सुन लो अगर इनको  हाथ लगा  दिए तो मुझसे बुरा कोई नहीं होगा । टाइगर अभी जिंदा है । क्या इसी प्रकार टाइगर के जिंदा होने की उम्मीद रखते हैं अतिथि विद्वान। 

हमारे अतिथि विद्वान समूह से ऐसा कोई कार्य हो जिससे सरकार को शर्मसार होना पड़े

अतिथि विद्वान नियमितीकरण संघर्ष मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष डॉक्टर सुरजीत सिंह भदौरिया का कहना है कि हम आप सब सामाजिक संगठनों के माध्यम से सरकार तक अपनी बात पहुंचाने का प्रयास करते हैं और आप सबसे निवेदन करते हैं कि आप हमारी बात सरकार तक पहुंचाए क्योंकि उन्होंने जिस प्रकार से आश्वासन देकर के आज तक हमको रखा। अब हमारे सब्र का बांध टूट रहा है। हम नहीं चाहते कि हमारे अतिथि विद्वान समूह से ऐसा कोई कार्य हो जिससे सरकार को शर्मसार होना पड़े।

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