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वीर बाल दिवस अमर और सर्वोच्च बलिदान का स्मृति पर्व हैं

 वीर बाल दिवस अमर और सर्वोच्च बलिदान का स्मृति पर्व हैं

शासकीय महाविद्यालय कुरई में मनाया गया वीर बाल दिवस 

आओ मिलकर वीर बाल दिवस मनाएं,देश की आने वाली पीढ़ी को उनका महत्व समझाएं

अजय नागेश्वर, विशेष संवाददाता

कुरई। गोंडवाना समय।

शासकीय महाविद्यालय कुरई,सिवनी (मप्र) में आजादी के अमृत महोत्सव के परिप्रेक्ष्य में 26 दिसंबर 2022 को वीर बाल दिवस मनाया गया। उच्च शिक्षा विभाग के निदेर्शानुसार महाविद्यालय में दिनांक 23 से 28 दिसम्बर 2022 की अवधि में किसी एक दिन वीर बाल दिवस मनाए जाने के निर्देश दिए गए थे। इसी तारतम्य में स्वामी विवेकानंद कैरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ व राष्ट्रीय सेवा योजना के संयुक्त तत्वावधान में महाविद्यालय में वीर बाल दिवस मनाया गया। इस अवसर पर प्राचार्य बीएस बघेल की उपस्थिति रही। 


आज देश पहला वीर बाल दिवस मना रहा हैं-डॉ कंचनबाला 

कार्यक्रम प्रभारी डॉ कंचनबाला डावर ने कहा की आज देश पहला वीर बाल दिवस मना रहा हैं। सिखों के अंतिम गुरु गोविंद सिंह के पुत्रों के अनुकरणीय साहस की कहानी से देश और दुनिया को अवगत कराने के लिए वीर बाल दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया हैं। 

उनके सर्वोच्च और अप्रतिम बलिदान के सम्मान में वीर बाल दिवस मनाया जा रहा है-प्रो.पवन सोनिक 

इस कार्यक्रम के मुख्य वक्ता और इतिहासविद प्रो.पवन सोनिक ने कहा की दसवें सिख गुरु गोविंद सिंह जी के छोटे पुत्रों साहिबजादा जोरावर सिंह और साहिबजादा फतेहसिंह के 9 साल और 6 साल की छोटी उम्र में सिख पंथ की गरिमा और सम्मान की रक्षा हेतु 26 दिसंबर 1705 को दिए गए उनके सर्वोच्च और अप्रतिम बलिदान के सम्मान में वीर बाल दिवस मनाया जा रहा है। साहिबजादों के साहस और न्याय के संकल्प को श्रद्धांजलि। तीजेश्वरी पारधी ने कहा की वीर बाल दिवस अमर और सर्वोच्च बलिदान का स्मृति पर्व हैं।

इनकी रही उपस्थिति एवं कार्यक्रम को सफल बनाने में इनका रहा योगदान 

कार्यक्रम के दौरान डॉ मधु भदौरिया, प्रो.जयप्रकाश मेरावी,प्रो. योगेश तिवारी , तीजेश्?वरी पारधी की उपस्थिति रही। कार्यक्रम को सफल बनाने में किम्मी पराते, रेहाना खान, मोहिनी बंशकार, शिवानी डहरवाल, पूजा डोंगरे का योगदान रहा।

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