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आदिवासी युवक को भाजपा नेता धनेन्द्र राहंगडाले ने अधमरा करते तक पीटा

आदिवासी युवक को भाजपा नेता धनेन्द्र राहंगडाले ने अधमरा करते तक पीटा 

शिवराज सरकार में बरघाट विधानसभा क्षेत्र में आदिवासियों पर बढ़ रहा अत्याचार 

भाजपा से संरक्षण प्राप्त कुछ संगठन मूकपशु प्रेमियों के द्वारा सिवनी जिले में कुरई थाना अंतर्गत आदिवासी युवकों के हत्याकांड का मामला राष्ट्रीय स्तर का मुद्दा बना था जिसमें प्रदेश भाजपा के शीर्ष नेतृत्वों को सफाई देनी पड़ी थी। वहीं भाजपा के नेता ने मूक पशु द्वारा खेत में खार का नुकसान कर देने पर आदिवासी युवक को गुधल-गुधल कर बेरहमी से मारा पीटा है और सत्ता का नशायुक्त दंबगई का वीडियों भाजपा सरकार व नेताओं की हकीकत बता रहा है। भारतीय जनता पार्टी के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान सरकार के साथ में भारतीय जनता पार्टी संगठन की आंख खोलने के लिये बरघाट विधानसभा क्षेत्र में भाजपा नेता द्वारा आदिवासी युवक के साथ की गई बेरहमी से पिटाई काण्ड काफी है। 


सिवनी। गोंडवाना समय।  

ऐसा लगता है भारतीय जनता पार्टी के राज में शिवराज सरकार ने आदिवासियों की शव यात्रा निकालने का पूरा इंतजाम अपने दो कौड़ी के नेताओं को दे दिया है। जहां एक ओर मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान आदिवासियों के हित के लिए बड़ी-बड़ी बाते करते हैं, वहीं दूसरी ओर भाजपा पार्टी के दो कौड़ी के नेता आदिवासियों के ऊपर अन्याय, अत्याचार कर रहे है।
                


इसके बाद भी भाजपा नेताओं के मुंह में दही जमा हुआ है, वाकई में यदि भाजपा आदिवासियों की हितेषी है, आदिवासियों का शोषण बर्दाश्त नहीं करती है तो धनेंद्र राहंगडाले के खिलाफ भाजपा को मोर्चा खोलना चाहिए। अगर धनेंद्र राहंगडाले भाजपा का नेता है तो उसे पद से हटाना चाहिए और अगर भाजपा का नेता नहीं है तो भाजपा को विज्ञप्ति जारी कर  बताना चाहिए कि धनेंद्र भाजपा का नेता नहीं है क्योंकि अब सत्ता और सरकार का नशा छूटभैया नेताओं के सर चढ़कर बोलने लगा है। अब तो दरीफट्टी उठाने वाले नेता भी अपने आप को दबंग भाजपा नेता बताकर सरेआम गुंडागर्दी करते नजर आ रहे हैं। 

प्रत्यक्षदर्शी बताते हैं कि आदिवासी युवक को इतना मारा कि वह अधमरा हो गया था 


बताया जाता है कि बरघाट क्षेत्र में पोनिया गांव के पूर्व सरपंच धनेंद्र राहंगडाले की गुंडागर्दी इस कदर बढ़ी हुई है कि जिस आदिवासी लड़के के पिता नही है उसका सरेआम गाली गलौज करते हुए जातिसूचक, अपमानजनक शब्द बोलकर बेरहमी से मारपीट किया है।
                बताया जाता है कि धनेंद्र राहंगडाले के द्वारा जातिसूचक अमर्यादित शब्दों का प्रयोग करते हुए परिवार सहित जान से मारने की धमकी भी दी गई है। वायरल वीडियो और फोटो को देख कर ही पता चलता है कि धनेंद्र राहंगडाले ने कितनी बेरहमी से संदीप उईके का मार-मार कर बुरा हाल कर दिया, उसके बदन पर बड़े-बड़े लाल घाव और टूटा हुआ हाथ यह गवाही दे रहा है कि धनेंद्र राहंगडाले ने किस तरह उसे मारा है। प्रत्यक्षदर्शी बताते हैं कि आदिवासी युवक को इतना मारा कि वह अधमरा हो गया था। 

धनेंद्र राहंगडाले के खेत में जानवरों ने खार को नुकसान पहुंचाया तो आदिवासी युवक की किया पिटाई 

बरघाट ब्लॉक के ग्राम पोनिया के आदिवासी युवक संदीप उईके स्वर्गीय-पिता नरेश उईके की सिर्फ इतनी सी गलती हुई कि संदीप उईके के जानवर अपने आपको दबंग कहने वाले धनेंद्र राहंगडाले के खेत में चले गए और जानवरों ने खार को नुकसान पहुंचा दिया।
                इस बात से क्रोधित होकर पूर्व सरपंच भाजपा नेता ने संदीप को पंचायत भवन बुलाकर बीच मैदान में आपत्तिजनक शब्द और जाति सूचक शब्द का इस्तेमाल करते हुए इतना मारा कि पहले एक हाथ तोड़ दिया उसके बाद संदीप उईके को जमीन पर लेटा कर अधमरा होते तक मारा, जिससे पूरा शरीर लाल हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया की अगर कुछ लोग संदीप उईके को नहीं बचाते तो धनेंद्र राहंगडाले शायद आदिवासी युवक संदीप उईके को वहीं मार डालता। 

दबंग भाजपा नेता धनेंद्र राहंगडाले गांव वालों को देख लड़ईया की भांति दुम दबाकर भागा 

जब इस घटना की जानकारी गांव वालो को लगी तो संदीप उईके का परिवार और गांव वालो ने धनेंद्र राहंगडाले के घर का घेराव किया। गांव वालों से काफी देर बहस करने हुए अपनी नेतागिरी भी धनेंद्र राहंगडाले ने दिखाया। कुछ लोगो को फोन लगाकर ग्रामीणों पर दबाव बनाने की कोशिश भी किया लेकिन बाद में जब गांव वाले आक्रोशित होने लगे तो धनेन्द्र राहंगडाले लड़ईया माफिक दुम दबाकर भाग गया ।

आदतन अपराधी है धनेंद्र राहंगडाले और उसका भाई 

ग्राम के लोगों के द्वारा बताया गया कि धनेंद्र राहंगडाले/पिता श्री कोमल राहंगडाले और उसका भाई संजू संजय राहंगडाले ये दोनों भाई आदतन अपराधी है। पूर्व में भी इनके द्वारा गांव में बहुत मारपीट व लड़ाई झगड़े किए गए हैं जिसके मामले बरघाट पुलिस थाने में दर्ज हैं और कई लोगों ने तो इनके डर के कारण पुलिस थाने में रिपोर्ट तक नहीं लिखवाई है क्योंकि धनेंद्र राहंगडाले और संजू संजय राहंगडाले दोनों भाई भारतीय जनता पार्टी के ग्राम और क्षेत्र के सर्वेसर्वा नेता अपने आपको बताते हैं और भाजपा के छुटभैया नेता होने का बड़ा फायदा यह लोग लगातार उठा रहे हैं। 

संदीप उईके आदिवासी होने का दंश झेल रहा है या जानवर के द्वारा नुकसान करने का ? 

भाजपा नेता और उससे संबंधित रखने वाले कुछ संगठनों के पदाधिकारियों के द्वारा अपने रसूख और अपने पद का दुरुपयोग कर पूर्व में भी कुरई क्षेत्र में आदिवासी युवाओं की हत्या के मामले में तार जुड़े होने की बात सामने आई थी और कुरई हत्याकांड राष्ट्रीय स्तर पर मुद्दा बना था।
                 वहीं अब सरेआम हाथ पैर तोड़ते तक, अधमरा-शरीर सुजाते तक मारना, आखिर कहां तक सही है? इस पूरी घटना से आदिवासी समाज एवं अन्य समाज में भी रोष व्याप्त है और सभी ने कड़ी से कड़ी कार्रवाई के लिए प्रशासन से निवेदन किया है। वहीं सवाल यह उठता होता है कि महज जानवर के द्वारा जरा सी नुकसानी करने पर जल्लादों की तरह इतना मारना यह बात हजम नहीं होती है।
            कहीं ऐसा तो नहीं एक ओर भाजपा आदिवासियों के हितों के लिए बड़ी-बड़ी बातें करती है वहीं दूसरी ओर भाजपा के नेता अपने रसूख और अपने माई बाप के नाम के सहारे आदिवासियों को गुधल-गुधल कर मार रहे है। कहीं संदीप को आदिवासी होने की सजा तो नहीं मिल रही है ?
              या फिर वाकई जानवर के द्वारा नुकसानी करने पर उसे सजा दी गई है तो सजा देने का काम कानून का है, धनेंद्र को क्या भाजपा के नेताओं ने दंड नायक नियुक्त कर रखा है ? या फिर ऐसी छूट दी गई है कि आदिवासियों को मरते तक मारो और उसके बाद सत्ता सरकार के नुमाइंदे ऐसे जल्लादों को बचा कर ले आएं और अच्छे पद से नवाजे, बहरहाल मामला पुलिस थाने तक जा चुका है।
        अब देखना यह है पुलिस विभाग आदिवासी युवक की सुनवाई कर उसे न्याय दिलाने में अपना कर्तव्य निभाती है या फिर अन्याय, अत्याचार, मारपीट करने वाले धनेन्द्र राहंगडाले भाजपा नेता को बचाने में अपनी भूमिका निभाती है।


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